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    आरजी कर रेप केस में पानिहाटी चेयरमैन गिरफ्तार:सबूत मिटाने का आरोप; पुलिस ने बेंगलुरु में छापेमारी के दौरान पकड़ा

    6 hours ago

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    2024 के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले में पुलिस ने TMC नेता सोमनाथ डे को गिरफ्तार किया है। सोमनाथ पानिहाटी नगरपालिका के चेयरमैन भी हैं। सोमनाथ को बुधवार सुबह बेंगलुरु में छापेमारी के दौरान डे को पकड़ा था। गुरुवार रात करीब 2:20 बजे उन्हें बंगाल लाया गया। जांच अधिकारियों का आरोप है कि सोमनाथ डे ने अपराध के बाद सबूत नष्ट करने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने पीड़िता के शव का जल्द अंतिम संस्कार कराने में मदद की। आरजी कर हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त 2024 की रात ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। 20 जनवरी 2025 को सेशंस कोर्ट ने आरोपी संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब समझिए आरजीकर रेप केस का पूरा मामला क्या है… 8-9 अगस्त 2024 की रात ट्रेनी डॉक्टर की रेप के बाद हत्या हुई आरजी कर हॉस्पिटल में 8-9 अगस्त 2024 की रात ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को 10 अगस्त को अरेस्ट किया था। घटना को लेकर कोलकाता समेत देशभर में प्रदर्शन हुए। बंगाल में 2 महीने से भी ज्यादा समय तक स्वास्थ्य सेवाएं ठप रही थीं। हाईकोर्ट के आदेश पर CBI ने जांच शुरू की थी 9 अगस्त की घटना के बाद आरजी कर अस्पताल के डॉक्टरों और पीड़ित परिवार ने मामले की CBI जांच की मांग की, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जांच के आदेश नहीं दिए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 13 अगस्त को जांच CBI को सौंपी गई। इसके बाद CBI ने नए सिरे से जांच शुरू की। 3 को आरोपी बनाया गया, 2 को जमानत मिली संजय रॉय के अलावा मामले में मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को भी आरोपी बनाया गया, लेकिन CBI 90 दिन के अंदर घोष के खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं कर पाई, जिस कारण सियालदह कोर्ट ने 13 दिसंबर को घोष को इस मामले में जमानत दे दी। CBI ने 25 अगस्त को सेंट्रल फोरेंसिक टीम की मदद से कोलकाता की प्रेसीडेंसी जेल में संजय समेत 9 आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट किया था। इनमें आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष, ASI अनूप दत्ता, 4 फेलो डॉक्टर, एक वॉलंटियर और 2 गार्ड्स शामिल थे। संजय इयरफोन और DNA से पकड़ में आया टास्क फोर्स ने जांच शुरू होने के 6 घंटे के भीतर दोषी संजय रॉय को अरेस्ट किया। CCTV के अलावा पुलिस को सेमिनार हॉल से एक टूटा हुआ ब्लूटूथ इयरफोन मिला था। ये दोषी के फोन से कनेक्ट हो गया था। संजय की जींस और जूतों पर पीड़िता का खून पाया गया था। संजय का DNA मौके पर मिले सबूतों से मैच हुआ था। संजय के शरीर पर चोट के जो 5 निशान मिले थे, वे उसे 24 से 48 घंटे के दौरान लगे थे। यह ब्लंट फोर्स इंजरी हो सकती है, जो पीड़ित से अपने बचाव के दौरान हुई होगी। इसी के जरिए पुलिस संजय को पकड़ने में कामयाब रही। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… आरजीकर केस-कलकत्ता HC का CBI को दोबारा जांच का आदेश कलकत्ता हाईकोर्ट ने आरजीकर रेप मर्डर केस को दबाने के आरोपों की जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने CBI की 3 सदस्यीय SIT बनाने का आदेश दिया। जिसकी अगुवाई CBI के पूर्वी क्षेत्र के जॉइंट डायरेक्टर करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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