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    70 साल की उम्र में राजाराम ने की हाईस्कूल:रायबरेली में पाली भाषा में हासिल किए 83% अंक, शिलालेख पढ़ने के लिए बने छात्र

    4 hours ago

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    रायबरेली के राजाराम मौर्य ने 70 साल की उम्र में यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा पाली भाषा से उत्तीर्ण किया। उन्होंने यह साबित कर दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। मूल रूप से मोगा के निवासी राजाराम मौर्य का जन्म 11 दिसंबर 1956 को हुआ था। उन्होंने स्नातक की शिक्षा Punjab University से तथा परास्नातक की पढ़ाई Himachal Pradesh University से पूरी की। राजाराम मौर्य ने बताया कि उनके पूर्वजों से जुड़ा इतिहास और सम्राटों के शिलालेखों को समझने की जिज्ञासा ने उन्हें इस उम्र में दोबारा छात्र बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पाली भाषा का चयन इसी उद्देश्य से किया, ताकि प्राचीन शिलालेखों को स्वयं पढ़ सकें। उन्होंने 5 मार्च 1981 को PNB में क्लर्क कम कैशियर के रूप में नौकरी शुरू की थी। लंबे कार्यकाल के बाद वे 31 दिसंबर 2016 को लखनऊ स्थित पीएनबी के स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर से सेवानिवृत्त हुए। राजाराम मौर्य का पूरा परिवार शिक्षा से जुड़ा है। उनकी पत्नी अंजू बाला के साथ उन्होंने अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाई। उनकी बड़ी बेटी आरती मौर्य कानपुर देहात में प्रधानाध्यापिका हैं, दूसरी बेटी मीनाक्षी केंद्रीय विद्यालय में अध्यापिका हैं, तीसरी बेटी बीनू सहायक अध्यापिका हैं। बेटा अमित विक्रम सीनियर इंजीनियर है, जबकि बहू लवली बेंगलुरु की एक कंपनी में एचआर पद पर कार्यरत हैं। सबसे छोटी बेटी डॉली लखनऊ के एक प्रतिष्ठित स्कूल में अध्यापिका हैं। राजाराम मौर्य ने शिक्षा व्यवस्था में आए बदलावों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि पहले वर्णनात्मक प्रश्नों के कारण अच्छे अंक लाना कठिन होता था, जबकि अब वस्तुनिष्ठ प्रश्नों से छात्रों को बेहतर अंक प्राप्त करने में सुविधा मिलती है। अपनी इस उपलब्धि से उन्होंने यह संदेश दिया है कि शिक्षा किसी उम्र, वर्ग या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। अगर सीखने का जज्बा हो, तो जीवन के किसी भी पड़ाव पर नई शुरुआत की जा सकती है।
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