Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कर्नाटक, बच्चों के सोशल मीडिया यूज पर बैन की तैयारी:प्रस्ताव- 16 साल से कम के बच्चों के अकांउट के लिए माता-पिता की परमिशन जरूरी

    14 hours ago

    1

    0

    कर्नाटक सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने शुक्रवार को 2026-27 के राज्य बजट भाषण के दौरान इसका ऐलान किया। बजट डॉक्यूमेंट में कहा गया, ‘बच्चों में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, जिससे उन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।’ हालांकि यह केवल नीति की घोषणा है। इसे लागू करने के लिए राज्य सरकार नियम बनाएगी, जिनमें उम्र की जांच और सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नियमों का पालन करने की व्यवस्था तय की जाएगी। यह प्रस्ताव देश के डेटा सुरक्षा कानून डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 और पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन रूल्स 2025 से भी जुड़ा है। इस कानून के अनुसार किसी बच्चे के निजी डेटा का इस्तेमाल करने से पहले उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक की अनुमति लेना जरूरी है। साथ ही यह भी जांच करनी होगी कि अनुमति देने वाला व्यक्ति वयस्क है। इसके लिए सरकार की मान्यता प्राप्त पहचान प्रणाली या डिजिटल लॉकर जैसी सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार स्कूल-कॉलेजों में नशे पर रोक की कोशिश बजट भाषण में यह भी कहा गया कि स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय छात्रों के स्वास्थ्य, व्यक्तित्व और भविष्य को बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में नशे की समस्या रोकने के लिए भी कदम उठाने की बात कही है। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, सख्त अनुशासन लागू किया जाएगा और छात्रों के लिए सहायता व काउंसलिंग केंद्र बनाए जाएंगे। आंध्र प्रदेश सरकार भी सख्ती की तैयारी में शुक्रवार को आंध्र प्रदेश विधानसभा में बोलते हुए CM एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि हमें 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने का सुझाव मिला है। निश्चित रूप से हम यह पक्का करेंगे कि आने वाले 90 दिनों में 13 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया का एक्सेस न मिले। अभी इस पर चर्चा चल रही है कि यह 13 साल हो या 16 साल, अगर सब इस पर सहमत होते हैं, तो हम तय करेंगे। DPDP एक्ट की 5 सबसे जरूरी बातें… कंसेंट बिना डेटा नहीं ले सकते: कोई कंपनी या ऐप आपका पर्सनल डेटा कलेक्ट करने से पहले साफ-साफ बताएगी कि इसका क्या यूज होगा। बिना आपकी इजाजत के ये नहीं कर सकतीं। अगर आप नहीं चाहते, तो डेटा शेयर न करें- ये आपका हक है। डेटा सिर्फ जरूरी काम के लिए: कंपनियां आपका डेटा सिर्फ वही काम कर सकती हैं जो उन्होंने बताया। मिसाल के तौर पर, शॉपिंग ऐप सिर्फ ऑर्डर के लिए यूज करेगी, मार्केटिंग के लिए नहीं। अगर गलत यूज हो, तो आप शिकायत कर सकते हैं। अपना डेटा कंट्रोल में रखें: आप कभी भी अपनी जानकारी देख सकते हैं, गलतियां सुधार सकते हैं, अपडेट कर सकते हैं या पूरा डेटा डिलीट करवा सकते हैं। कंपनियों को 90 दिनों के अंदर जवाब देना पड़ेगा। डेटा लीक होने पर तुरंत खबर: अगर आपका डेटा चोरी या ब्रेक होता है, तो कंपनी को तुरंत घंटों में आपको आसान भाषा यानी आपके समझने लायक भाषा में बताना पड़ेगा- क्या हुआ, असर क्या हो सकता है और क्या कदम उठाए। इससे आप सतर्क रह सकेंगे। शिकायत आसान, बोर्ड डिजिटल: कोई प्रॉब्लम हो तो डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड पर ऑनलाइन या ऐप से शिकायत करें। ये फ्री है और ट्रैकिंग आसान। अगर संतुष्ट न हों, तो TDSAT कोर्ट में अपील कर सकते हैं। छोटे बिजनेस के लिए भी कंप्लायंस आसान रखा गया है, ताकि सर्विसेज महंगी न हों। डेटा ब्रेक और शिकायतों का क्या होगा? अगर पर्सनल डेटा ब्रेक होता है, तो डेटा फिड्यूशरी को तुरंत अफेक्टेड लोगों को प्लेन लैंग्वेज में बताना पड़ेगा। जैसे- ब्रेक की नेचर, इसका क्या प्रभाव हो सकता है, क्या कदम उठाने चाहिए और किससे मदद लेनी चाहिए। लोगों को राइट्स मिले हैं- अपना डेटा एक्सेस, करेक्ट, अपडेट या इरेज करने के। नॉमिनी भी ये अधिकार मिलेंगे। सभी रिक्वेस्ट्स पर मैक्सिमम 90 दिनों में रिस्पॉन्स देना पड़ेगा। शिकायतों के लिए डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड डिजिटल होगा जिसमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप से फाइल और ट्रैक कर सकेंगे। ……………………………. ये खबर भी पढ़ें… सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट को लेकर केंद्र की चेतावनी: कहा- कंपनियां ऐसे कंटेंट पर रोक लगाएं, नहीं तो केस होगा; यूजर भी सोच-समझकर पोस्ट करें केंद्र सरकार ने दिसंबर 2025 में सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट को लेकर चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि कंपनियां अश्लील, भद्दे, पोर्नोग्राफिक, बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले और गैर-कानूनी कंटेंट पर तुरंत रोक लगाएं। यदि कंपनियां ऐक्शन नहीं लेंगी तो उन पर केस चलेगा। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    इस देश में 16 साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन, भारत के 2 राज्यों ने भी उठाया कदम
    Next Article
    UPSC 2025 रिजल्‍ट...टॉप 10 में MP के 2 कैंडिडेट:भोपाल के ईशान की 5वीं, धार के पक्षल की 8वीं रैंक; खंडवा की रूपल को 43वीं रैंक

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment