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    50 हजार शिक्षकों के TET में बैठने का रास्ता साफ:UPESSC ने 3 बड़े बदलाव किए; बीएड छात्रों को भी राहत मिली

    3 hours ago

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    यूपी के 50 हजार शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। अब वे यूपी टीईटी-2026 परीक्षा दे पाएंगे। मंगलवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने टीईटी के नोटिफिकेशन और गाइडलाइंस में 3 बड़े बदलाव किए हैं। संशोधन के बाद उन शिक्षकों को परीक्षा देने की छूट दी गई है, जिनके पास टीईटी में बैठने की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता ही नहीं थी। इनकी संख्या 50 हजार थी। बीएड या बीटीसी कर रहे छात्र भी परीक्षा दे पाएंगे। हालांकि बीएड पास अभ्यर्थियों को सिर्फ उच्च प्राथमिक विद्यालयों यानी कक्षा 6 से 8 तक की टीईटी परीक्षा देने की अनुमति दी गई है। आयोग ने 20 मार्च को टीईटी परीक्षा का कार्यक्रम घोषित किया था। ये परीक्षा चार साल बाद प्रदेश में होने जा रही है। इस बार की परीक्षा में 15 से 20 लाख आवेदकों के शामिल होने का अनुमान है। इसमें प्रदेश के 1.86 लाख ऐसे टीचर भी शामिल हैं, जो अब तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। इन शिक्षकों के सामने संकट ये है कि सितंबर 2027 से पहले उन्होंने टीईटी पास नहीं किया तो उनकी नौकरी छिन जाएगी। दैनिक भास्कर ने 23 मार्च को "यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर 'संकट': शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें टीईटी परीक्षा के लिए अपात्र 50 हजार शिक्षकों के दर्द को प्रमुखता से उठाया था। आयोग ने 24 घंटे के भीतर नोटिफिकेशन में बदलाव कर दिया। तीनों बड़े बदलाव समझिए… 1- सभी शिक्षक परीक्षा के लिए पात्र सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर, 2025 फैसले से प्रभावित प्रदेश के सभी सहायक अध्यापक टीईटी परीक्षा में बैठने के लिए पात्र होंगे। मतलब- आयोग ने साफ कर दिया है कि उनकी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता में बदलाव किए जाएंगे। इससे पहले ग्रेजुएशन और बीटीसी पास वालों को ही टीईटी परीक्षा में बैठने के लिए पात्र बताया था। 1.86 लाख शिक्षकों में 50 हजार ऐसे ही सहायक अध्यापक हैं, जो ये पात्रता नहीं रखते। 1998 से पहले इंटरमीडिएट और दो साल की बीटीसी पर भर्ती हुए शिक्षक, बिना ग्रेजुएट और बीटीसी किए मृतक आश्रित में नौकरी करते हुए ट्रेंड ग्रेड से सहायक अध्यापक बने लोग और 1999 से 2004 के बीच बीपीएड से नौकरी पाने वाले सहायक अध्यापक शामिल थे। ये सभी शिक्षक स्पेशल बीटीसी का छह महीने का प्रशिक्षण ले चुके हैं। इसका प्रमाण पत्र भी इन्हें जारी है। 2- बीएड या टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स कर रहे छात्र आवदेन कर सकते हैं सुप्रीम कोर्ट के आदेश और एनसीटीई के 4 अगस्त, 2022 के स्पष्टीकरण के मुताबिक बीएड/टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स (TTC) के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे या परीक्षा दे चुके अभ्यर्थी ही यूपीटेट के लिए पात्र बताए गए थे। अब संशोधन के जरिए आयोग ने छूट दी है कि बीएड/टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स में अध्ययनरत कोई भी छात्र आवेदन कर सकता है। 3- बीएड वाले छात्र प्राथमिक स्तर की टीईटी परीक्षा से बाहर आयोग ने मूल विज्ञापन में बीएड वालों को प्राथमिक शिक्षक (Paper-1) के लिए TET देने की अनुमति सशर्त दी थी। उन्हें नियुक्ति के बाद 2 साल के अंदर एसबीटीसी का 6 महीने का ब्रिज कोर्स पूरा करना अनिवार्य किया गया था। अब आयोग ने संशोधन के जरिए इस बिंदु को हटा दिया है। आयोग ने कहा है कि हाईकोर्ट/एनसीटीई/सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद अब बीएड वाले अभ्यर्थी सिर्फ उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6-8) के लिए ही TET में बैठ पाएंगे। प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-3) के लिए अब वे पात्र नहीं होंगे। तीन से चार लाख आवेदकों को बड़ी राहत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री शिवशंकर सिंह ने बताया, आयोग के तीन बड़े संशोधनों से टीईटी के लिए अपात्र 50 हजार सहायक अध्यापकों के साथ ही तीन से चार लाख उन अभ्यर्थियों को भी बड़ी राहत मिली है, जो अभी बीएड या बीटीसी में प्रवेश लिए होंगे। --------------------- ये खबर भी पढ़ें- यूपी के 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर 'संकट':TET परीक्षा दें या फिर SIR और जनगणना के टारगेट पूरे करें यूपी में 1.86 लाख शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं हैं। ये शिक्षक प्राथमिक (कक्षा 1 से 5 तक) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8 तक) विद्यालयों के हैं। इनमें 50 हजार तो ऐसे हैं, जो न्यूनतम योग्यता न होने के कारण परीक्षा में बैठ भी नहीं सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने के लिए सितंबर, 2027 की समय सीमा तय कर रखी है। ऐसे में यूपी में चार साल बाद जुलाई में होने वाली UPTET-2026 शिक्षकों के लिए एक बड़ा मौका है। मुश्किल ये है कि SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की गुत्थी में उलझे इन शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा है कि मई में होने वाले राष्ट्रीय जनगणना की ड्यूटी के बीच वे परीक्षा की तैयारी कब करेंगे? परीक्षा का शेड्यूल क्या है, शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना क्यों जरूरी है? सेवा चयन आयोग ने यूपी टीईटी में शिक्षकों के लिए क्या शर्तें जोड़ी हैं? शिक्षक संघ क्यों 2011 से पहले कार्यरत शिक्षकों के लिए अनिवार्य किए जा चुके टीईटी का विरोध कर रहे हैं? पढ़िए ये रिपोर्ट…
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