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    मोदी के भारत लौटते ही अचानक कौन मिलने आया? बड़ा खेल शुरू!

    19 hours ago

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे ही पांच देशों की यात्रा से भारत लौटे, उससे एक दिन पहले ही यह खास शख्स पीएम मोदी से मिलने पहुंच गए। पीएम मोदी एक बहुत बड़े खेल की तैयारी में लग गए हैं। पीएम मोदी के साथ खड़े यह शख्स भारत के दुश्मन के सबसे बड़े दुश्मन है। लेकिन भारत के पक्के दोस्त इनके देश पर बहुत बड़ा संकट आने वाला है। उसी सिलसिले में इन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की है। यह शख्स है एक छोटे मगर भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण देश साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टो डेलिड्स। दरअसल साइपरस तुर्की का सबसे बड़ा दुश्मन है और तुर्की भारत का भी दुश्मन है। यहां पर इजराइल भी एक बहुत बड़ा खेल करने वाला है क्योंकि इजराइल भी तुर्की का दुश्मन है। दरअसल खबर है कि तुर्की आने वाले दिनों में एक ऐसा कानून लाने वाला है जो अगर पास हो गया तो साइप्रेस हमेशा के लिए बर्बाद हो सकता है और तुर्की के इस कानून का भारत पर भी बहुत बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में साइप्रेस के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के सामने खड़े होकर जो बयान दिया है, उसने तुर्की में भूचाल ला दिया है। इसे भी पढ़ें: Iran War फिर शुरू होने की संभावना के बीच Modi से मिले Marco Rubio, PM को दिया Trump का खास संदेशदरअसल जिस तरह से पाकिस्तान ने कश्मीर के एक हिस्से पर अवैध कब्जा कर रखा है, ठीक वैसे ही तुर्की ने भी साइप्रस के 35% उत्तरी इलाके में कब्जा कर रखा है। तुर्की लगातार कश्मीर पर बयान देता आया है। जिसके बाद पीएम मोदी ने भी ऐलान कर दिया कि भारत साइप्रस की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन करता है। यानी पीएम मोदी ने ऐलान कर दिया कि साइप्रस के जिस हिस्से पर तुर्की का कब्जा है, वह इलाका साइप्रस का ही है। पिछले साल 16 जून को साइप्रस के राष्ट्रपति पीएम मोदी को अपनी वही जमीन दिखाने ले गए जो तुर्की के कब्जे में थी। इसी घटना के बाद तुर्की में बवाल मच गया। पिछले कुछ महीनों से इसी का बदला लेने के लिए तुर्की प्लान बना रहा था। अब तुर्की ने ऐलान किया है कि वह अपनी ब्लू होमलैंड पॉलिसी को लागू करेगा। ब्लू होमलैंड सिद्धांत तुर्की का आक्रामक समुद्री सिद्धांत है जिसका उद्देश्य आसपास के समुद्री इलाकों और संसाधनों पर पूर्ण कब्जा करना है। साइप्रस का कहना है कि ब्लू होमलैंड के जरिए तुर्की हमारे गैस भंडारों पर अपना दावा ठोकता है। हमारे समुद्री इलाकों पर कब्जा करने की तैयारी कर रहा है। साइप्रस ने बताया कि तुर्की ऐसा करके मेडिटरेनियन सी के रणनैतिक इलाकों पर कब्जा चाहता है। यह वही इलाका है जहां से भारत और इजराइल का आईमैक कॉरिडोर यूरोप तक पहुंचेगा। इस इलाके को यूरोप का गेटवे कहा जाता है। इसी समुद्री इलाके पर कब्जा करने के लिए तुर्की अपनी संसद में ब्लू होमलैंड सिद्धांत पर कानून ला रहा है। लेकिन इसी बीच साइप्रस के राष्ट्रपति भारत आ गए। इसे भी पढ़ें: अब भारत से हथियार खरीदेगा फ्रांस? DRDO मुख्यालय में हुई बड़ी बैठकसाइप्रस के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के सामने खड़े होकर बयान दिया कि हम धन्यवाद करते हैं कि भारत हमारी स्वतंत्रता और संप्रभुता का समर्थन करता है। हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के लिए परमानेंट सीट की मांग करते हैं। खबर है कि तुर्की को निपटाने के लिए साइप्रस, भारत, इजराइल और ग्रीस एक मेडिटरेनियन क्वाड बना रहे हैं। जिसको लेकर बातचीत तेज हो गई है।
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