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    लखनऊ में 15 जोड़ों का एकसाथ विवाह:व्यापारी सेवा संघ ट्रस्ट ने चौथा लाडली उत्सव मनाया

    2 hours ago

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    राजधानी लखनऊ के निरालानगर स्थित अशोक सिंघल पार्क में गुरुवार को मंगल गीत, बैंड-बाजे और खुशियों की गूंज सुनाई दी। मौका था व्यापारी सेवा संघ ट्रस्ट की ओर से आयोजित चतुर्थ सामूहिक लाडली विवाह उत्सव का, जिसमें 15 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वैवाहिक सूत्र में बंधे। उत्सव की शुरुआत डालीगंज स्थित ढलाई घर से निकली सामूहिक बारात से हुई। बैंड की धुन पर झूमते बारातियों का विवाह स्थल पर फूलों के वर्षा से स्वागत किया गया। इसके बाद ट्रस्ट के संस्थापक व अध्यक्ष गोविंद कृष्ण अग्रवाल ‘पप्पू बोरा’ की अगुवाई में सभी जोड़ों का हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ। बेटियों को मिली नई शुरुआत गोविंद कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि संस्था का उद्देश्य सिर्फ विवाह कराना नहीं, बल्कि बेटियों को मजबूत शुरुआत देना है। हर कन्या को गृहस्थी का सामान, सोने का लॉकेट, टॉप्स और 1000 रुपये की एफडी भेंट की गई, ताकि उनका नया जीवन सुरक्षित और सशक्त बने। घरवालों की इच्छा से की शादी लखनऊ की आंचल ने बताया कि वह अपने परिवार की इच्छा से अरेंज मैरिज कर रही हैं। उनका कहना है कि ऐसे सामूहिक विवाह कार्यक्रम उन माता-पिता के लिए बहुत सहारा हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और बेटियों की शादी नहीं कर पाते।आंचल ने कहा कि लव मैरिज हो या अरेंज मैरिज, दोनों अपनी जगह ठीक हैं, लेकिन जो माता-पिता दहेज देने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए यह व्यवस्था बहुत अच्छी है। गरीब परिवार भी सम्मान के साथ शादी कर सकते हैं। उन्नाव से आए नीरज बोले—सबकी रजामंदी से हुई शादी उन्नाव के नीरज ने बताया कि उन्होंने सामूहिक विवाह के लिए फॉर्म भरा था। दोनों परिवारों की सहमति के बाद शादी संपन्न हुई। नीरज ने कहा कि घर वाले और लड़की वाले सभी राजी थे, इसलिए शादी हो गई। हम सब खुश हैं।वहीं सूरज ने बताया कि उनकी शादी भी परिवार की इच्छा से तय हुई और वह इससे संतुष्ट हैं। हर साल 15 जोड़ों का करते हैं विवाह आयोजक समिति की सदस्य प्रीति जैन ने बताया कि हर साल एक बार 15 निर्धन जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया जाता है। शादी से पहले लड़का-लड़की और उनके परिवारों की पूरी जानकारी ली जाती है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि दोनों की सहमति हो और किसी प्रकार का दबाव न हो।उन्होंने बताया कि समिति न सिर्फ शादी कराती है, बल्कि नवदंपतियों को घर-गृहस्थी का जरूरी सामान भी उपलब्ध कराती है, ताकि उन्हें नई जिंदगी शुरू करने में कोई परेशानी न हो प्रीति जैन ने कहा कि यह आयोजन समाज के सहयोग से संभव हो पाता है। उनका मानना है कि ऐसी परंपरा जारी रहनी चाहिए, क्योंकि इससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी मदद मिलती है और बेटियों की शादी सम्मानपूर्वक हो पाती है। विवाह सूत्र में बंधे 15 जोड़े मीडिया प्रभारी पारस जैन (एडवोकेट) के अनुसार पलक-विशाल, शिवांगी-कृष्णा, सोनिका-रंजीत, अंशु-आकाश लाल, वंदना-अनुज कुमार, सीमा-अंकुल, मुस्कान-सत्यम, श्रेया-निर्भय, आंचल-ओम, नैंसी-आनंद कुमार, रश्मि-चंदन, रूचि-गोविंद, सोनम-सूरज, प्रीति-राहुल और अनुष्का-निखिल का विवाह संपन्न हुआ। शुक्रवार को सभी जोड़ों की विदाई होगी।
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