Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    PM मोदी को ट्रम्प का अमेरिका आने का न्योता:विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने PM से मुलाकात की; अमेरिकी मीडिया बोली- यह डैमेज कंट्रोल की कोशिश

    1 day ago

    1

    0

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सेवा तीर्थ में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से पीएम मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोदी और रूबियो के बीच 1 घंटे से ज्यादा देर तक बैठक चली। इस बैठक में विदेश मंत्री एस जय शंकर के अलावा एनएसए अजीत डोभाल भी मौजूद रहे। इस दौरान अमेरिका और भारत के बीच सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा हुई। रूबियो की यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के चीन दौरे के सिर्फ 7 दिन बाद हो रही है। ऐसे में अमेरिकी मीडिया का कहना है कि रुबियो की यह यात्रा सिर्फ कूटनीतिक नहीं बल्कि डैमेज कंट्रोल मिशन भी है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक ट्रम्प की हालिया चीन यात्रा ने एशिया की राजनीति में नई बेचैनी पैदा कर दी है। बीजिंग में ट्रम्प ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की खुलकर तारीफ की। उन्होंने शी को महान नेता और खास दोस्त बताया। भारत-अमेरिका में 1 साल से तनाव जारी रिपोर्ट के मुताबिक, रूबियो का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पिछले साल के मध्य से भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ मुद्दों को लेकर तनाव देखा गया था। माना जा रहा है कि इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के रिश्तों को फिर से मजबूत करना भी है। अब दिल्ली में रुबियो की बातचीत का सबसे बड़ा मकसद यही माना जा रहा है कि भारत यह समझ सके कि ट्रम्प सरकार एशिया में आगे क्या रणनीति अपनाने वाला है और चीन के साथ उसके रिश्तों की दिशा क्या होगी। पिछले साल ट्रम्प ने भारत पर भारी टैरिफ लगा दिए थे क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने से इनकार कर दिया था। ट्रम्प का दावा था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने में बड़ी भूमिका निभाई थी, लेकिन भारत ने सार्वजनिक रूप से इस दावे को खारिज कर दिया। अब नया तनाव पाकिस्तान को लेकर पैदा हुआ है। ट्रम्प हाल में पाकिस्तान के नेताओं की तारीफ कर चुके हैं और उन्हें ईरान युद्ध में मध्यस्थ बताने लगे हैं। इससे भारत में यह संदेश गया कि ट्रम्प सरकार पाकिस्तान को फिर महत्व देने लगा है। रूबियो के भारत दौरे की 4 तस्वीरें… दौरे में एनर्जी सिक्योरिटी बड़ा मुद्दा रहेगा मार्को रूबियो के दौरे में ऊर्जा सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहने वाला है। भारत फिलहाल रूस से बड़ी मात्रा में सस्ता कच्चा तेल खरीद रहा है। वहीं अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी तेल और LNG गैस का इंपोर्ट भी बढ़ाए। मिडिल ईस्ट में लगातार जारी तनाव के कारण दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो रही है। ऐसे में भारत अपने लिए कई देशों से एनर्जी सप्लाई तय करना चाहता है ताकि भविष्य में किसी संकट का असर कम हो। भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय में टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों को लेकर मतभेद देखने को मिले थे। अब दोनों देश रिश्तों को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान व्यापार समझौतों, निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन पर बातचीत हो सकती है। सेमीकंडक्टर, बैटरी निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। डिफेंस साझेदारी भी लगातार बढ़ रही भारत और अमेरिका के बीच डिफेंस साझेदारी पिछले कुछ सालों में काफी मजबूत हुई है। भारतीय सेना और वायुसेना पहले से ही अमेरिका के कई मॉर्डन डिफेंस इक्विपमेंट का इस्तेमाल कर रही हैं। इनमें P-8 पोसाइडन विमान, MQ-9बी स्काईगार्डियन ड्रोन, M-777 हॉवित्जर तोप और C-17 ग्लोबमास्टर-3 ट्रांसपोर्ट विमान शामिल हैं। अब दोनों देश डिफेंस इक्विपमेंट के जॉइंट प्रोडक्शन और नई सैन्य तकनीकों पर भी साथ काम करना चाहते हैं। मार्को रूबियो को अमेरिका में चीन के खिलाफ सख्त रुख रखने वाले नेताओं में गिना जाता है। वह लंबे समय से भारत के साथ मजबूत रणनीतिक साझेदारी के समर्थक रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि उनका यह दौरा इस बात का संकेत है कि अमेरिका, भारत को एशिया में अपना अहम रणनीतिक साझेदार मानता है। -------------- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प सरकार की टॉप हिंदू अधिकारी तुलसी गबार्ड का इस्तीफा:18 अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की हेड हैं; पति कैंसर से जूझ रहे ट्रम्प की सरकार की टॉप हिंदू अधिकारी तुलसी गबार्ड ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तुलसी अमेरिका की 'डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस' हेड हैं, उनके अंडर 18 सीक्रेट एजेंसियां काम करती हैं। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    मीन राशि
    Next Article
    वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने कॉमेडियन को कचरे में फेंकने वाला AI वीडियो शेयर किया, दोनों में पुरानी दुश्मनी है

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment