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    Donald Trump का ईरान पर बड़ा दांव: 'मशीनें लेकर जाएंगे और सारा यूरेनियम अमेरिका वापस लाएंगे'

    3 hours from now

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी परमाणु गतिरोध के बीच एक अत्यंत साहसी और चौंकाने वाला दावा किया है, जिसे अब उनकी 'एक्स्कवेटर डिप्लोमेसी' के रूप में देखा जा रहा है। एरिजोना में एक सार्वजनिक मंच से ट्रंप ने घोषणा की कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) के भंडार को सौंपने और उसे अमेरिका ले जाने पर सहमत हो गया है। ट्रंप के अनुसार, वे बड़ी खुदाई मशीनों के साथ ईरान जाकर इस परमाणु सामग्री को सुरक्षित रूप से वापस लाएंगे। हालांकि, यह बयान जितना प्रभावशाली है, उतना ही विवादास्पद भी, क्योंकि ईरानी अधिकारियों ने यूरेनियम हस्तांतरण के ऐसे किसी भी समझौते से साफ इनकार कर दिया है। ट्रंप का यह 'बड़ा दांव' एक ओर बातचीत के जरिए समाधान की उम्मीद जगाता है, तो दूसरी ओर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी की उनकी धमकी ने सैन्य और आर्थिक तनाव को और गहरा कर दिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें पाकिस्तान में होने वाले दूसरे दौर की वार्ता पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि ट्रंप का यह दावा हकीकत है या केवल कूटनीतिक दबाव बनाने की एक रणनीति।इसे भी पढ़ें: IPL 2026: कोलकाता नाइट राइडर्स की फिर हार, प्लेऑफ की रहा हुई मुश्किल, गुजरात के लिए शुभमन गिल ने खेली कप्तानी पारी डोनाल्ड ट्रंप का चौंकाने वाला दावाअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत को लेकर सकारात्मक रुख दिखाते हुए दावा किया है कि ईरान "हर बात पर सहमत" हो गया है। ट्रंप ने विशेष रूप से ईरान के संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) के भंडार को लेकर बड़ा बयान दिया। एरिजोना के फीनिक्स में आयोजित 'टर्निंग पॉइंट USA' कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा: "हम ईरान के साथ मिलकर काम करेंगे और वहां से यूरेनियम लाने के लिए बड़ी खुदाई मशीनों (Excavators) का इस्तेमाल करेंगे। हम उसे वापस अमेरिका ले आएंगे।" हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है और यूरेनियम हस्तांतरण की किसी भी बात से इनकार किया है।इसे भी पढ़ें: Indian Sports में बड़ा विवाद: कोच पर नशे में Harassment का आरोप, Paralympic Champion Sumit Antil ने खोले राज पहले दौर की विफलता और बढ़ता विवादपिछले सप्ताह इस्लामाबाद में हुई वार्ता के विफल होने का मुख्य कारण परमाणु कार्यक्रम पर असहमति थी।अमेरिकी पक्ष: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने कहा कि ईरान का अमेरिकी मांगों को न मानना विफलता का कारण बना।ईरानी पक्ष: ईरान ने अमेरिका की मांगों को "अनुचित" करार दिया और कहा कि उनका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है।होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर बढ़ता तनावबातचीत विफल होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी की घोषणा कर दी है। ईरान ने इसे संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका अपने वादों से पीछे हटता है, तो ईरान "आवश्यक जवाबी कदम" उठाएगा और इस मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।सोमवार को होने वाली यह संभावित वार्ता वैश्विक तेल आपूर्ति और मध्य-पूर्व की स्थिरता के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि इस बार भी बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुँचती है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी दुनिया भर की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर सकती है।
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