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    महिला की शिकायत पर थानेदार लाइन हाजिर:इटावा में झूठे मुकदमे फंसाने और मिलीभगत का आरोप

    1 hour ago

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    इटावा के बलरई थाना क्षेत्र में एक महिला की शिकायत पर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक दिवाकर सरोज को लाइन हाजिर कर दिया है। महिला ने आरोप लगाया था कि उसके पति, देवर और भाई को झूठे मुकदमों में फंसाया गया। पुलिस ने विरोधी पक्ष से मिलीभगत कर दबाव बनाया। शिकायत मंत्री तक पहुंचने के बाद जांच कराई गई। जांच में रिश्वत मांगने का आरोप साबित नहीं हुआ, लेकिन पूरे मामले और लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। मामला 4 मार्च को बलरई क्षेत्र में हुई लूट और मारपीट की घटना से जुड़ा है। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन महिला प्रिया चौहान ने आरोप लगाया कि उसके पति, देवर और भाई को जानबूझकर झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उनका कहना है कि मामूली विवाद को गंभीर धाराओं में बदल दिया गया और पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। विरोधी पक्ष से मिलीभगत और दबाव का आरोप महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने विरोधी पक्ष से मिलीभगत कर उसके परिवार पर दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि समझौते के नाम पर विपक्षी पक्ष की ओर से लाखों रुपये की मांग की जा रही थी। साथ ही आरोप लगाया कि पुलिस भी इस पूरे मामले में निष्पक्ष नहीं रही और एकतरफा कार्रवाई की गई। मंत्री से शिकायत के बाद शुरू हुई जांच प्रिया चौहान ने प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति से मिलकर पूरे मामले की शिकायत की। मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी जसवंतनगर थानाध्यक्ष कमल भाटी को सौंपी गई, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम की जांच की। रिश्वत का आरोप साबित नहीं, फिर भी कार्रवाई जांच के दौरान रिश्वत मांगने का आरोप प्रमाणित नहीं हो सका, लेकिन पुलिस की कार्यशैली और पूरे मामले में उठे सवालों को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। लगातार मिल रही शिकायतों और ताजा प्रकरण को ध्यान में रखते हुए प्रभारी निरीक्षक दिवाकर सरोज को लाइन हाजिर कर दिया गया। पहले भी विवादों में रहा है नाम दिवाकर सरोज का नाम पहले भी विवादों से जुड़ता रहा है। उन्हें 11 फरवरी 2024 को फ्रेंड्स कॉलोनी थाने का प्रभारी बनाया गया था, लेकिन लगातार शिकायतों के चलते महज पांच महीने में 23 जून 2024 को वहां से हटा दिया गया था। उस समय भी उनके कामकाज को लेकर सवाल उठे थे। आगे की कार्रवाई पर टिकी नजर फिलहाल पूरे मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। महिला की शिकायत के बाद हुई इस कार्रवाई ने पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर बहस खड़ी कर दी है।
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