Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    BHU केन्द्रीय कार्यालय को शिक्षकों ने घेरा:बोले- डिप्टी रजिस्ट्रार नियमों का गलत प्रयोग कर रहे, प्रमोशन रोका; छात्रों ने प्रदर्शन किया

    9 hours ago

    2

    0

    BHU में शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर आज माहौल गर्म हो गया है। बड़ी संख्या में शिक्षक केंद्रीय कार्यालय (सेंट्रल ऑफिस) पहुंच गए। शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी कई महत्वपूर्ण समस्याएं वर्षों से लंबित हैं, जिनका समाधान अब तक नहीं किया गया है। देर रात इसकी जानकारी छात्रों को हुई तो वह बड़ी संख्या में केंद्रीय कार्यालय के गेट पर पहुंच गए। छात्र बोले कि मांग जायज है। विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों को पूरा करें। इस दौरान केंद्रीय कार्यालय के मुख्य गेट पर छात्रों को ऊपर जाने से रोक दिया गया। प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के साथ उनकी बहस भी हुई। छात्रों का कहना है कि जब तक हमारे अध्यापकों की मांग पूरी नहीं हो जाती, हमारा भी विरोध जारी रहेगा। प्रमुख मांगें क्या हैं? • यूजीसी के अन्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अनुरूप नोशनल इंक्रीमेंट लागू किया जाए • पूर्व सेवा की गणना सुनिश्चित की जाए • पीडीएफ से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा हो • मेडिकल कॉलेज में डीएसीपी के तहत प्रमोशन और कैरियर विकास में आ रही बाधाएं तुरंत हटाई जाएं • शिक्षकों का कहना है कि इन मुद्दों के लंबित रहने से उनके कैरियर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन पर गंभीर आरोप शिक्षकों ने आरोप लगाया कि डिप्टी रजिस्ट्रार वेलु ए. द्वारा विश्वविद्यालय के नियमों की गलत व्याख्या की जा रही है। इससे न केवल निर्णय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि पूरे शिक्षक समुदाय में असंतोष का माहौल बन गया है। शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यकारी परिषद द्वारा गठित ग्रेवांस कमेटी की सिफारिशों की गोपनीयता भंग की जा रही है। नियमानुसार रिपोर्ट को हायर ग्रेवांस कमेटी के पास समीक्षा के लिए भेजा जाना चाहिए था, लेकिन मेंबर सेक्रेटरी द्वारा इसे सीधे कुलसचिव को सौंप दिया गया, जो नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा है। इसके साथ ही रिपोर्ट को जानबूझकर विलंबित करने का भी आरोप लगाया गया है। 10 वर्षों से लंबित मुद्दे शिक्षकों का कहना है कि पिछले चार वर्षों से नोशनल इंक्रीमेंट और डीएसीपी के तहत प्रमोशन को रोका जा रहा है। इससे न केवल उनकी पेशेवर प्रगति बाधित हुई है, बल्कि आर्थिक और मानसिक दबाव भी बढ़ा है। कई शिक्षकों ने इसे “अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण” करार दिया। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे मामला प्रधानमंत्री कार्यालय तक ले जाएंगे। साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन भी शुरू किया जाएगा। बहुत से अध्यापक ऐसे हैं जिनका प्रमोशन 20 सालों से नहीं हुआ है ऐसा उन्होंने दावा किया है। अब जानिए विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों द्वारा जनवरी 2016 से जून 2018 के बीच पे लेवल 10 से पे लेवल 11 पर प्रोन्नति हेतु नोशनल इंक्रीमेंट के विषय पर विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष पूर्व में अपनी चिंताएं व्यक्त की गई थी। इस विषय को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पूरी गंभीरता के साथ लेते हुए वित्त समिति तथा कार्यकारिणी परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया और अनुशंसा अनुसार इसे अनुमोदन हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भेज दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को पूरा विश्वास है कि इस मुद्दे पर शिक्षकों के हित में शीघ्र ही सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। इस बारे में जिन भी शिक्षकों की शंकाएँ व चिंताएँ हैं उन्हें संवाद के माध्यम से दूर कर लिया जाएगा। पीडीएफ के विषय पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि इसे कार्यकारिणी परिषद की आगामी बैठक में विचार हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पूर्व MLC मोहम्मद इकबाल भगोड़ा घोषित:लखनऊ ED कोर्ट ने 995 करोड़ की संपत्ति जब्त की, दुबई में रह रहा आरोपी
    Next Article
    9.13 लाख की ठगी पुलिस ने 7.05 लाख लौटाए:कल्याणपुर में इंटरनेशनल कॉल पर दोगुना मुनाफा का झांसा देकर महिला को जाल में फंसाया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment