Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    America और Iran के बीच डील करीब-करीब पक्की, Donald Trump जल्द कर सकते हैं बड़ा ऐलान

    1 hour ago

    1

    0

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए शनिवार को कहा कि ईरान के साथ डील करीब-करीब पक्की हो गई है और इसके बारे में वह जल्द ही घोषणा करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि इस समझौते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खोला जाना भी शामिल है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।इस बीच, न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। ट्रंप के बयान और मीडिया रिपोर्टों से डील होने के संकेत तो मिल रहे हैं, लेकिन कई मुद्दों पर अभी स्थिति साफ नहीं है। इस दावे पर ईरान और इजरायल की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसे भी पढ़ें: पाक आर्मी चीफ Asim Munir की तेहरान यात्रा सफल? USA को उम्मीद, Iran आज मान लेगा डीलईरान ने रखी हैं ये चार शर्तेंबताया जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच इस बातचीत में सीजफायर को 60 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है। इस बढ़ी हुई अवधि में दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर सहमति बनाने की कोशिश करेंगे। ट्रंप का कहना है कि डील को लेकर उनकी सऊदी अरब, यूएई और कतर समेत नौ देशों के साथ बातचीत हुई है। इस बातचीत में पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, डील के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने चार प्रमुख शर्तें रखी हैं। इनमें अपने बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करने, जब्त संपत्तियों को वापस पाने, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अस्थायी रूप से खोलने की मांग शामिल है।क्या डील पर ट्रंप ने इजरायल को छोड़ दिया है?इस समझौते के शुरुआती ड्राफ्ट में ईरान के खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम को रोकने पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया है, जो इजरायल के लिए एक सीधा और बड़ा खतरा हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी बातचीत में इजरायल कहीं नजर नहीं आ रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि ट्रंप इस बातचीत में इजरायल को शामिल क्यों नहीं कर रहे हैं, जबकि 28 फरवरी को ईरान पर हमला अमेरिका और इजरायल दोनों ने मिलकर किया था। इसके अलावा, इस डील में इजरायल और मिडिल ईस्ट की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं, इस पर भी सस्पेंस बरकरार है। इसे भी पढ़ें: सभ्यता का क्रैश क्रोर्स भारतीयों से सीख लो...दिल्ली पहुंचने पर ईरान ने रुबियो को दी सलाहडील पर इजरायल का क्या रुख होगा?अपनी सुरक्षा चिंताओं के समाधान के बिना इस डील पर इजरायल का क्या रुख रहता है, यह देखना अहम होगा। इस बीच, अमेरिका के वरिष्ठ राजनेता लिंडसे ग्राहम ने ईरान के साथ होने वाली इस डील को लेकर अमेरिकी सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान में मौजूदा शासन को बनाए रखने वाली डील अमेरिका और इजरायल के हित में नहीं है, क्योंकि इससे ईरान को खुद को दोबारा मजबूत करने का समय मिल जाएगा। सैन्य और आर्थिक रूप से ताकतवर होने के बाद ईरान अपने प्रॉक्सी संगठनों (जैसे लेबनान में हिज्बुल्ला और इराक में शिया मिलिशिया) के जरिए इजरायल और खाड़ी देशों के लिए नया संकट खड़ा कर सकता है।एक पेज पर नहीं हैं ट्रंप और नेतन्याहू?मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के साथ आगे कैसे निपटा जाए, इस बात पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच साफ तौर पर मतभेद हैं। हालांकि, ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि नेतन्याहू 'वही करेंगे जो मैं उनसे करवाना चाहता हूं' और वे 'बहुत अच्छे इंसान' हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को फिर दोहराया कि अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता काफी हद तक तय हो गया है, जिससे अब यह संभावना बन रही है कि ईरान युद्ध शायद दोबारा शुरू नहीं होगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    भारत टारगेट नहीं, US Visa Policy में बदलाव के बीच Marco Rubio ने की Indians की तारीफ
    Next Article
    पाक आर्मी चीफ Asim Munir की तेहरान यात्रा सफल? USA को उम्मीद, Iran आज मान लेगा डील

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment