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    हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से युवक की मौत:पीलीभीत में छत पर कपड़े सुखाते समय हुआ हादसा, ग्रामीणों में आक्रोश

    13 hours ago

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    पीलीभीत में गुरुवार सुबह युवक की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक कृष्ण चंद शहर के एक निजी अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत था। मामला गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम अजीतपुर पटपरा का है। जानकारी के अनुसार, कृष्ण चंद गुरुवार सुबह करीब 10 बजे नाइट ड्यूटी पूरी कर घर लौटे थे। नहाने के बाद वह मकान की दूसरी मंजिल की छत पर कपड़े सुखाने गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मकान के बेहद करीब से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। कपड़े फैलाते समय उनका हाथ या शरीर लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे उन्हें तेज करंट लगा और वह गंभीर रूप से झुलसकर छत पर ही गिर पड़े। छत पर बेसुध अवस्था में मिला काफी देर तक नीचे न आने पर परिजन छत पर पहुंचे तो उन्हें बेसुध अवस्था में पाया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष ब्रजवीर सिंह ने बताया कि हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से युवक की मौत हुई है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि रिहायशी इलाकों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनें लगातार हादसों को न्योता दे रही हैं, लेकिन विभाग द्वारा इन्हें सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। मृतक अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है और परिवार की आजीविका का वही मुख्य सहारा था। --------------------- ये खबर भी पढ़िए… मां चाहती थी- हरीश को इच्छामृत्यु, पिता तैयार नहीं थे:गाजियाबाद में ब्रह्मकुमारी बहन बोलीं- उसके कर्म कट चुके हैं ‘तुम एक पंछी हो, लेकिन अभी दुख और पीड़ा के एक पिंजड़े में कैद हो। इस पिंजड़े से अब तुम्हारे उड़ने का समय आ गया है।’ यह ब्रह्मकुमारी लवली के शब्द हैं, जो उन्होंने गाजियाबाद में हरीश राणा को अंतिम विदाई देते वक्त कहे थे। हरीश 13 साल से कोमा में हैं। सुप्रीम कोर्ट से परमीशन मिलने बाद दिल्ली एम्स में उन्हें इच्छामृत्यु दी जा रही है। हरीश से ऑक्सीजन सपोर्ट हटा लिया गया है। खानी-पानी भी पिछले 2 दिन से बंद है। पहले ट्यूब के सहारे खाना दिया जा रहा था। पढ़िए पूरी खबर…
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