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    कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज में शिक्षा-शोध कार्य ठप:शिक्षक प्रशासनिक पदों पर, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित

    2 hours ago

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    अयोध्या जनपद की सीमा पर स्थित आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में इन दिनों शिक्षा और शोध कार्य पर संकट गहराता नजर आ रहा है। कभी देश के अग्रणी कृषि विश्वविद्यालयों में शुमार रहा यह संस्थान अब शिक्षकों की प्रशासनिक पदों के प्रति बढ़ती लोलुपता के कारण अपनी साख खोता जा रहा है। विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों में नियुक्त प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक, जिनका मुख्य दायित्व छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और शोध कार्य को आगे बढ़ाना है, अब प्रशासनिक पदों की ओर अधिक आकर्षित हो गए हैं। स्थिति यह है कि कई शिक्षक विभिन्न विभागों में अतिरिक्त प्रभार लेकर अपने मूल कर्तव्यों से विमुख हो चुके हैं। इसका सीधा असर पठन-पाठन पर पड़ रहा है। छात्रों को सेमेस्टर के दौरान निर्धारित कक्षाएं तक नहीं मिल पा रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। एक समय विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने फसल और बागवानी के क्षेत्र में अनेक उन्नत प्रजातियों का विकास कर देशभर में पहचान बनाई थी। लेकिन वर्तमान में शोध कार्य लगभग ठप पड़ता दिखाई दे रहा है। देश-विदेश से शिक्षा ग्रहण करने आए छात्र-छात्राओं का भविष्य भी इस स्थिति के चलते असमंजस में है। विश्वविद्यालय में संपत्ति, प्रशासन, सुरक्षा, परीक्षा और रजिस्ट्रार जैसे महत्वपूर्ण विभागों में शिक्षकों को प्रभारी बनाकर तैनात कर दिया गया है। उदाहरण के तौर पर अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर को सुरक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है, जिससे वे अपने मूल शैक्षणिक कार्यों से दूर हो गए हैं। बताया जाता है कि कई शिक्षक नियमित रूप से कक्षाएं नहीं ले रहे और अन्य गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं। कुलपति स्तर पर भी अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। यदि यही हालात बने रहे तो आने वाले समय में यह प्रतिष्ठित कृषि विश्वविद्यालय अपनी पहचान और अस्तित्व दोनों खो सकता है।
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