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    कानपुर मेट्रो कॉरिडोर-2 पियर-कैप्स, गर्डर्स की ढलाई पूरी:नौबस्ता यार्ड में काम पूरा, एलिवेटेड सेक्शन का निर्माण तेज

    3 hours ago

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    कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के निर्माण में एक बड़ी कामयाबी मिली है। नौबस्ता स्थित कास्टिंग यार्ड में इस रूट के एलिवेटेड सेक्शन के लिए जरूरी सभी पियर-कैप्स और डबल टी-गर्डर्स की ढलाई (कास्टिंग) का काम पूरा कर लिया गया है। इस उपलब्धि के साथ ही अब मेट्रो ट्रैक और स्टेशनों के ढांचे को जोड़ने की प्रक्रिया में और तेजी आएगी। क्या है उपलब्धि और कैसे हुआ काम? कॉरिडोर-2 के करीब 4.50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड हिस्से के लिए कुल 106 पियर-कैप्स और 141 डबल टी-गर्डर्स तैयार किए जाने थे, जिनका लक्ष्य यूपीएमआरसी की टीम ने हासिल कर लिया है। ये सभी ढांचे 'प्री-कास्ट' तकनीक से तैयार किए गए हैं। यानी इन्हें पहले यार्ड में बनाया गया और अब इन्हें क्रेन के जरिए निर्माण स्थल पर ले जाकर पिलर्स के ऊपर सेट किया जाएगा। इससे न सिर्फ काम की क्वालिटी बेहतर रहती है, बल्कि सड़क पर ट्रैफिक के बीच निर्माण की गति भी बनी रहती है। स्टेशनों को आधार देंगे ये गर्डर्स मेट्रो के ऊंचे पिलर्स के ऊपर सबसे पहले पियर-कैप लगाए जाते हैं, जो पूरे ट्रैक का भार संभालते हैं। वहीं, 'डबल टी-गर्डर्स' का इस्तेमाल विशेष रूप से एलिवेटेड स्टेशनों के बॉक्स (स्टेशन का मुख्य ढांचा) को आधार देने के लिए किया जाता है। खास बात यह है कि देश में एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण में इस तकनीक का सबसे पहला प्रयोग कानपुर मेट्रो ने ही किया है। सीएसए से बर्रा-8 तक का यह पूरा कॉरिडोर लगभग 8.60 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 4.50 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड है, जो दो टुकड़ों में बन रहा है। पहला कंपनी बाग चौराहे से सीएसए डिपो रैंप तक और दूसरा डबल पुलिया रैंप से बर्रा-8 तक। इस रूट पर कुल 5 एलिवेटेड और 3 अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। इसके अलावा करीब 4.10 किलोमीटर का हिस्सा जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) तैयार किया जा रहा है। समय पर काम पूरा करने का लक्ष्य यूपीएमआरसी के मुताबिक, पियर-कैप्स और डबल टी-गर्डर्स का काम खत्म होने के बाद अब सारा ध्यान यू-गर्डर्स और आई-गर्डर्स की कास्टिंग जल्द पूरा करने पर है। फिलहाल आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो दौड़ रही है। अब कोशिश यही है कि कॉरिडोर-1 के बाकी बचे हिस्से (सेंट्रल से नौबस्ता) और इस पूरे कॉरिडोर-2 का काम समय पर पूरा कर शहरवासियों को समर्पित किया जाए।
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