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    फर्जी ट्रेडिंग ऐप से 23.46 लाख की ठगी:लखनऊ में व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर फंसाया, शुरू में वापस की प्रॉफिट की रकम

    17 hours ago

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    लखनऊ में साइबर ठगों ने फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग के झांसे में लेकर 2 लोगों से 23.46 लाख की ठगी कर ली। जालसाजों ने व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर खुद को “ जय ब्रोकिंग/ऑनलाइन ट्रेडिंग” का प्रतिनिधि बताया। निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। इसके बाद कई बार में रुपए ट्रांसफर करवा लिया। फिर और पैसे का दबाव बनाने पर पीड़ित को संदेह हुआ। जिसके बाद मुकदमा दर्ज कराया। इंदिरानगर अलीगंज निवासी रविन्द्र कुमार तिवारी ने बताया- 24 नवंबर 2025 को उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में अलग-अलग नंबरों से खुद को कस्टमर सर्विस बताने वाले लोग रोजाना फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट और मैसेज शेयर करते थे। जिससे सदस्यों का भरोसा जीता जाता था। नकली मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता इसके बाद एक लिंक भेजकर उनसे एक फर्जी ट्रेडिंग मोबाइल ऐप डाउनलोड कराई गई। ऐप पर केवाईसी अपडेट के नाम पर उनकी निजी जानकारी ली गई। शुरुआत में 5 से 10 हजार रुपए निवेश कराए गए। ऐप में नकली मुनाफा दिखाकर उनका भरोसा जीता। धीरे-धीरे अलग-अलग लिंक के जरिए निवेश के नाम पर कुल 11 लाख 96 हजार रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। पीड़ित के अनुसार, 16 जनवरी 2026 को अचानक उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप से हटा दिया गया। सभी नंबरों से ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद उनके कॉल और मैसेज का कोई जवाब नहीं मिला। तब उन्हें साइबर फ्रॉड की जानकारी हुई। 11.50 लाख ठगे चिनहट शिवनाथ नगर निवासी राकेश मिश्रा ने बताया कि 30 जनवरी को उन्हें एक अज्ञात मोबाइल नंबर से एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में शुरुआत में शेयर मार्केट से जुड़ी जानकारी दी जाती थी। जिससे भरोसा बन गया। इसके बाद एक अन्य एडमिन ने उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया। झांसे में आकर राकेश ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 11.50 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने विश्वास दिलाने के लिए 9 मार्च को 50 हजार रुपए प्रॉफिट के रूप में वापस भी किए। आईटी सेक्टर में काम करने वाले बेटे से जांच कराई कुछ समय बाद जब राकेश ने अपनी पूरी रकम मुनाफे के साथ निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने पैसे देने से इनकार कर दिया। शक होने पर उन्होंने बैंगलुरु में आईटी सेक्टर में काम करने वाले बेटे से जांच कराई। जांच में पूरा मामला फर्जी निकला। इंस्पेक्टर साइबर थाना बृजेश यादव ने बताया मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।
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