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    मेरठ में पिता ने ही बेटे की हत्या की:10 लाख की सुपारी देने के शक में में की वारदात, बहू को फोन करके कहा- डेड बॉडी ले जाओ

    11 hours ago

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    खरखौदा के तुषार हत्याकांड का मेरठ पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया। तुषार की हत्या उसके पिता सुंदर ने की थी। पुलिस ने सुंदर व उसके एक सहयोगी अमित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की मानें तो सुंदर को शक था कि उसके बेटे ने 10 लाख रुपये में उसकी किसी को सुपारी दी हुई है। हत्या से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र में सोमवार रात 23 साल के प्रोपर्टी डीलर की उसी की स्कार्पियो कार में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद आरोपी ने पत्नी को फोन कर बताया कि तुषार का मर्डर कर दिया है। डेड बॉडी उठाकर ले जाओ। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और फिर रात में ही तुषार को ढूंढने निकल गए। रात में ही तुषार का शव लहूलुहान हालत में उसकी स्कार्पियो से बरामद हो गया। तुषार को दो गोली मारी गई थी। पहली गोली कनपटी पर तो दूसरी ठोडी पर मारी गई थी। तुषार की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। दो साल पहले ही उसकी शादी शिखा त्यागी से हुई थी। शादी के बाद उनके दो बच्चे हैं। 4 जून को तुषार का जन्मदिन भी था। इसके बाद पुलिस वारदात के खुलासे में जुट गई। चार टीमों को खुलासे के लिए लगाया गया। अब विस्तार से समझिए पूरी वारदात को हापुड़ के दोयमी गांव निवासी तुषार त्यागी किसान थे। वह प्रोपर्टी डीलिंग का भी काम करते थे। सोमवार शाम करीब 8 बजे तुषार को किसी का फोन आया। कॉलर ने कहा कि भूख लगी है। घर से खाना लेकर आ जाओ। तुषार ने खाना पैक कराया और स्कार्पियो से निकल गया। एक कॉल ने कराया अनहोनी का एहसास तुषार की बहन मोना ने बताया कि घर से निकलने के एक घंटे बाद ही तुषार का भाभी शिखा के पास फोन आया। तुषार बोल रहा था कि बिट्टू उर्फ अरविंद त्यागी उसे किडनेप कर जंगल में ले जा रहे हैं। यह लोग मुझे मार डालेंगे। इसके बाद फोन बंद हो गया और परिवार तुषार को खोजने के लिए निकल गया। बिट्टू बोला- मैने तुषार को गोली मार दी काफी देर तक मोना कुछ लोगों को साथ लेकर भाई को ढूंढती रही लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चल पा रहा था। इसी बीच शिखा के फोन पर एक कॉल आई। कॉल करने वाला बोला कि वह अरविंद उर्फ बिट्टू त्यागी है। उसने तुषार को गोली मार दी है। तुषार कार में पड़ा है। जाकर उसकी डेड बॉडी उठा लो। आनन फानन में बताई लोकेशन पर पहुंचे तो वास्तव में तुषार मृत अवस्था में अपनी स्कार्पियो की ड्राइविंग सीट पर पड़ा था। शिखा बोली- तरुण ने दी थी धमकी फोन करने वाला अपना नाम अरविंद उर्फ बिट्टू बता रहा था लेकिन शिखा ने पुलिस को बताया कि उसके पति तुषार का तरुण त्यागी नाम के युवक से विवाद चल रहा था। यह भी बताया कि तरुण ने उसके पति को जान से मारने की धमकी दी थी। राष्ट्रवादी निर्माण दल के जिलाध्यक्ष अरविंद उर्फ बिट्‌टू त्यागी ने उनके बीच समझौता करा दिया था। इसके बाद पुलिस की जांच तरुण और अरविंद उर्फ बिट्‌टू के बीच उलझकर रह गई। पिता पर पहले से शक था पुलिस को परिजनों से बातचीत के दौरान स्पष्ट हो चुका था कि पिता सुंदर त्यागी से भी तुषार के अच्छे संबंध नहीं थे। पिता ने पूर्व में तुषार को मारने की धमकी दी थी, जिस कारण उसकी मां ने उसे अपने मायके भेजा हुआ था। कुछ समय पहले ही तुषार वापस गांव लौटा था। पुलिस ने पिता की लोकेशन पर काम किया तो जो कुछ सामने आया, उसने पुलिस का काम आसान कर दिया। जल्द पुलिस को पता चल गया कि हत्या के वक्त सुंदर भी खरखौदा में मौजूद था। सुंदर समेत दो लोगों की हुई पहचान पुलिस ने पिता की घेराबंदी शुरु कर दी। खुलासा हुआ कि हत्या वाली शाम तुषार का पिता सुंदर त्यागी अपने एक दोस्त अमित उर्फ वेदवान के साथ खरखौदा आया था। दोनों ने एक दुकान से बीयर खरीदी थी। जिस संदिग्ध कार का जिक्र ग्रामीणों ने किया था, वह सुंदर की ही थी। पुलिस ने जल्द ही उसे ट्रेस किया और सुंदर व अमित उर्फ वेदवान को दबोच लिया। पूछताछ में सुंदर ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पुलिस की मानें तो तुषार के साथ सुंदर स्कार्पियो में बैठा था। मौका पाकर सुंदर ने तुषार को गोली मार दी। सुंदर को शक था, बेटा हत्या करा देगा पुलिस की छानबीन में सामने आया कि तुषार की हत्या करने के बाद सुंदर व अमित कार को ले जाकर पांची अंडर पास के निकट छोड़ आए और फरार हो गए। इस हत्या के पीछे की वजह भी बेहद चौकाने वाली सामने आई। दरअसल, सुंदर व बेटे तुषार में 36 का आंकड़ा था। सुंदर को शक था कि उसके बेटे तुषार ने 10 लाख रुपए में उसकी किसी को हत्या की सुपारी दे रखी है। इसी कारण उसने तुषार को मारने का मन बना लिया।
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