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    लखनऊ में 'समता अधिकार सम्मेलन' का आयोजन:UGC लागू करने की मांग , वक्ता बोले- साम्प्रदायिक और जातीय भेदभाव के विरुद्ध लड़ाई तेज होगी

    2 hours ago

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    लखनऊ में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, बी. पी. मंडल, ज्योतिबा फुले की याद में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'समता अधिकार सम्मेलन' में बहुजन समाज के बुद्धिजीवी, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता, युवा-छात्र जुटे। सम्मेलन में यूजीसी रेगुलेशन के पक्ष में जातीय जनगणना कराने समेत सामाजिक न्याय के व्यापक एजेंडे पर संघर्ष को तेज करने की रणनीति बनी। सम्मेलन में सामाजिक न्याय केंद्रित पत्रिका करेंट एजेंडा और बसावन इंडिया का विमोचन हुआ। ‘नौजवानों ने सामाजिक न्याय का झंडा बुलंद किया’ बिहार से सम्मेलन में शामिल हुए आए सामाजिक न्याय आंदोलन के संयोजक रिंकू यादव ने कहा कि पूरे हिंदी पट्टी में सामाजिक न्याय का झंडा नौजवानों ने सड़कों पर बुलंद किया है। सामाजिक न्याय की लड़ाई का जिम्मा अब समाज ने स्वयं अपने कंधों पर उठा लिया है। सामाजिक न्याय की लड़ाई सड़कों पर अपने नारों और एजेंडों के साथ खड़ी हुई है। नीला झंडा पूरे देश में प्रतिरोध का प्रतीक बनकर उभरा है। सामाजिक न्याय की ताकतों को अति पिछड़ी जातियों के सवालों और मुद्दों को एड्रेस करना होगा। ‘जातीय भेदभाव बढ़ा’ जेएनयू छात्रसंघ सहसचिव और AISA नेता दानिश ने कहा कि मौजूदा समय में जाति के आधार पर भेदभाव अपने चरम पर है। मनुवादी-जातिवादी मानसिकता एक बीमारी है, जो समाज को सड़ा रही है। भेदभाव जब तक खत्म नहीं होगा, तब तक कैंपसों में रोहित वेमुला, पायल तड़वी, दर्शन सोलंकी जैसी संस्थानिक हत्याएँ होती रहेंगी। ‘मनुवादी विचारधारा भेदभाव पर आधारित है’ लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. राजेंद्र वर्मा ने कहा कि मनुवादी विचारधारा के विरुद्ध संस्कृति का संघर्ष बहुत पुराना है। एक तरफ श्रमण संस्कृति समता और समानता की अवधारणा पर टिकी है, तो दूसरी तरफ मनुवादी विचारधारा भेदभाव पर आधारित है। रिहाई मंच के अध्यक्ष मुहम्मद शोएब ने कहा कि भेदभाव और सांप्रदायिकता के विरुद्ध हमें लड़ाई तेज करनी पड़ेगी। लोकतंत्र में हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा, नहीं तो पूँजीवादी ताकत और मजबूत होगी । UGC लागू करने की मांग इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने यूजीसी बिल लागू करने, जातिगत जनगणना कराने, महिला आरक्षण में ओबीसी आरक्षण, निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करने, ओबीसी का आरक्षण आबादी के अनुपात के अनुसार तय करने, मंडल कमीशन की सिफारिशों को लागू करने की मांग किया।
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