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    CSJMU के प्रो. सुधांशु पाण्ड्या को फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी:भाषा विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में बने सदस्य, राज्यपाल ने जारी किए आदेश

    6 hours ago

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    छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. सुधांशु पाण्ड्या को एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने उन्हें लखनऊ स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद (Executive Council) में बतौर सामान्य सदस्य नियुक्त किया है। यह लगातार दूसरा मौका है जब उन्हें इस महत्वपूर्ण पद पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजभवन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कुलाधिपति ने 'उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973' की धारा-20 की उपधारा-1 (जी) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह नियुक्तियां की हैं। इस आदेश में भाषा विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के लिए एक न्यायिक सदस्य और तीन सामान्य सदस्यों को नामित किया गया है। प्रो. पाण्ड्या के साथ अन्य नियुक्तियों के माध्यम से विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया गया है। दो साल तक संभालेंगे अहम जिम्मेदारी नियुक्ति पत्र के अनुसार, प्रो. पाण्ड्या का यह कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा। बतौर निदेशक प्रो. पाण्ड्या का शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव अब भाषा विश्वविद्यालय के नीतिगत निर्णयों, नई शिक्षा नीतियों को लागू करने और संस्थान के चहुंमुखी विकास में अहम भूमिका निभाएगा। सीएसजेएमयू में खुशी का माहौल प्रो. पाण्ड्या की इस उपलब्धि से सीएसजेएमयू में शिक्षकों और सहकर्मियों के बीच काफी उत्साह है। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने भी इस नियुक्ति पर खुशी जाहिर की है और प्रो. पाण्ड्या को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विवि के अन्य संकाय सदस्यों का कहना है कि एक अनुभवी शिक्षाविद का दूसरी यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद में बार-बार चुना जाना, न केवल उनके व्यक्तित्व की सफलता है, बल्कि यह सीएसजेएमयू की बढ़ती साख और प्रभाव को भी दर्शाता है। आने वाले समय में भाषा विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद में लिए जाने वाले बड़े निर्णयों में प्रो. पाण्ड्या की विशेषज्ञता का लाभ संस्थान को मिलेगा, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और अकादमिक सुधारों को और गति मिलने की उम्मीद है।
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