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    फार्मर आईडी से सत्यापन की झंझट खत्म:अब आधार नंबर डालते ही दिखेगा किसानों का विवरण, 73 केंद्रों पर होगी खरीद

    1 day ago

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    सिद्धार्थनगर में धान बेचने के लिए किसानों को इस बार पंजीकरण में राहत मिलेगी। फार्मर आईडी होने पर आधार नंबर डालते ही खाद्य विभाग के पोर्टल पर विवरण अपने आप आ जाएगा और दोबारा सत्यापन नहीं कराना होगा। जिले में 1 नवंबर से सरकारी खरीद शुरू होकर 28 फरवरी 2027 तक चलेगी। इसके लिए 73 केंद्र बनाए गए हैं और 72 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। कॉमन धान 2441 और ग्रेड-ए का भाव 2461 रुपए सरकारी केंद्रों पर कॉमन धान 2441 रुपए और ग्रेड-ए धान 2461 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। विभाग ने किसानों से खरीद शुरू होने से पहले पंजीकरण, बैंक खाते और भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच करने की अपील की है, ताकि उपज बेचने के दौरान परेशानी न हो। फार्मर आईडी से आसान होगा पंजीकरण जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रमेश कुमार के मुताबिक, फार्मर आईडी वाले किसानों को पंजीकरण के दौरान दोबारा सत्यापन नहीं कराना होगा। आधार नंबर डालने पर पोर्टल पर उपलब्ध विवरण दिखाई देगा। किसान को अपनी श्रेणी दर्ज कर जानकारी सेव करनी होगी। धान, मक्का, ज्वार और बाजरा बेचने के लिए अलग-अलग पंजीकरण की जरूरत नहीं होगी। एक ही पंजीकरण में चारों फसलों की भूमि का विवरण जोड़ा जा सकेगा। नौगढ़ में सबसे ज्यादा 21 क्रय केंद्र जिले की पांच तहसीलों में कुल 73 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें नौगढ़ में 21, बांसी में 16, डुमरियागंज में 13, इटवा में 12 और शोहरतगढ़ में 11 केंद्र शामिल हैं। इन्हीं के माध्यम से जिले में 72 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। गलती सुधारने के बाद ही बेच सकेंगे धान पंजीकरण में भूमि या व्यक्तिगत विवरण गलत होने पर किसान एग्रीस्टैक या डीसीएस पोर्टल के जरिए सुधार करा सकते हैं। जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन्हें पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सरकारी केंद्रों पर धान बेचने के बाद किसानों के बैंक खाते में 48 घंटे के भीतर भुगतान करने की व्यवस्था निर्धारित की गई है।
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