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    लखनऊ में बुंदेलखंड क्रेटान की खनिज क्षमता पर GSI कार्यशाला:खनिजों की खोज पर विशेषज्ञों ने की चर्चा

    6 hours ago

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    लखनऊ के अलीगंज स्थित भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की उत्तर प्रदेश इकाई ने बुंदेलखंड क्रेटान की खनिज क्षमता पर एक दिवसीय हाइब्रिड कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का मुख्य फोकस महत्वपूर्ण (क्रिटिकल) खनिजों पर था। इसमें देशभर के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया और क्षेत्र की खनिज संभावनाओं पर गहन चर्चा की। कार्यशाला में GSI के महानिदेशक असित साहा वर्चुअल माध्यम से मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। डॉ. जॉयेश बागची ने अतिथि-विशेष के तौर पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के अपर सचिव अरुण कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजिंदर कुमार ने की। 'कम्पाइलेशन ऑफ टेक्निकल एब्स्ट्रैक्ट्स का विमोचन कार्यशाला में वैज्ञानिक प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया, जिसमें 'कम्पाइलेशन ऑफ टेक्निकल एब्स्ट्रैक्ट्स (2010-2025)' का विमोचन प्रमुख था। इसे वैज्ञानिक शोध और ज्ञान विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया। तकनीकी सत्रों के दौरान विशेषज्ञों ने बुंदेलखंड क्रेटान की भूगर्भीय संरचना, टेक्टोनिक विकास और खनिज तंत्र पर विस्तृत चर्चा की। टेक्टोनिक्स, जियोक्रोनोलॉजी, पेट्रोलॉजी, भूभौतिकी और भू-रसायन जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान डेटा आधारित और एकीकृत अन्वेषण तकनीकों के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि बुंदेलखंड क्रेटान भारत का एक महत्वपूर्ण भू-भाग है, जहां पूर्व में भी कई भूवैज्ञानिक अध्ययन किए गए हैं। इन अध्ययनों से बेस मेटल्स, दुर्लभ मृदा तत्व, प्लेटिनम समूह तत्व, टंगस्टन, मोलिब्डेनम, लौह और स्वर्ण जैसी खनिजों की संभावनाएं चिन्हित हुई हैं। स्वर्ण जैसे खनिजों की अच्छी संभावनाएं मौजूद कार्यशाला में इस बात पर बल दिया गया कि इस क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और गहन अन्वेषण की आवश्यकता है, ताकि छिपे हुए खनिज भंडारों की पहचान की जा सके।वक्ताओं ने रेखांकित किया कि महत्वपूर्ण खनिजों की खोज देश के लिए एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुकी है। यह 'आत्मनिर्भर भारत' और 'राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन' के लक्ष्यों को मजबूत करने में सहायक होगा। चर्चा के दौरान यह भी सामने आया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में लिथियम, दुर्लभ मृदा तत्व (REE), बेस मेटल्स और स्वर्ण जैसे खनिजों की अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं। भविष्य में इन संसाधनों की खोज के लिए उन्नत तकनीकों और बेहतर रणनीतियों पर जोर दिया जाएगा।
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