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    IIT स्कॉलर से रेप का आरोपी ACP मोहसिन खान बहाल:साइबर क्राइम हेडक्वार्टर में मिली तैनाती, 125 सीओ की सूची में शामिल नाम

    2 hours ago

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    आईआईटी छात्रा से रेप के आरोप में सस्पेंड किए गए एसीपी मोहसिन खान की तैनाती 19 महीने बाद साइबर क्राइम हेडक्वार्टर में कर दी गई है। सीओ के खिलाफ 13 दिसंबर 2024 को आईआईटी स्कॉलर ने रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद मोहसिन को कानपुर से हटाकर लखनऊ हेडक्वार्टर से अटैच कर दिया गया। उसके बाद से मोहसिन डीजी ऑफिस से अटैच थे। 2 जुलाई को जारी 125 सीओ की ट्रांसफर लिस्ट में मोहसिन का नाम भी शामिल है। कानपुर में तैनात सीओ जीआरपी दुष्यंत कुमार सिंह को सीओ हाथरस बनाया गया है, जबकि सीओ मनोज कुमार सिंह को अयोध्या भेजा गया है। सीओ एलआईयू संजय कुमार राय को चंदौली भेजा गया है। अब जानिए क्या था पूरा प्रकरण… कानपुर IIT से रिसर्च स्कॉलर (Phd) की एक स्टूडेंट ने 13 दिसंबर 2024 को ACP मोहसिन खान पर रेप का आरोप लगाया था। पीड़िता ने बताया कि कलक्टरगंज ACP मोहम्मद मोहसिन खान IIT से साइबर क्राइम और क्रिमिनोलॉजी की पढ़ाई कर रहे थे। इस दौरान उनकी नजदीकी बढ़ गई। ACP ने प्यार में फंसाकर उससे रेप किया। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के आदेश पर ACP के खिलाफ जांच शुरू हुई। प्रारंभिक जांच तत्कालीन DCP साउथ अंकिता शर्मा और ACP अर्चना सिंह IIT पहुंचीं। दोनों महिला अफसरों ने पीड़िता से पूछताछ की, जिसमें लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए थे। जिसके बाद ACP के खिलाफ रेप समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था और ACP को पद से हटा दिया था। आरोपी ACP को तत्काल प्रभाव से लखनऊ हेडक्वार्टर में अटैच कर दिया गया था। पीड़िता ने दर्ज कराई FIR में यह बताया था… पीड़िता ने दर्ज कराई FIR में बताया था कि 'मेरी मुलाकात दिसंबर, 2023 में IIT कानपुर में ACP मोहसिन खान से हुई। एक-दूसरे का मोबाइल नंबर लिया। 23 जून, 2024 को उन्होंने मुझे फोन किया। कहा- मेरे गाइड में वह IIT से पीएचडी करना चाहते हैं, इसके लिए आपकी हेल्प चाहिए, जिस पर मैंने हां कर दी। मैंने उनकी एडमिशन फीस जमा कराई। वॉक इन इंटरव्यू के टिप्स दिए, यहां उन्होंने इंटरव्यू दिया। उन्हें एडमिशन मिल गया, फिर हम दोनों करीब आ गए। इसी बीच ACP मोहसिन खान ने रिश्ते का प्रस्ताव दिया। यह भी बताया कि उनका पत्नी से तलाक होने वाला है। उनकी पांच साल की बेटी है। मैंने उन पर भरोसा कर लिया। उस वक्त मैं एक ब्रेकअप के दर्द से गुजर रही थी। अकेलापन महसूस होता था, ACP खान ने इसका फायदा उठाया। ACP ने मेरे साथ संबंध बनाए। बाद में मुझे पता चला कि वो सिर्फ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मुझसे रिश्ते रख रहे हैं। इसी साल नवंबर में मुझे एसीपी खान की सच्चाई पता चल गई। उनकी पत्नी मार्च, 2024 से गर्भवती थीं। एक दिसंबर को मुझे ACP की पत्नी के इंस्टाग्राम से सबूत मिले, कि वे शुरू से ही धोखेबाज रहे। उनके घर जाकर पत्नी से बात की, तब पता चला कि तलाक की बात झूठी है। एसीपी अपनी पत्नी से कभी अलग नहीं हुए थे। मेरे पास उनके साथ की कई तस्वीरें हैं, स्क्रीन शॉट है, जो साबित करते हैं कि एसीपी खान ने मेरा इस्तेमाल किया है।' उच्च पदों पर रिश्तेदार, मिला फायदा पुलिस सूत्रों की मानें तो रेप के आरोपी मोहसिन के परिजन उच्च पदों पर तैनात हैं। इसी कनेक्शन के चलते वह लगातार न सिर्फ बचता रहा, बल्कि पुलिस अधिकारियों पर दबाव भी बनवाता रहा। यही वजह थी कि न तो वह जेल गया और न ही उसके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई की गई। मोहसिन पर आरोप था कि, IIT में पढ़ाई के दौरान उसने छात्रा से दोस्ती की। उसके बाद रेप की वारदात को अंजाम दिया। रेप का आरोप लगने के बाद मामले की जांच SIT को सौंपी गई। वर्तमान में इस प्रकरण की स्थिति क्या है, कोई बताने को तैयार नहीं है। कल्याणपुर इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी ने बताया कि प्रकरण उनके समय का नहीं है, लिहाजा वह स्पष्ट कुछ नहीं बता सकते हैं।
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