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    किड्स वंडरलैंड का एनुअल डे 'आगाज-3':बच्चों ने दी शिव और काली तांडव की प्रस्तुति; 'ओल्ड एज होम' के नाटक ने किया भावुक

    6 hours ago

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    शहर के दीन दयाल पुरम स्थित किड्स वंडरलैंड स्कूल में वार्षिक उत्सव 'आगाज-3' का भव्य आयोजन किया गया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियों ने अभिभावकों और अतिथियों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। शिव तांडव और राधा-कृष्ण की झांकी ने जीता दिल सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी। बच्चों ने शिव तांडव और काली तांडव की ओजपूर्ण प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। वहीं, राधा-कृष्ण की मनोरम झांकी ने सभी का मन मोह लिया। इसके अलावा बच्चों ने पंजाबी भांगड़ा, हरियाणवी, राजस्थानी और कव्वाली जैसे नृत्यों पर शानदार परफॉर्म कर अपनी ऊर्जा का प्रदर्शन किया। देशभक्ति और सामाजिक संदेश ने किया भावुक मंच पर केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि गंभीर संदेश भी दिए गए। 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए बच्चों ने देशभक्ति का जज्बा दिखाया, जिससे दर्शकों में गर्व का माहौल भर गया। वहीं, ओल्ड एज होम (वृद्धाश्रम) पर आधारित एक भावुक नाटक ने वहां मौजूद अभिभावकों की आंखों में आंसू ला दिए। वैजिटेबल सॉन्ग के माध्यम से छोटे बच्चों ने खेल-खेल में शिक्षा का संदेश दिया। संस्कारों के साथ शिक्षा देने पर जोर स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. आरती सिंह ने कहा कि,संस्थान में शिक्षा को केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि संस्कारों का जरिया माना जाता है। सेक्रेटरी रजत मिश्रा ने बताया कि बच्चों को डिग्री के साथ-साथ अच्छे संस्कार देना स्कूल की प्राथमिकता है। वहीं, प्रोफेसर सौम्या मिश्रा ने भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि जल्द ही स्कूल को इंटरमीडिएट स्तर तक विस्तार दिया जाएगा, ताकि बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा के लिए भटकना न पड़े। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के संस्थापक शशिकांत मिश्रा (बाबू मिश्रा), डॉ. राम नरेश सिंह चौहान और अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए की गई इस पहल की अभिभावकों ने जमकर तारीफ की। उनका कहना था,कि ऐसे आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी संस्कृति को समझने का मौका मिलता है।
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