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    चित्रकूट के पथरा गांव में जल संकट खत्म:जल जीवन मिशन से हर घर में पहुंचा स्वच्छ नल का पानी

    7 hours ago

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    चित्रकूट पहाड़ी ब्लॉक के पथरा (पथरा मानी) गांव में कभी गंभीर जल संकट था, लेकिन अब जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल से स्वच्छ पानी पहुंच रहा है। यह गांव अब बदलाव की एक मिसाल बन गया है। पहले, गांव के 200 से अधिक परिवार केवल एक कुएं पर निर्भर थे। स्थिति इतनी विकट थी कि महिलाओं को तालाबों और नालों का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ता था। पानी की कमी का असर केवल दैनिक जीवन पर ही नहीं, बल्कि आपात स्थितियों पर भी पड़ता था। आग लगने की घटनाओं में पर्याप्त पानी न होने के कारण नुकसान बढ़ जाता था। हालांकि, अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। जल जीवन मिशन के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाई गई है और हर घर में नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन काफी आसान हो गया है। दैनिक भास्कर की टीम से बात करते हुए बुजुर्ग लाल यादव ने खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, "अब जल जीवन का पानी धकाधक आ रहा है, पानी की कोई दिक्कत नहीं रही।" गांव के निवासी अवधेश ने बताया कि पहले हालात बेहद कठिन थे। उन्होंने कहा, "हम करीब 2 किलोमीटर दूर नाले में गड्ढा खोदकर पानी निकालते थे। वही पानी पूरे गांव के लिए होता था। पानी गंदा होता था, जिसे हम बर्तन में रखकर मिट्टी बैठने का इंतजार करते थे, फिर पीते थे। एक घर को एक बार ही पानी मिल पाता था।" बृजेंद्र मिश्रा ने बताया कि पानी की कमी का सामाजिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ता था। उन्होंने कहा, "यहां लोग शादी करने से कतराते थे। जो एक बार आ जाता था, वह दोबारा रिश्ते से मना कर देता था। अब हालात बदल गए हैं, गांव में शादियां भी होने लगी हैं।" गांव की महिला ज्ञान सखी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि 20 साल पहले शादी के बाद जब वह यहां आई थीं, तो पानी की समस्या से बहुत परेशान थीं। उन्होंने बताया, "2 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता था, वह भी साफ नहीं मिलता था। अब घर में ही नल से पानी मिल रहा है, तो जिंदगी आसान हो गई है।" पथरा गांव की यह कहानी दिखाती है कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन किस तरह लोगों की जिंदगी बदल सकता है।
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