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    हत्या के पहले मानवेंद्र ने अक्षत को जड़ा था थप्पड़:तानी थी राइफल, फूफा बोले- नीट का विवाद नहीं कुछ और है वजह

    2 hours ago

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    लखनऊ में वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया। 21 साल के आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा को जेल भेज दिया, लेकिन पुलिस की कहानी परिजनों और स्थानीय लोगों के गले नहीं उतर रही है। उनका कहना है कि अक्षत पर कभी भी पढ़ाई के लिए दबाव नहीं बनाया गया। नीट परीक्षा में सफल न होने पर उसे काकोरी स्थित पैथोलॉजी के ब्रांच के संचालन की जिम्मेदारी दे दी गई थी। ऐसे में हत्या की वजह नीट परीक्षा का विवाद नहीं है, बल्कि कुछ और ही है। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि हत्या से एक दिन पहले रुपए गायब होने के विवाद में मानवेंद्र ने बेटे अक्षत को थप्पड़ जड़ा था। उसके ऊपर अपनी लाइसेंसी राइफल तान दी थी। हो सकता है कि इसी से गुस्से में आकर अक्षत ने पिता मानवेंद्र की हत्या कर दी हो। वहीं, कुछ लोगों ने दबी जुबान यह भी कहा कि एक महिला को लेकर मानवेंद्र और बच्चों में विवाद चल रहा था। हो सकता है कि इसी वजह से बेटे ने बाप की हत्या कर दी हो। हालांकि, रिश्तेदारों और परिजनों ने कहा कि हत्या की वजह नीट परीक्षा का विवाद नहीं हो सकता है। असली वजह तो अक्षत ही जानता होगा। पुलिस के खुलासे के बाद भास्कर टीम ने मानवेंद्र के परिजनों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बातचीत की। सभी की अपनी-अपनी राय है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट.... शराब के ठेकों के नवीनीकरण के लिए रखे पैसे कम मिले विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि मानवेंद्र के शराब के ठेकों के नवीनीकरण के लिए घर में 50 लाख रुपए रखे थे। 19 फरवरी को उन्होंने रुपए गिने तो कुछ रुपए कम मिले। उन्होंने अक्षत पर रुपए लेने की आशंका जाहिर की, क्योंकि कुछ माह पहले घर से चोरी हुआ ब्रेसलेट, अंगूठी आदि उसी के पास से मिली थी। इस बात को लेकर बाप-बेटे में तीखी नोकझोंक हुई। मानवेंद्र ने अक्षत को जोरदार थप्पड़ जड़ा और उस पर अपनी लाइसेंसी राइफल तान दी। इसके बाद गुस्से में घर से बाहर चले गए। रात में वह वापस लौटे। थर्ड फ्लोर पर जिस कमरे में अक्षत और बेटी कृति सोई थी, उसी में सो गए। थप्पड़ का बदला लेने के लिए तो नहीं मार दी गोली लोगों ने बताया कि दिन के झगड़े से अक्षत काफी नाराज था। हो सकता है कि रातभर जागकर उसने मानवेंद्र की हत्या करने की योजना बनाई। 20 फरवरी की तड़के 4:30 बजे उनकी लाइसेंसी राइफल से उनके सिर में गोली मार दी। लोगों ने कहा कि गोली की आवाज सुनकर कृति की नींद खुल गई। पिता को खून से लथपथ देखकर रोने लगी। अक्षत ने सरेंडर करने की बात की, तो कृति ने कहा- मां पहले से ही नहीं है। आप ने पापा को भी मार दिया। जेल चले जाओगे तो मेरा क्या होगा? दोस्त को भी कॉल करके घटना की जानकारी दी लोगों ने बताया कि कृति की बात सुनकर अक्षत ने पिता के शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसने अपने एक खास दोस्त को कॉल करके इसकी जानकारी दी, लेकिन वह किसी भी तरह की मदद के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद उसने अकेले ही शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। योजना के तहत दो चाकू, दो आरी और नीला ड्रम खरीदकर लाया। दोनों हाथ-पैर काअकर पॉलिथीन में भरकर उसे करीब 21 किलोमीटर दूर नादरगंज के पास नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। शेष शरीर को नीले ड्रम में भरकर घर में ही छिपा दिया। उसे ले जाने में दिक्कत हुई। इस पर शेष शरीर को जलाने की योजना बनाई। इसके लिए 20 लीटर तारपिन का तेल खरीदकर लाया। 3 दिन तक घर में रखा रहा शव, सामान्य दिखे भाई-बहन पुलिस की जांच में सामने आया है कि अक्षत ने पिता के शव के शेष हिस्से को ड्रम में भरकर ग्राउंड फ्लोर के कमरे में रख दिया था। उसके बाद भाई-बहन रूटीन की तरह रह रहे थे। बहन पेपर देने जाती रही। अक्षत ने आशियाना थाने जाकर पिता की गुमशुदगी दर्ज करा दी। हालांकि, घटना के बाद 20 फरवरी को अक्षत और उसकी बहन कृति ने अपने-अपने इंस्टाग्राम अकाउंट लॉक कर दिए। बहन ने दो अलग-अलग नाम से आईडी बना रखी थी। पुलिस कॉल और सोशल मीडिया अकाउंट का डिटेल खंगाल रही है। महिला से नजदीकियां तो हत्या की वजह नहीं परिजनों का कहना है कि हत्या की वजह कुछ और भी हो सकती है। पड़ोसी और रिश्तेदार इशारा कर रहे हैं कि किसी महिला से मानवेंद्र की नजदीकियां थीं। उनकी पत्नी ने भी सुसाइड किया था। हो सकता है इन सभी वजहों को लेकर परिवार में विवाद चल रहा हो। यह भी हत्या का कारण हो सकता है। पुलिस को इस एंगल पर भी जांच करनी चाहिए। मानवेंद्र, अक्षत और बेटी कृति का कॉल डिटेल खंगालना चाहिए। इससे कुछ साक्ष्य मिल सकते हैं। पढ़ाई का दबाव अक्षत पर कभी नहीं बनाया गया मानवेंद्र सिंह के बहनोई (अक्षत के फूफा) एस.के. भदौरिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि हत्या की वजह नीट परीक्षा और डॉक्टर बनाए जाने का दबाव बताया जा रहा है। उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं है कि हत्या की असली वजह सिर्फ यही थी। उनका कहना है कि घटना के समय अक्षत की बहन भी घर में मौजूद थी। जब अक्षत ने गोली चलाई तो बहन ने घबराकर कहा, ‘यह क्या कर दिया?’ इस पर अक्षत ने उसे चुप करा दिया और धमकी भी दी कि अगर किसी को बताया तो ठीक नहीं होगा। भदौरिया ने कहा कि परिवार को इस बात पर यकीन नहीं हो रहा कि केवल नीट परीक्षा को लेकर अक्षत इतना बड़ा कदम उठाएगा। लगातार पढ़ाई को वजह बताया जा रहा है, लेकिन परिवार का कहना है कि अक्षत पर कभी पढ़ाई को लेकर असामान्य या अत्यधिक दबाव नहीं डाला गया। मानसिक या पारिवारिक दबाव नहीं था एस.के. भदौरिया ने कहा कि परिवार का दावा है कि उस पर किसी तरह का मानसिक या पारिवारिक दबाव नहीं बनाया गया था। आखिर अक्षत ने अपने पिता की हत्या क्यों की, इसकी सच्चाई वही बता सकता है, क्योंकि गोली उसी ने चलाई और अपनी बहन को भी धमकाया। भदौरिया ने कहा कि पूरे मामले की असली वजह सामने आनी ही चाहिए। मानवेंद्र की हत्या के पीछे कोई और कहानी है पड़ोसी और रिश्ते में चाचा राघवेंद्र सिंह ने भी दैनिक भास्कर से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अक्षत परिवार का इकलौता बेटा है। उसकी हर मांग पूरी की जाती थी। अगर कभी उसका पढ़ाई में मन नहीं लगता था, तब भी उस पर कोई दबाव नहीं बनाया जाता था। अब जो बातें सामने आ रही हैं कि नीट परीक्षा की वजह से उसने यह कदम उठाया, यह समझ में नहीं आ रहा है। राघवेंद्र सिंह का कहना है कि इस हत्या के पीछे जरूर कोई और कहानी है, जो अभी सामने नहीं आई है। बाहर से सब सामान्य लगता था पड़ोसी अल्पना सिंह ने बताया कि दोनों बच्चों का स्वभाव बेहद शांत और अच्छा है। उन्होंने कभी किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया। जिस तरह से अक्षत ने यह घटना अंजाम दी है, वह विश्वास नहीं हो रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अक्षत ने खुद स्वीकार किया है कि उसने अपने पिता को गोली मारी। घर पर किसी अन्य महिला के आने-जाने को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पुलिस की कहानी विश्वास करने लायक नहीं है पड़ोसी आशुतोष दुबे ने बताया कि जब मोहल्ले में यह खबर फैली कि मानवेंद्र कई दिनों से दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो लोग उनकी तलाश में जुटे। बाद में जानकारी मिली कि उनके बेटे ने ही उनकी हत्या कर दी है। दुबे ने कहा कि यह बात किसी के लिए भी विश्वास करने लायक नहीं है। आखिर ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि अक्षत ने अपने ही पिता की जान ले ली। यह सवाल पूरे मोहल्ले को परेशान कर रहा है। पत्नी ने दर्ज कराया था मानवेंद्र के खिलाफ मुकदमा लोगों ने बताया कि मानवेंद्र और उनकी पत्नी में विवाद हो गया था। वर्ष 2009 में उनकी पत्नी ने मानवेंद्र पर मारपीट का मुकदमा भी दर्ज कराया था। हालांकि, बाद में परिवार के लोगों ने दोनों को समझाकर मामला शांत करा दिया था। बाद में उनकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी। कंधे से कटे थे दोनों हाथ मानवेंद्र की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है। उससे पता चला है कि गोली सिर में मारी गई थी। दोनों हाथ कंधे से काटे गए थे। पैर घुटनों के ऊपर से काटे गए थे। शरीर के अंग अलग-अलग होने के कारण अंतिम संस्कार पॉलिथीन में बांध कर ही किया गया। वहीं, आम तौर पर छोटे-छोटे ‘गुड वर्क’ पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली लखनऊ पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड पर मीडिया से दूरी बनाए रखी। आशियाना थाने में आरोपी के साथ बरामद सामान की फोटो खींचकर मीडिया को जारी कर दी गई। प्रेस वार्ता नहीं की गई। चर्चा है कि कई सवालों के जवाब स्पष्ट न होने के कारण ऐसा किया गया। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला आशियाना के एल सेक्टर में रहने वाले मानवेंद्र सिंह (49) में रहते थे। 20 फरवरी से वह लापता थे। बीबीए की पढ़ाई कर रहे उनके 21 साल के बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि अक्षत ने ही हत्या की है। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने हत्या करने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर 23 फरवरी को मानवेंद्र का शव घर के कमरे में नीले ड्रम में मिला। उनके दोनों हाथ-पैर गायब थे। उसे काटकर उसने करीब 21 किलोमीटर दूर फेंका था। अक्षत की बहन 11वीं की छात्रा है। घटना के समय वह भी मौजूद थी। पुलिस ने 25 फरवरी को मामले का खुलासा किया। अक्षत को जेल भेज दिया। --------------- संबंधित खबर भी पढ़िए… बाप की हत्या का आरोपी बोला- सॉरी गलती हो गई:लखनऊ पुलिस का खुलासा- खून से सनी चादर जलाई, हाथ-पैर काटकर जंगल में फेंका लखनऊ में पैथोलॉजी मालिक मानवेंद्र सिंह की हत्या का पुलिस ने आज शाम खुलासा कर दिया। नीट परीक्षा के विवाद में बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने 20 फरवरी की सुबह 4:30 बजे उनकी राइफल से गोली मारकर हत्या की थी। हाथ-पैर को काटकर नादरगंज के पास नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था। पूरी खबर पढ़ें
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