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    काशी में पूजे गए प्रभु हनुमान:बड़े मंगलवार पर श्रद्धालुओं किया कीर्तन,गंगा आरती में गूंजा हनुमान चालीसा

    1 hour ago

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    ज्येष्ठ मास के पहले बड़े मंगल पर शहर के सभी हनुमान मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ रही। संकटमोचन मंदिर में दर्शन के लिए लंबी लाइन लगी थी। भक्तों ने सुंदरकांड, हनुमान चालीसा का पाठ और रामनाम संकीर्तन कर हनुमत प्रभु का गुणगान किया। सुबह से लेकर रात तक दर्शन का सिलसिला चला। कई मंदिरों के पास भक्तों में प्रसाद का वितरण हुआ। गंगा आरती में गूंजा हनुमान चालीसा वाराणसी के अस्सी घाट पर गंगा सेवा समिति द्वारा आयोजित गंगा आरती में आज बड़े मंगलवार के अवसर पर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ हुआ इस दौरान देश-विदेश से आए पर्यटकों ने पवन पुत्र हनुमान की महिमा का गुणगान सुना। आरती आयोजकों ने बताया कि यह माह पवन पुत्र हनुमान को समर्पित है इसलिए अब हर मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ होगा उसके उपरांत सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया जाएगा। पवनपुत्र के आंगन में हुआ कीर्तन वाराणसी के प्रसिद्ध संकट मोचन मंदिर में श्रद्धालुओं की टोली ने पवन पुत्र हनुमान का कीर्तन किया इस दौरान विभिन्न स्थान से आए श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम, जय-जय हनुमान नाम का जप किया। मंदिर में आज पवन पुत्र हनुमान को विशेष भोग लगाया गया। इसके अलावा मंदिर प्रांगण को फूलों से सजाया गया था। मंदिर के बाहर विभिन्न समाज के लोगों ने प्रसाद वितरण किया। क्यों खास है बड़ा मंगल और क्या है इसका महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास में जो मंगल आता है। उसमें हनुमान जी की मुलाकात भगवान राम से हुई थी। मान्यता है कि जब भगवान राम माता सीता की तलाश में भटक रहे थे उस समय हनुमान जी की मुलाकात भगवान राम से हुई थी। कहा जाता है कि हनुमानजी और भगवान राम का मिलन मंगलवार के दिन ज्येष्ठ मास में हुआ था। बड़े मंगल की दूसरा कथा एक अन्य कथा के अनुसार, मंगलवार को हनुमान जी को अमरत्व का वरदान मिला था। पौराणिक कथाएं बताती है कि जिस दिन हनुमान जी को चिरंजीवी का वरदान मिला था उस दिन ज्येष्ठ मास का मंगलवार था। इसलिए भी इस मंगल का विशेष महत्व माना गया है।
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