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    Bhutan में हिमनद झील टूटने के बाद Alipurduar में 12 हजार लोग सुरक्षित निकाले गए

    2 hours from now

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    (स्लग में बदलाव के साथ) कोलकाता, 30 अक्टूबर भूटान में एक हिमनद झील के फटने से संकोश नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने के बाद, पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में नदी के किनारे बसे इलाकों में रहने वाले करीब 12,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। संकोश नदी भूटान से निकलकर असम और पश्चिम बंगाल की सीमा वाले इलाकों से प्रवाहित होती है और आगे ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है।अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम भूटान के गासा इलाके में एक हिमनद झील के किनारे टूट गए, जिससे भारी मात्रा में पानी, कीचड़, चट्टानें और मलबा निचले इलाकों की ओर बहने वाली नदियों में आ गया। इसके बाद, लोगों को वहां से सुरक्षित निकाला गया। भूटान में शिंताफू झील के टूटने से करीब 74 लाख घन मीटर पानी मो नदी में बह गया है।इससे पश्चिम बंगाल और असम की सीमा पर बहने वाली संकोश नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इस घटना के बाद उत्तर बंगाल और असम के कुछ हिस्सों में बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी गई है। अधिकारी हिमालयी क्षेत्र से प्रवाहित होने वाली नदियों के जलस्तर पर करीबी नजर रखे हुए हैं।अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने एहतियात के तौर पर 12,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।’’ उन्होंने बताया कि शुक्रवार सुबह से संकोश नदी के जलस्तर में लगभग दो फुट की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, सिक्किम इस आपदा से प्रभावित नहीं हुआ, जहां अक्टूबर 2023 में हिमनद झील के फटने के कारण आई बाढ़ के कारण भारी तबाही हुई थी और कई लोगों की जान चली गई थी।अधिकारी ने स्थिति को देखते हुए की गई तैयारियों के बारे में बताया कि प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही, आपातकालीन प्रतिक्रिया को और मजबूत करने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन के दलों को भी काम पर लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम संकोश नदी के जलस्तर और प्रवाह पर करीबी नजर रख रहे हैं।साथ ही, स्थिति का जायजा लेने और ताजा जानकारी पाने के लिए भूटान के अधिकारियों के साथ भी संपर्क में हैं।’’ उन्होंने बताया कि अलीपुरद्वार में संकोश नदी से सटे कुमारग्राम इलाके में अब तक किसी बड़े नुकसान या जान-माल की क्षति की कोई सूचना नहीं है।
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