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    मां का सहारा था मेरा भाई, तड़पकर तोड़ा दम:बहन ने डॉक्टर और पुलिस पर लगाए आरोप, बोली- इलाज होता तो बच जाता

    3 hours ago

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    'अस्पताल में मेरे भाई को किस भी तरह का इलाज नहीं मिला अस्पताल में; जब हमने पुलिस से कहा तो पुलिस बोली नाटक कर रही हो। दो घंटा मेरा भाई दर्द से तड़पा। उसके बाद उसने हाथ पैर ढीले कर दिए। इसके बाद पुलिस आयी और उसे अंदर ले गए फिर डॉक्टर भी आ गए। बोले इलाज कर रहे हैं। उसके बाद एक इंजेक्शन लगाया और फिर उसने खून की उलटी की और उसकी मौत हो गई। मेरे भाई को सबने मिलकर मारा है। हमें जान के बदले जान चाहिए। ये कहते-कहते वाराणसी के तेलियानाल इलाके के नीरज केवट की बहन सीमा बिलख-बिलख के रोने लगी। सीमा ने कहा मेरा भाई अंतिम समय में तड़प रहा था पर उसका इलाज नहीं दिया गया। न ही हमें कहीं जाने दे रहे थे। उसे मार दिया गया। अब हमारी मां का सहारा कौन बनेगा। वहीं सब कुछ था हम लोगों का। इतना कहकर वह एक बार फिर बिलखने लगी। तेलियानाला घाट के किनारे तेलियानाला मोहल्ले में रहने वाले गोपाल की पत्नी घाट पर ही दुकान लगाती हैं। उनका छोटा बेटा जो उनके साथ रहता है नीरज वह नाव चलाता था। रविवार की रात वह घर पर पहुंचा तो उसके घर की महिलाओं और पड़ोस के रहने वाले रविंद्र के परिवार की महिलाओं से किसी बात पर बहस हो रही थी। नीरज ने छुड़ाने की कोशिश की इतने में रविंद्र ने आकर उससे लड़ाई शुरू की और ईंट से उसके सिर और कई वार किये जिससे वह लहूलुहान होकर गिर गया। इसके बाद परिजन और मोहल्ले के लोग उसे अस्पताल ले गए जहां इलाज एक दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस और डॉक्टर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ऐसे में घटना के समय क्या हुआ था? और अस्पताल में क्या हुआ? इन सब पर दैनिक भास्कर ने मृतक की बहनों और भाई से बात की और घटना के बारे में जाना। पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले देखिये घटनास्थल और मृतक और आरोपियों की तस्वीरें … अब जानिए बहन रीमा की जुबानी जानिए की रविवार की रात क्या हुआ था ? नीरज की बहन की ननद से हुआ था विवाद नीरज की बहन रीमा ने बताया - मेरी ननद का झगड़ा हुआ था। रविंद्र की बहन से झगड़ा हुआ था। जिसे हम लोगों ने खत्म कराया था। इसके बाद नीरज ऊपर आय ही था कि मेरी बहन से ननद ने कहा की मेरी चप्पल वहां छूट गयी है। उसे ले आओ। वो लेने गई तो रविंद्र उसे गाली देकर सबको मारने के लिए ललकारने लगा। ईंट से किया नीरज पर हमला रीमा ने बताया - इसपर नीरज ने कहा गाली क्यों दे रहे हैं रविंद्र भाई। जैसे आप की बहन वैसे ही मेरी बहन है। इसपर वह नीरज को मारने लगा और उससे उलझ गया। इसके बाद उसने वहीं पड़ी हुई ईंट उठाई और उसके सिर पर कई वार कर दिया। जिससे लहूलुहान होकर नीरज जमीन पर गिर पड़ा। अस्पताल में हो गई मौत रीमा ने बताया - इसके बाद उसे लेकर हम लोग और मोहल्ले के लोग अस्पताल पहुंचे जहां पुलिस ने हमें दौड़ाया और कहा जाओ पहले पुलिस को बुलाकर लाओ तब जाकर इलाज करेंगे। इसमें काफी देर गुजर गयी और मेरे भाई की मौत हो गई। हमें इंसाफ चाहिए। अब जानिए सीमा ने क्या बताया और क्यों मांगा जान के बदले जान? अस्पताल पहुंचे तो तड़प रहा था भाई सीमा ; नीरज चार बड़ी बहनों में सबसे छोटी है। नीरज ही घर का खर्च चलाता था क्योंकि उसका बड़ा भाई घर मतलब नहीं रखता था। सीमा नीरज की मौत के बाद परेशान है और बिलख रही है। सीमा ने कहा - हमें जब जानकारी हुई तो देवर के साथ अस्पताल पहुंची। वहां मेरा भाई जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। उसके सिर से खून निकल रहा था और स्ट्रेचर पर वह तड़प रहा था। मेरा पल्लू चबा रहा था पर डॉक्टर नहीं कर रहे थे इलाज सीमा ने बिलखते हुए कहा - मेरा भाई जिंदा था अगर डॉक्टर सही इलाज करते तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। वह मुंह से कुछ नहीं बोल रहा था पर उसकी सांसे चल रही थी । और वह मेरी साड़ी का पल्लू अपने मुंह में लेकर चबा रहा था। एक घंटे बाद उसने पल्लू छोड़ दिया। हमने जब उसे हिलाय तो वह हिल भी नहीं रहा था। इतने में डॉक्टर आ गए जो अभी तक पास भी नहीं आ रहे थे। मरने के बाद किया इलाज, इंजेक्शन से दिया जहर सीमा ने आरोप लगाते हुए कहा - मेरा भाई जब मर गया तब डॉक्टर उसे अंदर ले गए। और एक इजेक्शन दिया जिससे उसने एक उलटी की और उसका शरीर गेहुआं पड़ने लगा और थोड़ी देर बाद ही उसका जिसमे अकड़ गया। उसे जहर दिया गया है। हमें हमारा भाई चाहिये। हमें जान के बदले जान चाहिए चाहे जो हो जाए हमें इंसाफ चाहिए। अब जानिए पुलिस ने अभी तक क्या की कार्रवाई ? और कितने लोगों पर दर्ज है FIR?… एसीपी विजय प्रताप सिंह ने जानकारी ली घटना की सूचना के बाद एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने इंस्पेक्टर आदमपुर विमल मिश्रा से बात की और मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का दौरा किया। इसके बाद परिजनों से भी बात की। परिजनों ने इंसाफ की बात कही जिसपर उन्होंने तहरीर देने और मुकदमा दर्ज होने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। 10 लोगों पर दर्ज हुआ नामजद मुकदमा आदमपुर पुलिस को मृतक के भाई धीरज ने तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर आदमपुर पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(2) में रविंद्र, कालू, टकालू, किशन, भरत, कन्हैया, सुमन, बसंत, संजीता और एक अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों की मानें तो पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है।
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