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    बरेली की अनोखी रामलीला:राम-सीता से लेकर भरत तक के किरदार निभा रहीं बेटियां, 6वीं की छात्रा बनीं भगवान राम

    8 hours ago

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    बरेली के राजेंद्र नगर में उत्तराखंड सांस्कृतिक समाज की रामलीला खास पहचान रखती है। यहां भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न समेत रामलीला के सभी प्रमुख किरदार बेटियां निभा रही हैं। स्कूलों में पढ़ने वाली ये छात्राएं अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत रही हैं। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। देखे दो तस्वीरें… 1981 में शुरू हुई थी रामलीला उत्तराखंड सांस्कृतिक समाज के पदाधिकारी गणेश दत्त अमोला ने बताया कि संस्था की स्थापना 1981 में हुई थी। कोरोना महामारी के दौरान दो साल रामलीला का मंचन नहीं हो सका था। इस बार 44वीं रामलीला आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि यहां बाहर से कलाकार नहीं बुलाए जाते। समाज के परिवारों के बच्चे ही रामलीला में अलग-अलग किरदार निभाते हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना और बेटियों को आगे बढ़ने का मौका देना है। कक्षा 6 की छात्रा प्रज्ञा बनीं भगवान राम बीबीएल स्कूल की कक्षा 6 की छात्रा प्रज्ञा भगवान श्रीराम का किरदार निभा रही हैं। प्रज्ञा ने बताया कि भगवान राम का स्वभाव सरल और शांत था। उनका किरदार निभाना उनके लिए खास अनुभव है। घर में पूजा-पाठ और रामायण से जुड़ाव होने के कारण उन्हें इस भूमिका को समझने में मदद मिलती है। अंशिका बनीं भरत, दिव्यांशी निभा रहीं सीता का किरदार कक्षा 4 की छात्रा अंशिका भदौरिया भरत की भूमिका निभा रही हैं। वह पिछले तीन साल से इस रामलीला में हिस्सा ले रही हैं। अंशिका ने बताया कि उन्हें भरत का भगवान राम के प्रति प्रेम और त्याग बहुत पसंद है। वहीं, सेंट फ्रांसिस कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की कक्षा 6 की छात्रा दिव्यांशी जोशी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। दिव्यांशी ने बताया कि रामलीला के संगीत और संवादों से किरदार को समझने और उसे मंच पर निभाने में मदद मिलती है। संगीत और पारंपरिक वेशभूषा है खास इस रामलीला में शास्त्रीय और लोक संगीत के साथ संवाद बोले जाते हैं। डिजिटल पर्दों और पारंपरिक वेशभूषा के बीच छात्राएं राम-भरत मिलाप, वन गमन और भरत को खड़ाऊं देने जैसे प्रसंगों का मंचन कर रही हैं। बेटियों के अभिनय और उनकी तैयारी की शहर में सराहना हो रही है।
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