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    गोरखपुर में ICRA रिपोर्ट के बाद निजीकरण पर सवाल:फैसला वापस लेने की मांग, बिजली कर्मचारियों ने बताया फैसला गलत

    2 hours ago

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    गोरखपुर के बिजली कर्मचारियों ने इकरा (ICRA) की ताजा रिपोर्ट में बिजली क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के डिस्कॉम की स्थिति में सुधार सामने आने के बाद निजीकरण के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े कर्मचारियों ने कहा कि जब पूर्वांचल और दक्षिणांचल के डिस्कॉम बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो निजीकरण का निर्णय उचित नहीं है और इसे वापस लिया जाना चाहिए। संघर्ष समिति से जुड़े गोरखपुर के कर्मचारियों ने कहा कि जिन वितरण निगमों को पहले घाटे और कमजोर व्यवस्था के आधार पर निजीकरण के लिए चिन्हित किया गया था, अब उन्हीं में सुधार दिख रहा है। इससे साफ है कि व्यवस्था को सुधार के जरिए बेहतर किया जा सकता है, निजीकरण जरूरी नहीं है। इकरा रिपोर्ट से मिला मजबूत आधार कर्मचारियों ने बताया कि वित्तीय साल 2025-26 में बिजली क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उत्तर प्रदेश के डिस्कॉम ने संचालन, भुगतान अनुशासन और योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर काम किया है, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है। इकरा की रिपोर्ट के अनुसार पावर सेक्टर की रेटिंग मैट्रिक्स 2023-24 में 2.9 से बढ़कर 2024-25 में 3.4 और 2025-26 में 5.2 हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि बिजली व्यवस्था लगातार सही दिशा में आगे बढ़ रही है। बढ़ती मांग के बीच बेहतर प्रबंधन गोरखपुर के कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए लंबी अवधि के समझौते किए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली मिल रही है और ऊर्जा आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। कर्मचारियों ने बताया कि उत्पादन लागत अधिक होने के बावजूद उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया है। यह विभाग के संतुलित और जिम्मेदार कामकाज को दिखाता है। निजीकरण से बढ़ सकती हैं दिक्कतें संघर्ष समिति से जुड़े कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि निजीकरण होने पर बिजली दरें बढ़ सकती हैं, गांव और दूरदराज क्षेत्रों की अनदेखी हो सकती है और कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा पर असर पड़ेगा। बिजली कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि अगर मौका दिया जाए तो वे पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करते हुए व्यवस्था को और मजबूत बना सकते हैं।
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