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    कौन हैं रिंकू, जिनकी पीएम ने तारीफ की:रोहतक में 3 की उम्र में हाथ कटा; एशियन गेम्स से पहले मां की मौत, गोल्ड जीत उन्हीं की फोटो दिखाई

    6 hours ago

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में एशियन पैरा गेम्स 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हरियाणा के जेवलिन थ्रोअर रिंकू हुड्डा की कहानी भी सुनाई। उन्होंने बताया कि एशियन पैरा गेम्स से करीब दो महीने पहले रिंकू की मां का निधन हो गया था। इतने बड़े निजी दुख के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और प्रतियोगिता में गोल्ड जीता। जीत के बाद उन्होंने मैदान पर ही अपनी मां की तस्वीर उठाकर मेडल उन्हें समर्पित किया। रिंकू की मां का निधन 8 अगस्त को हुआ था, जिसके बाद उनके लिए एशियन पैरा गेम्स की तैयारियां करना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। उधर, रिंकू की बहन मनीषा ने बताया कि महज 3 साल की उम्र में रिंकू का हाथ कट गया था। एशियाई पैरा गेम्स का आयोजन 18 से 24 अक्टूबर 2026 तक जापान के आइची-नागोया में किया गया था। इसमें भारत ने 114 मेडल जीतकर अपना अब तक का बेस्ट प्रदर्शन किया था। इसमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज शामिल हैं। कौन हैं रिंकू हुड्डा, पीएम ने क्या कहा? अब जानिए बहन मनीषा ने क्या-क्या बताया खेलों के साथ पढ़ाई रखी जारी रिंकू हुड्डा ने खेल के साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। 5 भाई बहनों में सबसे छोटा होने के कारण परिवार का पूरा साथ व प्यार मिला। सबसे छोटी बहन मनीषा ने बताया कि तीन बहनों ने भी मां के समान ही रिंकू को पाला। रिंकू की सबसे बड़ी बहन टीना, उससे छोटी बहन मीनू, उससे छोटी बहन मनीषा व उससे छोटा भाई अनूज है। रिंकू पांचवे नंबर पर छोटा है। 8 अगस्त को मां की मौत, रिंकू सदमें में गया बहन मनीषा ने बताया कि रिंकू की मां सरोज हुड्डा को कैंसर की बीमारी थी। कैंसर के कारण ही सरोज हुड्डा की मृत्यु हो गई, जिसका सबसे अधिक दुख रिंकू हुड्डा को हुआ। मां की मौत के सदमे से अभी रिंकू उभरा भी नहीं था कि उसके हाथ में इंजरी हो गई। रिंकू के हाथ में मशल्स पेन शुरू हो गया। पिता ने रात-रात भर रिंकू को जागकर संभाला रिंकू के पिता रोहतास हुड्डा ने रिंकू को मां की मौत के सदमे से उभरने में मदद की। साथ ही जब रिंकू को हाथ की इंजरी हुई तो रात-रात भर जागकर उसे संभाला, क्योंकि कुछ दिन बाद ही एशियाई पैरा खेलों में रिंकू का मुकाबला भी होना था। मां की मौत व हाथ के दर्द से जूझते हुए भी जीता गोल्ड बहन मनीषा ने बताया कि रिंकू हुड्डा के साथ भले ही पूरा परिवार खड़ा था, लेकिन मां की मौत का सदमा और उसके हाथ में हुई मशल्स इंजरी का दर्द उसके चेहरे पर साफ दिख रहा था। रिंकू ने इस दर्द को भी अपनी ताकत बनाया और जापान के आइची-नागोया में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर अपना कब्जा किया। रोहतक में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात रिंकू हुड्डा को अपने खेल की बदौलत खेल विभाग में डिप्टी डायरेक्टर की पोस्ट पर नौकरी मिली हुई है। रिंकू की मार्च 2026 में ही शादी हुई है। शादी के बाद से परिवार खुशहाल जीवन बिता रहा है। गोल्ड मेडल जीतने के बाद परिवार के लोगों में खुशी की लहर है।
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