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    Captain Smit Machchhar ने बताई आपबीती, Cockpit Door खोलकर ऐसे टाला बड़ा विमान हादसा

    13 hours ago

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    दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट के जानलेवा हमले से बाल-बाल बचे भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने एक इंटरव्यू में उस खौफनाक घटना की पूरी कहानी बताई है। इस घटना ने दुनियाभर में लोगों को हैरान कर दिया था। 38 वर्षीय कैप्टन स्मित मच्छार ने बताया कि कैसे एक सामान्य उड़ान अचानक उनकी जिंदगी बचाने की लड़ाई में बदल गई।क्या था पूरा मामला?यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। बोइंग 737 विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था और उसमें 170 से अधिक लोग सवार थे।कैप्टन स्मित मच्छार ने ‘स्काई न्यूज अरबिया’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि उड़ान सामान्य रूप से चल रही थी। उड़ान भरने के करीब दो घंटे बाद ओमान के रहने वाले को-पायलट हमाम अल हमामी ने नमाज पढ़ने की इच्छा जताई। कैप्टन मच्छार ने सम्मान के तौर पर अपना ध्यान दूसरी तरफ कर लिया और अपनी सीट पर बैठकर कंप्यूटर पर लैंडिंग और ईंधन से जुड़ी जानकारी देखने लगे।इसे भी पढ़ें: रूस, भारत और टैरिफ का खेल! ट्रंप ने क्यों लिया 60 दिन का समय, रुबियो ने खोला राजपीछे से कुल्हाड़ी से किया हमलाइसी दौरान हमामी ने पीछे से आकर आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाली कुल्हाड़ी से कैप्टन मच्छार के सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार वार किया। कैप्टन मच्छार ने घटना को याद करते हुए कहा, "मेरे सिर के पीछे बहुत जोर से वार हुआ। यह इतना तेज था कि पहले मुझे लगा कि विमान की छत से कोई भारी चीज टूटकर मेरे सिर पर गिर गई है। लेकिन कुछ ही सेकंड में मुझे समझ आ गया कि मुझ पर हमला किया जा रहा है।"बार-बार बेहोश हो रहे थे कैप्टन मच्छारहमले के बाद कैप्टन मच्छार की नजर धुंधली हो गई और उन्हें केवल कुछ इंच तक ही साफ दिखाई दे रहा था। लगातार हो रहे हमलों के कारण वह बार-बार बेहोश हो रहे थे। उन्होंने अपनी सीट बेल्ट खोली और खुद को बचाने की कोशिश की। मुश्किल हालात को याद करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने खुद से कहा- स्मित, कुछ करो। तुम ऐसे नहीं मर सकते। मैं अपनी मौत स्वीकार नहीं कर सकता।"ऐसे खोला कॉकपिट का दरवाजाअपनी जान बचाने की कोशिश में कैप्टन मच्छार किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने वाले स्विच तक पहुंचे। हालांकि, वह बार-बार बेहोश हो रहे थे और उन्हें इसके बाद की पूरी घटना ठीक से याद नहीं है।इसके बावजूद वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। दरवाजा खुलते ही यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर आने का मौका मिला। उन्होंने मिलकर हमलावर को-पायलट को पकड़ लिया।इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने Russia पर नए प्रतिबंधों से छूट देने का किया बचाव, बताया अच्छा फैसलाविमान को क्रैश करने की थी कथित योजनासंयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी जनरल के मुताबिक, को-पायलट की कथित योजना विमान पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल करने और उसे तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल से टकराने की थी। इस हाईजैक की कोशिश और हमले के मामले की जांच की जा रही है। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया।इलाज के बाद सेहत में हुआ सुधारहमले के बाद कैप्टन मच्छार को पहले ताबूक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें अबू धाबी भेजा गया। भारतीय दूतावास ने अक्टूबर की शुरुआत में उनकी सेहत में सुधार की पुष्टि की थी।कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ, बहादुरी और मुश्किल समय में संयम बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई वैश्विक नेताओं ने उनकी सराहना की है।
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