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    'कौन अपना सिंदूर मिटाना चाहेगा, पति को नहीं मरवाया':गोंडा में पत्नी बोली- पता होता तो मां के अंतिम संस्कार में न आती; मगरमच्छ खींच ले गया था

    19 hours ago

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    'कौन अपनी मांग का सिंदूर मिटाना चाहेगा? मैंने पति को नुकसान नहीं पहुंचाया। अगर मुझे पता होता कि ऐसा कुछ होगा, तो मैं मां के अंतिम संस्कार में आती ही नहीं। मेरा सब कुछ बर्बाद हो गया, लेकिन ससुराल वाले दिलासा देने की बजाय गाली दे रहे हैं। अगर मेरे साथ कुछ भी गलत हुआ, तो इसके जिम्मेदार ससुराल वाले होंगे। मेरी 4 साल की बच्ची है। उसके सिर से पिता का साया उठ गया। अब इस दुनिया में मेरे अलावा उसका कोई नहीं है।' यह कहते हुए गोंडा की रेखा भावुक हो गईं। उनकी मां का 19 मई की रात कैंसर से निधन हो गया था। इसका पता चलते ही अगले दिन वह पति दीपक वर्मा के साथ नोएडा से गोंडा पहुंचीं। 20 मई को सरयू के किनारे अंतिम संस्कार के दौरान नदी में हाथ धोने गए दीपक को मगरमच्छ खींच ले गया था। उनका शव 24 घंटे बाद सरयू नदी में उतराता मिला था। दीपक के भाई ने मौत के पीछे साजिश का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि भाई ने लव मैरिज की थी। लड़की के परिवार वालों ने इसी का बदला लिया है। ‘मैंने पति को मना किया था, फिर भी मां के अंतिम संस्कार में गए’ पत्नी रेखा ने कहा- मंगलवार रात हमें मां के निधन का पता चला। मंगलवार रात 12 बजे मैं पति दीपक के साथ नोएडा से निकली। बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे गोंडा पहुंचे थे। दीपक ने मां को कंधा देने की बात कही, जबकि घरवाले उन्हें रोक रहे थे। मैंने भी दीपक को रोका था, लेकिन वह नहीं माने। अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान दीपक को खूंटा गाड़ने से भी रोका गया था, क्योंकि वह शादीशुदा थे और उनकी सास विधवा थीं। इसके बावजूद उन्होंने खूंटा गाड़ा और फिर हाथ-मुंह धोने चले गए। उसी दौरान मगरमच्छ ने उन्हें खींच लिया। पति ने मुझसे आखिरी बार कहा था- बाबू, दवा खा लेना। मैंने पूछा कि आप कब तक आएंगे, तो बोले कि मोबाइल चार्जिंग पर लगा दो, मैं थोड़ी देर में आता हूं। 'इंश्योरेंस के पैसे के लिए ससुराल वाले मुझे फंसाने की साजिश कर रहे' पत्नी ने कहा- पति की मौत के बाद ससुराल वालों ने मुझसे सीधे मुंह बात नहीं की। ससुराल वालों ने गाली देते हुए कहा कि तुमने मेरे बच्चे को खा लिया। मैं बार-बार अपनी सास से कह रही थी कि मम्मी, मैंने आपके बच्चे को नहीं खाया है। अगर मुझे ऐसा करना होता, तो मैं उन्हें यहां क्यों लेकर आती? पति के छोटे भाई बादल ने मुझ पर आरोप लगाया कि मैं उन्हें मारने के लिए यहां लेकर आई थी। आखिर मेरी उनसे क्या दुश्मनी थी? मुझे फंसाने की साजिश चल रही है, ताकि पति की मौत के बाद इंश्योरेंस से जो पैसा मिले, वह हमारे नाम न होकर उनके नाम हो जाए। ‘मेरे पति ही सब कुछ थे, अब दूसरी शादी नहीं करूंगी’ पत्नी ने कहा- मेरे पति ही सब कुछ थे। अगर मेरे साथ कुछ हो गया, तो मेरी बच्ची कैसे जिएगी? मैं मायके में नहीं रहना चाहती। जहां मैं पहले रहती थी, वहीं ग्रेटर नोएडा में रहूंगी। अभी वहां नहीं जाऊंगी, क्योंकि मेरे साथ ससुराल वाले कुछ भी कर सकते हैं। मैं दूसरी शादी भी नहीं करूंगी। मैं ऐसा कोई काम नहीं करूंगी, जिससे मेरे पति की आत्मा या ससुराल वालों को ठेस पहुंचे। मैं अपने पति की जगह किसी और को नहीं दूंगी। अगर कोई मेरी शादी करवाने की कोशिश करेगा, तो मैं कार्रवाई करवाऊंगी। बेटी को खुद पढ़ाऊंगी। चाहे तो कागज पर लिखवा लीजिए। सास-ससुर के चार और बेटे हैं, लेकिन मेरा सहारा कोई नहीं है। सरकार से मेरी अपील है कि मेरी बच्ची की मदद की जाए, जिससे मैं अपनी बच्ची को पढ़ा सकूं। ‘ससुराल वाले झगड़ते थे, इसलिए 3 साल से अलग रह रही थी’ पत्नी ने कहा- 25 नवंबर 2020 को मेरी दीपक से शादी हुई थी। 2021 में बेटी हुई। शुरू में सब ठीक था, लेकिन बाद में घर में लड़ाई शुरू हो गई। पति ने कहा था कि अगर तुम्हें बर्दाश्त नहीं हो रहा, तो हम अलग रहेंगे। हम लोग पिछले 3 साल से किराए के मकान में रह रहे थे। बड़ी जेठानी और जेठ भी अलग रहते थे। अगर मुझे कुछ करना होता, तो मैं 6 साल पहले ही कर चुकी होती। मेरे ऊपर पहले भी कई बार गंदे आरोप लगाए गए। कहा गया कि मैंने उनके बेटे को कुछ खिलाकर अपने बस में कर लिया है। भाई ने कहा था- भैया को साजिश के तहत नदी के पास भेजा दीपक के भाई बादल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में आरोप लगाया था- मैंने खुद नदी के पास जाकर वह जगह देखी, जहां भैया को मगरमच्छ ने घसीटा था। वह बहुत ही खतरनाक इलाका है। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि यहां 20-25 मगरमच्छ रहते हैं। दीपक भैया वहां अकेले गए थे। मुझे लगता है कि साजिश के तहत जान-बूझकर उन्हीं से यह सब करवाया गया। उनकी मौत के मामले की जांच होनी चाहिए। आखिरी में पढ़िए पूरी घटना… नोएडा के परी चौक सिग्मा 2 के रहने वाले दीपक वर्मा (30) सास की मौत होने पर गोंडा आए थे। 6 साल पहले दीपक ने डीहा गांव की रहने वाली रेखा से लव मैरिज की थी। दीपक नोएडा में ही एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। दीपक और रेखा की एक 4 साल की बेटी निक्की है। रेखा के पिता लालचंद्र शर्मा की मौत हो चुकी है। मां उर्मिला (50) की मंगलवार को कैंसर के चलते मौत हो गई थी। रेखा की दो और बहनें और एक छोटा भाई राज है। बुधवार को सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही के पास सरयू के किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। दोपहर करीब 12 बजे नदी के किनारे सभी लोग पहुंचे। दीपक ने चिता सजाने के लिए नदी के किनारे खूंटा गाड़ना शुरू कर दिया। खूंटा गाड़ने के बाद वह हाथ धुलने के लिए नदी के किनारे पहुंचे। वह हाथ धुल ही रहे थे, तभी मगरमच्छ नदी से बाहर आया। उसने दीपक का सिर अपने जबड़े में भर लिया। ये देख लोग दीपक की ओर दौड़े और शोर मचाया, लेकिन तब तक मगरमच्छ उन्हें पानी में खींच ले गया। उसका शव 24 घंटे बाद सरयू नदी में उतराता मिला। दीपक के शव का शुक्रवार दोपहर दो बजे के बाद पोस्टमॉर्टम हुआ। डॉक्टर आदित्य गौर ने बताया कि युवक की मौत गंभीर चोट लगने के कारण हुई थी। बॉडी के गले और पेट के पीछे 5 से 6 दांतों के निशान मिले हैं। इसके अलावा दाहिने हाथ को भी मगरमच्छ ने चबाने की कोशिश की थी, लेकिन वह उसे पूरी तरह नहीं चबा पाया। ---------------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… ‘कॉकरोच’ मैन बोला- यमुना मां को बचाना है:मथुरा में नदी साफ नहीं हुई तो जान दे दूंगा; मुझे धमकी दी जा रही ‘अपनी मां के खोने के बाद यमुनाजी ही मेरी मां हैं। उनकी दुर्दशा से बहुत दुखी हूं। मेरी मां कई सालों से बीमार हैं। मां यमुना को इन पार्टियों ने मुद्दा बना दिया है। यमुना में जहर घोला जा रहा। मेरा यह कॉकरोच रूप मां यमुना को इन गंदे नालों से मुक्ति दिलाएगा।’ यह कहना है दीपक शर्मा का, जो मथुरा में कॉकरोच बनकर नाचते हुए अफसरों के सामने पहुंचे थे। चर्चा में आने के बाद 23 मई को जब दैनिक भास्कर की टीम इनके पास पहुंची, तो नाले में प्रदर्शन कर रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…
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