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    180 देशों से लाखों श्रद्धालु आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र पहुंचेंगे:महाशिवरात्रि उत्सव में श्रीश्री रवि शंकर की उपस्थिति, विशेष वेबकास्ट को विश्वभर में देखेंगे भक्त

    4 hours ago

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    बेंगलुरू आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र इस वर्ष अद्वितीय आध्यात्मिक उत्साह और भव्यता के साथ महाशिवरात्रि का आयोजन करने के लिए पूर्णतः तैयार है। 180 से अधिक देशों से लाखों श्रद्धालु इस पावन अवसर पर एकत्रित हो रहे हैं, जहाँ वे ध्यान, पावन रुद्र होम, भावविभोर कर देने वाले भजन तथा गहन आंतरिक मौन से परिपूर्ण एक दिव्य संध्या का अनुभव करेंगे। वैदिक परंपरा की अत्यंत पवित्र रात्रियों में से एक महाशिवरात्रि, गहन विश्राम, जाग्रत चेतना और आंतरिक रूपांतरण का अनुपम अवसर प्रदान करती है। आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित रात्रि-भर चलने वाला यह उत्सव अपनी ऊर्जावान और जीवंत आध्यात्मिक वातावरण के लिए विश्वभर में विख्यात है, जो शक्तिशाली मंत्रोच्चारण, विस्तृत वैदिक अनुष्ठानों और भावपूर्ण संगीत से निर्मित होता है तथा लाखों उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में गूँजता है। इस अवसर के गहन महत्व को साझा करते हुए गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर कहते हैं, “शिवरात्रि इस भौतिक संसार और आपके अंतर्मन के सूक्ष्म लोक के बीच एक सेतु है। यह अंतर्मुखी यात्रा अत्यधिक बाह्य व्यस्तता या शोर में संभव नहीं है; यह आंतरिक जुड़ाव का क्षण है, मनोरंजन का नहीं। कुछ लोग इसे केवल एक अनुष्ठान के रूप में देखते हैं, तो कुछ इसे मनोरंजन समझते हैं; दोनों ही स्थितियों में वे इसके मूल तत्व से चूक जाते हैं। शिवरात्रि ध्यानमय जागरूकता का पर्व है—आनंद और भक्ति में पूर्णतः निमग्न होने का अवसर।” गुरुदेव आगे कहते हैं, “सुख के पीछे भागते-भागते व्यक्ति थक जाता है। जब आप कुछ समय अपने आत्मस्वरूप में विश्राम करते हैं, तो आप पुनः ऊर्जा प्राप्त करते हैं, और वही ऊर्जा आपको शक्ति, आनंद और प्रसन्नता प्रदान करती है। वर्ष की कुछ रात्रियाँ विशेष रूप से शुभ और अनुकूल मानी गई हैं, जो आपको इस विश्रांति का अवसर देती हैं। महाशिवरात्रि उसी गहन विश्राम की अवस्था में प्रतिष्ठित होने का पर्व है।” आर्ट ऑफ़ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र में होने वाले समारोह आध्यात्मिक गहराई के साथ-साथ व्यापक व्यवस्थागत समन्वय का भी अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। आयोजन के दिन अनुमानित 2.5 से 3 लाख श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है, जो इस उत्सव की सेवा-भावना और आतिथ्य परंपरा को दर्शाती है। इस पावन संध्या का मुख्य आकर्षण रहेगा पवित्र रुद्र पूजा , जो भगवान रुद्र—भगवान शिव के कल्याणकारी स्वरूप—की उपासना हेतु गुरुदेव की दिव्य उपस्थिति में संपन्न किया जाएगा। रुद्र पूजा शिव की रूपांतरणकारी ऊर्जा का आह्वान करती है, जो नकारात्मकता के क्षय और उच्च चेतना के जागरण का प्रतीक है। ‘श्री रुद्रम’ के प्राचीन वैदिक मंत्रों पर आधारित यह अनुष्ठान वातावरण की शुद्धि, सामूहिक चेतना के उत्थान तथा व्यक्ति और समाज के लिए शांति, समृद्धि और कल्याण का साधन माना जाता है। कार्यक्रम का टाइम टेबल: सायं 7:15 – 7:45: भजन (भक्ति-संगीत) सायं 7:45 – 9:30: रुद्र पूजा रात्रि 9:30 – 10:30: भजन एवं गुरुदेव का संबोधन रात्रि 11:30: गुरुदेव के साथ विशेष मध्यरात्रि ध्यान प्रातः 4:00 से : रुद्र होम भारत के 150 से अधिक स्थलों पर भी रुद्र पूजा का आयोजन किया जाएगा, जिससे लाखों श्रद्धालु अपने-अपने नगरों में इस पावन अनुष्ठान की आध्यात्मिक तरंगों का अनुभव कर सकेंगे। आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित यह महाशिवरात्रि उत्सव, जिसमें विश्वभर से लाखों साधक सहभागी होंगे, सकारात्मकता, उत्सव और गहन आध्यात्मिक ऊर्जा का एक शक्तिशाली सामूहिक वातावरण निर्मित करेगा।
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