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    China जा रहा था कार्गो, ईरान ने भारत भेजा, दुनिया हैरान!

    3 hours from now

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    मिडिल ईस्ट में जंग चल रही है। एक तरफ ईरान और दूसरी तरफ है अमेरिका और इजराइल। मिसाइलें लगातार चल रही हैं। रास्ते बंद हो रहे हैं और सबसे बड़ा असर पड़ रहा है तेल और गैस सप्लाई पर। इसी बीच भारत ने एक ऐसा कदम उठा लिया है जिसने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। करीब 5 साल बाद इंडिया ने फिर से ईरान से एलपीजी गैस खरीद ली है। 2019 में जब अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध लगाए थे तब भारत को मजबूरी में यह खरीद बंद करनी पड़ी थी। लेकिन अब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की तरफ से मिली 30 दिन की अस्थाई छूट के बाद भारत ने फिर से यह डील शुरू कर दी है और वजह साफ है आटा महंगा हो जाए तो रोटी भी मुश्किल हो जाती है। तेल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं। सप्लाई चेन टूट रही है और भारत अपने लोगों का चूल्हा जलाए रखना चाहता है। सूत्रों के मुताबिक ईरान से एलपीजी लेकर एक टैंकर भारत की ओर बढ़ रहा है। इसे भी पढ़ें: Budget 2026 पर संसद की मुहर, FM Sitharaman बोलीं- ये है Viksit Bharat का Roadmapबता दें कि अरोड़ा एलपीजी टैंकर लगभग 43,000 टन एलपीजी, ब्यूटेन और प्रोपेन लेकर आ रहा महत्वपूर्ण जहाज है जो ईरान से भारत के लिए आ रहा पीएसयू कनेक्ट है। यह जहाज 2019 के बाद ईरान से भारत आने वाला पहला एलपीजी कारगोन है जो मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण भारत के गैस संकट को कम करने में मदद करेगा। साथ ही बताया जा रहा है कि यह कारग को पहले चीन जा रहा था। लेकिन अब इसका रुख भारत की तरफ कर दिया गया है। दरअसल मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से स्टेट ऑफ हॉर्मोस बंद है और भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से लाता है। हालात ऐसे हैं कि भारत इस वक्त गैस संकट के दबाव में है। घरेलू एलपीजी की मांग बढ़ रही है। इंडस्ट्री को सप्लाई तक काटनी पड़ रही है और 60% गैस तो भारत बाहर से ही मंगवाता है। इसे भी पढ़ें: ट्रंप ने अचानक घुमाई गर्दन, फिर हुआ भारत पर सबसे बड़ा ऐलानयानी कि 9 दिन चले ढाई कोस वाली स्थिति इस समय बन चुकी है। इसलिए भारत ने एक नहीं कई कदम उठा लिए हैं। हॉर्मूस में फंसे अपने टैंकर बाहर निकाले। खाली जहाजों को एलपीजी लोड करने भेजा और अब सीधे ईरान से भारत ने खरीद शुरू कर दी है। लेकिन हालांकि इसमें दिलचस्प बात यह है कि इस डील पर सरकार खुलकर कुछ नहीं बोल रही है। लेकिन ट्रेड डाटा और इंडस्ट्री सूत्र साफ इशारा कर रहे हैं कि खेल अंदर ही अंदर चल रहा है। और हां पेमेंट भी रुपए में हो सकता है। यानी कि डॉलर का झंझट अब खत्म होने वाला है। लेनदेन आसान होगा। एक तरफ ईरान जो अमेरिका और इजराइल से भिड़ा हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ है भारत जो अपने हितों को ध्यान में रखते हुए चुपचाप उसी ईरान से गैस खरीद रहा है। 
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