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    लखनऊ में 17.5 एकड़ में फैला जॉगर्स पार्क बदहाल:झूले टूटे, टाइल्स उखड़ी, फाउंटेन बंद; खुले बिजली के तार से हादसे की आशंका

    2 hours ago

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    लखनऊ के बसंतकुंज योजना (हरदोई रोड) में स्थित जॉगर्स पार्क इन दिनों बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। वर्ष 2010 में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा विकसित किया गया यह पार्क, जो कभी स्थानीय लोगों के लिए सैर और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, अब लापरवाही और रखरखाव के अभाव में जर्जर होता जा रहा है। करीब 17.5 एकड़ में फैले इस पार्क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां आने वाले लोगों को सुविधा के बजाय खतरे का सामना करना पड़ रहा है। पार्क के अंदर लगे बिजली के पोल भी खतरे का कारण बने हुए हैं। कई जगह तार खुले पड़े हैं और उन्हें ठीक से बांधने तक की जहमत नहीं उठाई गई। बरसात या नमी के दौरान यह स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो सकती है। किसी मासूम या पर्यटक के साथ हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पहले 3 तस्वीरें देखिए… बच्चों के झूले बने खतरा पार्क में बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूले पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। कई झूलों की सीट एक तरफ से गायब है, तो कुछ में पूरा हिस्सा ही टूट चुका है। हैरानी की बात यह है कि टूटे पोल और अधूरे झूलों पर भी बच्चे खेलते नजर आते हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक इन्हें दुरुस्त कराने की जरूरत नहीं समझी। एंट्री पर ही उखड़ी टाइल्स पार्क के मुख्य गेट से प्रवेश करते ही बदहाली साफ नजर आने लगती है। अंदर जाने वाले दोनों रास्तों की टाइल्स पूरी तरह टूट चुकी हैं। कई जगह टाइल्स उखड़ गई हैं और जमीन पर गड्ढे बन गए हैं। सुबह-शाम टहलने आने वाले बुजुर्ग और महिलाएं यहां फिसलने और गिरने के खतरे से जूझते हैं। शोपीस बने फाउंटेन और वाटर बॉडी पार्क में आकर्षण बढ़ाने के लिए बनाए गए फाउंटेन और तीन वाटर बॉडी पिछले लंबे समय से बंद पड़े हैं। इनकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इनमें लगी लाइटों के कनेक्शन तक कट चुके हैं। जहां कभी पानी और रोशनी का सुंदर नजारा होता था, वहां अब सूखी और गंदी संरचनाएं ही बची हैं। रखरखाव पर नहीं ध्यान स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्क के रखरखाव के लिए कोई नियमित व्यवस्था नहीं है। न तो सफाई सही तरीके से होती है और न ही टूट-फूट की मरम्मत कराई जाती है। पार्क में रोजाना टहलने आने वाले लोगों का कहना है कि यह जगह कभी शहर के अच्छे पार्कों में गिनी जाती थी।
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