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    Iran के लिए कश्मीर का प्यार, इसे देख बलूचिस्तान ने कर दिया तगड़ा ऐलान

    3 hours from now

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    कश्मीर में बच्चे से लेकर बुजुर्ग सभी ईरान के लिए रो रहे हैं।  ईरान के लिए कश्मीर के लोग भर-भर के पैसा दान कर रहे हैं। बर्तन से लेकर ज्वेलरी सब कुछ ईरान के लोगों के लिए भेज रहे हैं। आज ईरान के लिए शिया मुस्लिम खड़े हैं तो क्या कल पाकिस्तान के लिए सुन्नी मुस्लिम तो खड़े नहीं हो जाएंगे। बहरहाल कश्मीर में ईरान के लिए जो कीमती चीजें दान की जा रही हैं, उन्हें देखकर बलूचिस्तान के एक एक्टिविस्ट ने दुख भी जताया है और एक बड़ा राज भी खोला है। मशहूर बलूच एक्टिविस्ट मीर यार बलोच ने ईरान के लिए कश्मीरियों की दरियादिली पर सवाल उठा दिया है। मीर यार बलोच ने पूछा है कि क्या भारत के खिलाफ पाकिस्तान और ईरान एक साजिश कर रहे हैं? मीर यार बलोच ने कहा है कि ईरान को इस पैसे की जरूरत नहीं है? ईरान के पास तेल से मिले अरबों डॉलर हैं जिनकी मदद से वह पूरे मिडिल ईस्ट में शिया समर्थित मिलिटेंट्स ग्रुप को फंड देता है। ईरान ने तो पाकिस्तान को भी ब्लैंक चेक दिया हुआ है। ईरान के पास खाड़ी देशों पर हमला करने के लिए हजारों बैलेस्टिक मिसाइलें और ड्रोन है।इसे भी पढ़ें: 9 अप्रैल तक खत्म हो जाएगा युद्ध? ट्रंप के सीक्रेट प्लान पर बड़ा खुलासामीर यार बलोच ने दुख जताते हुए कहा है कि कश्मीर के शिया समुदाय ने बलूचिस्तान और सिंध के लिए कभी फंड नहीं जुटाया। सिंध और बलूचिस्तान के लोग तो दशकों से पाकिस्तान की बेरहमी झेल रहे हैं। लेकिन उनके लिए कभी भी कश्मीर के मुस्लिम खड़े नहीं हुए। मीर यार बलोच ने सवाल पूछा है कि जिन बलूच लोगों को पाकिस्तान का शासन दशकों से दबा रहा है। उन बलूच लोगों के लिए कश्मीर के शिया समुदाय ने फंड क्यों नहीं जुटाया? ऐसा क्या है कि कश्मीर के लोग खामिनोई के लिए पैसा जुटा रहे हैं? आपको बता दें कि भारत और ईरान के रिश्ते दशकों पुराने हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध हैं। लेकिन खामिनई कभी भी भारत के साथ खड़े नहीं हुए। ऐसे में भारत के मुस्लिम खामेनोई के साथ क्यों खड़े हैं?इसे भी पढ़ें: Trump के पोस्ट से ठीक 15 मिनट पहले तेल बाजार में हुई 580 मिलियन डॉलर की ट्रेडिंग, पूरी दुनिया में मचा हड़कंप!दिलचस्प बात देखिए कि किसी भी मुस्लिम देश में इस तरह से ईरान के लिए चंदा नहीं जुटाया जा रहा। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश ईरान को टेररिस्ट देश बोल रहे हैं। वो सवाल उठा रहे हैं कि ईरान तो मुस्लिम देश ही नहीं है। तो क्या एक बेहद ही खतरनाक नैरेटिव के चलते भारतीय मुस्लिमों को भड़काया जा रहा है? क्या उन्हें मोहरा बनाया जा रहा है? आपको बता दें कि कश्मीर में बड़ी आबादी में शिया मुसलमान रहते हैं और शिया मुसलमान ईरान के साथ अपना गहरा जुड़ाव मानते हैं। आपको याद ही होगा कि कुछ दिनों पहले जब ईरान के पुराने सुप्रीम लीडर आया अली खामिनई की मौत हुई थी अमेरिका और इजराइल के हमले में तो कश्मीर में इसका भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला था। जहां लोग सड़कों पर उतरे थे और अमेरिका और इजराइल के मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। अब यह दान की तस्वीरें वहीं से सामने आ रही हैं जहां लोग दिल खोलकर ईरान के लिए दान कर रहे हैं। इन सबके बीच भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने इस मदद के लिए खासतौर पर धन्यवाद दिया है। ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आपकी दयालुता और मानवता को हम कभी नहीं भूलेंगे। धन्यवाद भारत। दूतावास ने खासतौर पर कश्मीर के लोगों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी यह मदद और भावनाएं हमेशा ईरान में याद रखी जाएंगी। 
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