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    मजदूर के बेटे ने UPSC में हासिल की 107वीं रैंक:बिना कोचिंग पांचवें प्रयास में मिली सफलता, रायबरेली के विमल कुमार ने जिले का नाम किया रोशन

    1 hour ago

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    रायबरेली जिले के खीरो ब्लॉक के चांदेमऊ गांव निवासी विमल कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 107वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। साधारण परिवार से आने वाले विमल की इस सफलता से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। विमल कुमार के भाई अजीत कुमार ने बताया कि उनके पिता ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद साधारण थी। अजीत खुद भी रायबरेली में मजदूरी कर परिवार का सहारा बने हुए हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद परिवार ने विमल की पढ़ाई में कभी रुकावट नहीं आने दी और लगातार उनका हौसला बढ़ाया। गांव के प्राथमिक विद्यालय से शुरू हुई पढ़ाई विमल कुमार ने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय चांदेमऊ से पूरी की। इसके बाद उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय महाराजगंज में हुआ, जहां से उन्होंने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई के लिए वह केरल गए और फिर उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली पहुंचे। IIT दिल्ली से बीटेक करने के बाद शुरू की UPSC की तैयारी विमल कुमार ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की तैयारी के लिए उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। अधिकतर तैयारी उन्होंने रायबरेली में रहकर स्वाध्याय के जरिए की। चार बार इंटरव्यू तक पहुंचे, पांचवें प्रयास में मिली सफलता विमल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 से 2025 के बीच लगातार यूपीएससी परीक्षा दी। कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने बिना कोचिंग के अपनी तैयारी जारी रखी। पहले चार प्रयासों में वह इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और पांचवें प्रयास में इंटरव्यू भी पास कर लिया। इस बार उन्हें 107वीं अखिल भारतीय रैंक मिली। बोले- अनुशासन और निरंतर मेहनत ही सफलता की कुंजी विमल कुमार का कहना है कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय का सही उपयोग ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत जारी रखी जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।
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