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    भास्कर अपडेट्स:असम सीएम की पत्नी के पासपोर्ट केस में सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत पर रोक लगाई

    12 hours ago

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    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को असम सीएम हिमंता बिसवा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइंया के पासपोर्ट विवाद मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट जमानत पर रोक लगा दी और नोटिस भी जारी किया। 5 अप्रैल को असम में FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस नेता की अर्जी पर तेलंगाना हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दी थी। इस मामले को लेकर असम सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। दरअसल, 2 अप्रैल को पवन ने गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम की पत्नी के बिजनेस और सरकारी ठेकों को लेकर सवाल उठाए। साथ ही कई देशों के पासपोर्ट होने की बात भी कही थी। आज की अन्य बड़ी खबरें… अमरनाथ यात्रा के लिए आज से रजिस्ट्रेशन शुरू, पीएनबी की ब्रांचों में श्रद्धालुओं की भीड़ अमरनाथ यात्रा के लिए बुधवार से रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। आज सुबह से ही पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं के बाहर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। 57 दिनों की इस तीर्थयात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से रजिस्टेशन शुरू हो गए हैं। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने वाली है। एडमिनिस्ट्रेशन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दिशा-निर्देशों का पालन करें और अंतिम समय की असुविधा से बचने के लिए सभी औपचारिकताएं पहले ही पूरी कर लें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ठोस आरोप न हों तो, घरेलू हिंसा का केस नहीं, पति के खिलाफ ₹170 करोड़ का दावा खारिज सुप्रीम कोर्ट ने अलग रह रही पत्नी की ओर से पति और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज घरेलू हिंसा का केस रद्द कर दिया। कोर्ट ने महिला के 170 करोड़ रुपए के सोने (120 करोड़ की ज्वेलरी और 50 करोड़ के गोल्ड बिस्किट) के दावे को भी खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अगर घरेलू हिंसा के केस में परिजनों पर कोई ठोस आरोप न हों, तो मुकदमे को तुरंत खत्म कर देना चाहिए ताकि परिवार को बेवजह न घसीटा जाए। दिल्ली के बुध विहार इलाके में आग लगने से बच्चे समेत 3 की मौत दिल्ली के बुध विहार इलाके में मांगे राम पार्क के पास झुग्गी बस्ती में आग लग गई। दो साल के बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, आग लगने की सूचना देर रात 1.25 बजे मिली। जिसके बाद सात दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुणे में हॉस्टल के कमरे में संगीत छात्रा का शव फंदे से लटका मिला पुणे जिले के मुलशी तहसील स्थित एक संस्थान के हॉस्टल में 25 वर्षीय संगीत छात्रा का शव फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान इंदौर निवासी रेनुका लिखिते के रूप में हुई है, जो संगीत में पोस्टग्रेजुएशन कर रही थी और बांसुरी वादक थी। पुलिस के मुताबिक, कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जब वह फोन नहीं उठा रही थीं, तो एक रिश्तेदार हॉस्टल पहुंचा। कमरा अंदर से बंद था, जिसके बाद गैलरी से अंदर जाकर उनका शव मिला। पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली कोर्ट ने I-PAC निदेशक विनेश चंदेल को 10 दिन की ED हिरासत में भेजा दिल्ली की एक अदालत ने I-PAC के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। अदालत ने कहा कि शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये की कथित मनी लॉन्ड्रिंग, फंड डायवर्जन और हवाला लेनदेन में उनकी सक्रिय भूमिका के संकेत मिले हैं। ईडी ने आरोप लगाया है कि कंपनी के जरिए फंड्स को हवाला चैनलों से इधर-उधर किया गया और जांच के दौरान सबूत मिटाने के लिए ईमेल व वित्तीय रिकॉर्ड डिलीट करने के निर्देश भी दिए गए। अदालत ने 23 अप्रैल तक ईडी कस्टडी मंजूर करते हुए सीसीटीवी निगरानी और हर 48 घंटे में मेडिकल जांच के निर्देश दिए हैं। दिल्ली हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश- एक-तिहाई सजा काट चुके कैदियों को तुरंत रिहा किया जाए दिल्ली हाईकोर्ट ने विचाराधीन कैदियों के अधिकारों को लेकर एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस गिरीश कठपालिया की पीठ ने निर्देश दिया है कि जिन कैदियों ने अपने अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम संभावित सजा का एक-तिहाई या आधा हिस्सा जेल में बिता लिया है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी को जमानत देते हुए यह आदेश दिया। पीठ ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि आरोपी अधिकतम 7 साल की सजा वाले मामले में पहले ही एक-तिहाई से अधिक समय जेल में काट चुका है, जबकि उसका ट्रायल (मुकदमा) अभी शुरू भी नहीं हुआ है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद पहली बार अपराध करने वाले कई आरोपी लंबे समय से जेलों में बंद हैं, जो कि न्याय प्रणाली की विफलता को दर्शाता है। सुनवाई के दौरान इस मामले में आरोपी पर खुद की गलत पहचान बताकर शिकायतकर्ता और उसकी बेटी से धोखाधड़ी करने का आरोप था। अभियोजन पक्ष ने वॉट्सएप चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं बैंक दस्तावेजों के आधार पर आरोपों को साबित करने की कोशिश की। हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा दाखिल स्टेटस रिपोर्ट को भ्रामक करार दिया।
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