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    फिरोजाबाद के कांच-चूड़ी उद्योग में उत्पादन घटा:ईरान-इजरायल युद्ध का असर, लाखों मजदूर की नौकरी संकट में, कई कारखाने बंद होने की कगार पर

    14 hours ago

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    फिरोजाबाद। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब फिरोजाबाद के विश्व प्रसिद्ध कांच और चूड़ी उद्योग पर दिखाई देने लगा है। गैस आपूर्ति में कमी और कीमतों में बढ़ोतरी के कारण शहर के कई कारखानों में उत्पादन घटा दिया गया है, जबकि अनेक चूड़ी कारखाने बंद करने का निर्णय लिया गया है। इससे हजारों मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। उद्यमियों के अनुसार फिरोजाबाद के कांच उद्योग को गेल गैस लिमिटेड के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 15 लाख घनमीटर नेचुरल गैस की आपूर्ति होती है। युद्ध के बाद कतर से गैस आपूर्ति कम होने के कारण पहले तीन लाख घनमीटर की कटौती की गई और इसके बाद शेष कोटे में भी करीब 20 प्रतिशत तक कमी कर दी गई है। गैस आपूर्ति घटने से उद्योग जगत में हड़कंप मच गया है। 30 से 40% तक घटाया गया उत्पादन इस मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश ग्लास मैन्युफैक्चरर्स सिंडीकेट (यूपीजीएमएस) के पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें उत्पादन घटाने का निर्णय लिया गया। कांच की बोतल बनाने वाले ऑटोमैटिक कारखानों और चूड़ी के टैंक फर्नेश कारखानों में 30 से 40 प्रतिशत तक उत्पादन कम कर दिया गया है। वहीं पाट फर्नेश कारखानों के उद्यमियों ने फिलहाल उत्पादन बंद करने का निर्णय लिया है। कच्चा माल महंगा, चूड़ियों के दाम बढ़े उद्यमियों का कहना है कि गैस महंगी होने के साथ-साथ कच्चा माल और केमिकल भी 15 से 20 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं। ऐसे में पुराने दामों पर चूड़ी बनाना संभव नहीं रह गया है। चूड़ियों के दाम भी प्रति तोड़ा पांच से दस रुपये तक बढ़ गए हैं, लेकिन बढ़ी कीमतों पर बाजार में खरीदार कम मिल रहे हैं। गैस कोटे पर अनिश्चितता इंडस्ट्रियल स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटी फिरोजाबाद के अध्यक्ष बिन्नी मित्तल का कहना है कि गैस कोटे में कटौती के बाद उद्योग संकट में है। कई उद्यमी गैस बिल आने का इंतजार कर रहे हैं और हालात स्पष्ट होने तक उत्पादन कम या बंद करने पर मजबूर हैं। गेल गैस की ओर से केवल ई-मेल के जरिए कटौती की सूचना दी गई है और अधिक गैस उपयोग करने पर पेनल्टी की चेतावनी भी दी गई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उद्योगों को कितनी गैस और किस दर पर दी जाएगी। मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट दूसरी ओर मजदूर संगठनों ने भी चिंता जताई है। कांच एवं चूड़ी मजदूर सभा के महामंत्री रामदास मानव ने कहा कि होली के बाद फिर से कारखाने बंद होने की स्थिति बन गई है। यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो जिले के करीब पांच से सात लाख मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उद्योग जगत का कहना है कि गैस आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो फिरोजाबाद का कांच और चूड़ी उद्योग गंभीर संकट में आ सकता है।
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