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    ईरान ने अमेरिकियों से कहा- ट्रम्प भरोसे के लायक नहीं:मिडटर्म चुनाव से पहले सही फैसला लेने को कहा; परमाणु हथियार बनाने के दावे से भी इंकार

    3 hours ago

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    ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी वोटरों के नाम 25 पेज की खुली चिट्ठी जारी की है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भरोसे के लायक नहीं हैं। अमेरिका की जनता को सोचसमझकर फैसला करना चाहिए। पत्र में यह भी कहा गया है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा। ईरान ने UNGA में कहा था कि वह परमाणु तकनीक का शांतिपूर्ण इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं छोड़ेगा। IRGC की चिट्ठी अमेरिका के मिडटर्म चुनाव से करीब 5 हफ्ते पहले सामने आई है। मिडटर्म चुनाव में अमेरिकी संसद के दोनों सदनों की सीटों के लिए चुनाव होता है। इससे राष्ट्रपति नहीं बदलता लेकिन उसकी राजनीतिक ताकत और नीतियां लागू करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। ट्रम्प पर अपने फायदे के लिए काम करने का आरोप IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्र की बात को दोहराते हुए कहा कि ट्रम्प झूठ बोलते हैं और अपने फायदे के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिकों की जिंदगी ऐसे व्यक्ति के हाथ में है, जिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। मोहेब्बी ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि यह चिट्ठी अमेरिकी सरकार की नीति बदल देगी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अगर अमेरिकी जनता को ईरान युद्ध से जुड़ी ज्यादा जानकारी मिले तो वह अलग फैसले ले सकती है। IRGC के पत्र की 3 प्रमुख बात अमेरिका युद्ध में अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया IRGC का दावा है कि इस युद्ध में अमेरिका-इजराइल के सत्ता परिवर्तन, परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम खत्म करने जैसे लक्ष्य पूरे नहीं हुए। 'डेथ टू अमेरिका' अमेरिकी जनता के खिलाफ नहीं पत्र में कहा गया कि डेथ टू अमेरिका का नारा अमेरिकी शासक वर्ग और व्हाइट हाउस के खिलाफ है, आम अमेरिकियों के खिलाफ नहीं है। अमेरिका से सैन्य दखल कम करने की मांग IRGC ने अमेरिकी जनता से इजराइल को समर्थन और क्षेत्र में सैन्य हस्तक्षेप का विरोध करने की अपील की है। ट्रम्प ने UN में ईरान को खत्म करने की धमकी दी थी अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर ट्रम्प ने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा था कि अगर वह चाहें तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर सकते हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना युद्ध के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। होर्मुज को लेकर भी अमेरिका पर निशाना साधा IRGC ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिकी दावों पर भी सवाल उठाए। मोहेब्बी ने कहा कि अमेरिकी सेना ने कुछ तेल टैंकरों को ही इस रास्ते से निकालने में सफलता पाई है। उनके मुताबिक, इससे यह साबित नहीं होता कि होर्मुज पूरी तरह खुल गया है। बीते दिनों ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को ट्रम्प स्ट्रेट बताया था। उन्होंने इससे जड़ा एक मैप ट्रुथ सोशल पर शेयर किया था। संसद में ट्रम्प के लिए बहुमत बचाना जरूरी है अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव होने हैं। ये चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के बीच में होते हैं। इनमें अमेरिकी लोग संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों - हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट के लिए प्रतिनिधि चुनते हैं। इन चुनावों से यह तय होता है कि अगले दो साल में अमेरिकी संसद में किस पार्टी की ताकत कितनी रहेगी। सीनेट में 100 सदस्य होते हैं। इस बार 35 सीटों पर चुनाव होने हैं। वहीं हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 435 सीटों पर चुनाव होने हैं। अभी रिपब्लिकन पार्टी के पास सीनेट में 53 सीटें हैं। जबकि हाउस में 218 सीटें हैं। अगर ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ये चुनाव हार जाती है तो संसद में ट्रम्प के लिए बिल पास कराना बहुत मुश्किल हो जाएगा। वह अपनी मर्जी से किसी बिल को सीधे कानून नहीं बना पाएंगे। यही वजह है कि ट्रम्प मिडटर्म चुनाव के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं, ताकि कांग्रेस में उनकी पार्टी के बहुमत पर असर न पड़े। हैनोई हन्ना की तरह अमेरिकी जनता तक पहुंचने की कोशिश ईरान का अमेरिकी लोगों तक सीधे पहुंचने का तरीका नया नहीं है। वियतनाम युद्ध के दौरान त्रिन्ह थी न्गो नाम की वियतनामी रेडियो प्रसारक अंग्रेजी में अमेरिकी सैनिकों के लिए कार्यक्रम करती थीं। उन्हें हैनोई हन्ना कहा जाता था। वह अपने कार्यक्रमों में युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों और अमेरिका में हो रहे युद्ध-विरोधी प्रदर्शनों का जिक्र करती थीं। अब ईरान भी कुछ इसी तरह सीधे अमेरिकी जनता तक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। ईरानी मुद्रा रियाल डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंची अमेरिका से जारी युद्ध के बीच ईरान की अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है। मंगलवार को ईरानी मुद्रा रियाल डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान में एक डॉलर की कीमत 25 लाख रियाल से ज्यादा हो गई। यानी एक तरफ ईरान अमेरिकी लोगों से ट्रम्प सरकार की युद्ध नीति का विरोध करने की अपील कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ युद्ध का असर उसकी अपनी अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- ईरान के खिलाफ जल्द जंग जीतेंगे: युद्ध खत्म होते ही तेल की कीमतें गिरेंगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द जीत जाएगा। ट्रम्प ने रविवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में यह बात कही। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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