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    मां-बेटों के हत्यारोपी के शव को परिजनों ने नहीं लिया:अम्बेडकरनगर में इमाम ने कब्र पर फातिहा पढ़ने से मना किया, पुलिस ने दफनाया

    5 hours ago

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    अम्बेडकरनगर में मां और चार बच्चों के हत्यारोपी आमीर का शव परिजनों ने ले जाने से इनकार कर दिया। इमाम ने भी उसकी कब्र पर फातिहा पढ़ने से मना कर दिया। आमीर का शव सोमवार देर शाम पुलिस ने सुपुर्द ए खाक कराया। बता दें कि सोमवार सुबह करीब 8 बजे पुलिस ने हत्यारोपी आमीर को एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शव आने के बाद जब परिजनों को सौंपा जाने लगा तो उन्होंने मना कर दिया। परिजनों ने कहाकि आमिर का उनके परिवार से अब कोई संबंध नहीं है। आमिर ने जो किया वह इंसानियत के खिलाफ था और परिवार ऐसे व्यक्ति से कोई रिश्ता नहीं रखना चाहता। परिवार ने उसके सुपुर्द ए खाक में भी शामिल होने से इनकार कर दिया। मामले में जब इलाके के इमाम ताज मोहम्मद को आमीर की कब्र पर फातिहा पढ़ने के लिए बुलाया गया तो उन्होंने आरोपी के लिए फातिहा पढ़ने से मना कर दिया। इसके बाद देर रात पुलिस को ही शव दफन करवाना पड़ा। मामला अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मुरादाबाद इलाके का है। जानिए पूरा मामला मीरानपुर मोहल्ले में नियाज (42) की पत्नी गौसिया खातून (34) अपने 4 बच्चों शफीक (14), सउद (12), उमर (10) और बेटी सादिया (8) के साथ एक दो मंजिला मकान में रहती थी। नियाज चार साल से सऊदी में रह रहा है। तब से वह एक बार भी घर नहीं आया। नियाज के चचेरे भाई सलीम के अनुसार, नियाज ने सऊदी में ही 3 साल पहले किसी पाकिस्तानी महिला से शादी कर ली थी। एक साल पहले नियाज की पत्नी गौसिया भी सऊदी गई थी। पुलिस के मुताबिक, शनिवार (2 मई) की सुबह 8 बजे जब दूधवाला आया तो घर बंद था। उसने कई आवाज लगाई पर दरवाजा नहीं खुला। इसकी चर्चा उसने पड़ोसियों से भी की। दोपहर 3 बजे तक जब घर से कोई बाहर नहीं निकला, तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने 112 पर सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी। नीचे वाले फ्लोर के कमरे में बेड पर सभी बच्चों के शव पड़े थे। मां लापता थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने मां को हत्यारा बताया। कहा गया कि बच्चों की हत्या करने के बाद मां बालकनी से कूदकर भाग गई। 24 घंटे बाद, यानी महिला का खून से लथपथ शव मिलने के बाद, पुलिस की पिछली थ्योरी गलत साबित हो गई। रविवार को नाले में महिला गौसिया की लाश मिली। उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी और डीवीआर खंगाले गए। पड़ोसियों से पूछताछ की गई। पड़ोसियों ने बताया कि आमिर, गौसिया के घर आता रहता था। पुलिस ने आमिर के बारे में पता किया तो सामने आया कि वह गौसिया के घर से 400 मीटर दूर रहता है। बच्चों की हत्या वाले दिन से उसका कोई अता-पता नहीं था। इसके बाद पुलिस ने सबूत जुटाने शुरू किए। उसे ट्रेस किया गया। गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी की गई। सोमवार तड़के अफजलपुर-अकबरपुर के पास उसे घेर लिया गया। मुठभेड़ में उसे ढेर कर दिया गया। पुलिस के गुमराह करने के लिए 200 मीटर दूर फेंका शव सीओ नीतीश तिवारी ने बताया था- आरोपी आमिर, गौसिया से शादी कर उसकी जमीन और मकान हड़पना चाहता था, लेकिन उसने इनकार कर दिया था। 2 मई को नाराज आमिर ने गौसिया से मारपीट की, जिससे महिला बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसके चारों बच्चों की हत्या कर दी। जब गौसिया को महिला को होश आया और वह चिल्लाने लगी, तो आरोपी ने उसकी भी हत्या कर लाश को करीब 200 मीटर घसीटकर नाले में फेंक आया। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने ऐसा किया, ताकि लगे कि गौसिया ने ही अपने बच्चों की हत्या की है। ऐसा हुआ भी और पुलिस उसके ट्रैप में फंस गई। वारदात के बाद पहुंची पुलिस ने आशंका जताई थी कि मां बच्चों की हत्या कर फरार हो गई। हालांकि, रविवार को नाले में महिला गौसिया की लाश मिली तो पुलिस की थ्योरी ही पलट गई। उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए। पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की। जांच में आमिर का नाम सामने आया। पुलिस ने सोमवार देर शाम किया एनकाउंटर एसपी प्राची सिंह ने बताया था कि पुलिस को सूचना मिली थी कि नेवतरिया बाईपास के पास आरोपी आमिर मौजूद है और भागने की फिराक में है। उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की गई। बाइक से एक संदिग्ध आता दिखा। रुकने का इशारा करने पर वह बाइक मोड़कर भागने लगा। इस दौरान बाइक फिसल गई और उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके सीने में गोली लगी और उसकी मौत हो गई। परिजनों ने शव लेने से किया इनकार पुलिस ने आमिर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। शव आने के बाद जब परिजनों को पुलिस ने सौंपना चाहा तो परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया। आमीर के भाई मोहम्मद आरिफ ने कहा कि आमिर ने जो किया वह इंसानियत के खिलाफ था और परिवार ऐसे व्यक्ति से कोई रिश्ता नहीं रखना चाहता। परिवार ने उसके सुपुर्द ए खाक में भी नहीं शामिल होगा। वहीं इमाम ताज मोहम्मद ने कहा कि आमीर के प्रति हमारी कोई संवेदना नहीं है, इसलिए उसका शव लेने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी अपराधी के जनाजे में नमाज नहीं पढ़ाया जाता, ऐसे में वे उसके उसके सुपुर्द ए खाक में भी शामिल नहीं हो सकते और न ही उसके मिट्टी के काम में हाथ लगाएंगे। साथ ही ताज मोहम्मद ने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को वे सही मानते हैं। -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- 13 मिनट में 52 लाख लूटने वाले 2 डकैत अरेस्ट:UP से दबोचकर सूरत ले गई पुलिस; 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