Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद- BKTC की जांच समिति पर उठे सवाल:भैरव सेना बोली- अभी प्रत्यक्ष सबूत नहीं, इसलिए SIT जांच हो; CM धामी को भेजा पत्र

    8 hours ago

    1

    0

    अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों का मामला भी तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को सामने लाने वाले भैरव सेना उत्तराखंड के अध्यक्ष संदीप खत्री ने देहरादून में प्रेसवार्ता कर श्री बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) की ओर से गठित चार सदस्यीय जांच समिति पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि संगठन के पास फिलहाल आरोपों को सिद्ध करने के प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं हैं। इसलिए पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में गठित विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराई जानी चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजा गया है, जबकि इसकी प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय को भी भेजी गई है। खत्री ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कराना है। उनका कहना है कि जांच में आरोप सही साबित हों या गलत, लेकिन सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच ऐसी हो, जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो। जानिए भैरव सेना ने क्या-क्या कहा… 1. BKTC की जांच समिति पर जताया अविश्वास संदीप खत्री ने कहा कि समिति में विधि, प्रशासन और वित्त से जुड़े अधिकारी तो हैं, लेकिन कोई साइबर या फोरेंसिक विशेषज्ञ शामिल नहीं है। जबकि पूरा मामला कथित CCTV फुटेज से जुड़ा है। ऐसे में तकनीकी जांच विशेषज्ञों के बिना निष्पक्ष तरीके से संभव नहीं होगी। 2. प्रत्यक्ष सबूत नहीं, इसलिए SIT जांच जरूरी भैरव सेना अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि अभी संगठन के पास ऐसे प्रत्यक्ष और ठोस साक्ष्य नहीं हैं, जिनसे आरोप सिद्ध किए जा सकें। उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी विभागीय और अन्य विश्वसनीय सूत्रों से मिली थी। इसलिए संगठन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच रहा, बल्कि स्वतंत्र SIT जांच की मांग कर रहा है। 3. CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग भैरव सेना ने BKTC से घटना वाले दिन सुबह 8 से 10 बजे के बीच रिकॉर्ड हुई CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इससे पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता स्पष्ट हो जाएगी। साथ ही, संदीप खत्री ने बताया कि संगठन जल्द ही BKTC अध्यक्ष और उत्तराखंड के DGP से मुलाकात कर स्वतंत्र जांच की मांग करेगा। अब समझिए क्या है पूरा मामला... 1. 2 जुलाई को सामने आया था वीडियो विवाद की शुरुआत 2 जुलाई 2026 को हुई, जब एक कथित CCTV वीडियो सामने आने के बाद चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोप लगे। भैरव सेना का कहना है कि इससे पहले उन्हें मंदिर समिति के कुछ सूत्रों से भी ऐसी जानकारी मिली थी। इसके बाद संगठन ने BKTC के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) को शिकायत भेजी। 2. BKTC ने कर्मचारियों से मांगा जवाब शिकायत मिलने के बाद BKTC के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा। जांच के लिए 2 जुलाई की CCTV फुटेज को सुरक्षित रखा गया। भैरव सेना का आरोप है कि संबंधित कर्मचारी को मौके से हटाकर दूसरी जगह अटैच कर दिया गया। 3. चार सदस्यीय जांच समिति का गठन मामले की जांच के लिए BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चार सदस्यीय समिति बनाई। समिति में विधि, वित्त और प्रशासन से जुड़े अधिकारी शामिल किए गए हैं। फिलहाल समिति पूरे घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। उसकी अंतिम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। 4. BKTC ने आरोपों पर दी सफाई BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जिस कर्मचारी को उनका निजी सहायक (PA) बताया जा रहा है, वह दावा सही नहीं है। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति समिति का नियमित कर्मचारी है। यदि जांच में कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 5. अब स्वतंत्र जांच की मांग उठी जांच समिति बनने के बाद भैरव सेना ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में SIT से जांच कराने की मांग की है। संगठन चाहता है कि जांच दल में साइबर और फोरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हों, ताकि CCTV समेत सभी तकनीकी साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच हो सके। अब जानिए पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने क्या कहा पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बद्रीनाथ धाम जैसे आस्था के केंद्र से जुड़े मामले में किसी भी तरह की अनियमितता के आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि यदि दान राशि में गड़बड़ी हुई है तो उसकी पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जांच ऐसी हो, जिस पर सभी पक्षों और श्रद्धालुओं को पूरा भरोसा हो। देवस्थानम बोर्ड पर फिर दोहराया पुराना रुख त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस दौरान देवस्थानम बोर्ड को लेकर भी अपनी पुरानी राय दोहराई। उन्होंने कहा कि भले ही सरकार ने देवस्थानम बोर्ड को समाप्त कर दिया हो, लेकिन आज भी उनका मानना है कि प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के बेहतर संचालन और प्रबंधन के लिए ऐसी व्यवस्था की जरूरत है। उनके मुताबिक, संस्थागत व्यवस्था से मंदिरों के प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यवस्था बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकती है। BKTC का विवादों से पुराना नाता बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) का नाम इससे पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। मौजूदा चढ़ावा विवाद के बीच एक बार फिर समिति की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ समय में केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर चढ़ाई गई सोने की प्लेटों का कथित रंग उतरने का मामला चर्चा में रहा। इसके अलावा मंदिर परिसर में दान लेने के लिए कथित तौर पर अनधिकृत QR कोड लगाए जाने, समिति के बजट का वीआईपी मेहमाननवाजी पर खर्च करने और एक पदाधिकारी द्वारा अपनी पत्नी को कर्मचारी के रूप में नियुक्त कराने के आरोप भी लगे। वहीं, चारधाम मंदिरों में वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए अलग दर्शन व्यवस्था को लेकर भी समय-समय पर विवाद होता रहा है। क्या है BKTC और क्यों हुआ था गठन श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का गठन द यूपी श्री बद्रीनाथ और श्री केदारनाथ टेंपल एक्ट 1939 के तहत किया गया था। यह कानून मंदिरों के बेहतर प्रशासन और प्रबंधन के लिए बनाया गया था। इस अधिनियम में समिति की संरचना, उसके अधिकार, मंदिर संचालन, व्यवस्था बनाए रखने और नियम बनाने से जुड़ी बातें तय की गई हैं। यानी समिति के पास मंदिरों के प्रशासन और व्यवस्था को लेकर निर्णय लेने का अधिकार इसी कानून के तहत आता है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें : राम मंदिर के बाद केदारनाथ-बद्रीनाथ से चढ़ावा चोरी का आरोप: कर्मचारियों को नोटिस, तीन दिन में जवाब मांगा; जांच के लिए CCTV सुरक्षित रखा अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर से भी चढ़ावा चोरी का आरोप लग रहा है। धार्मिक संगठन भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को पत्र लिखकर BKTC अध्यक्ष के निजी सहायक पर चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    ‘वंदे मातरम्’ की 150 साल की यात्रा सामने लाएगा IIAS:उपराष्ट्रपति 10 जुलाई को कॉफी-टेबल बुक का विमोचन करेंगे; विवादों का भी उल्लेख
    Next Article
    पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर, 10 बड़ी खबरें:घर बुला बॉयफ्रेंड की गर्दन काटी; लेडी अफसर ने जेल में बनाए संबंध; कांग्रेस में बगावत, चन्नी दिल्ली रवाना

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment