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    मुरादाबाद में मौत को मात देकर जिंदा लौटा युवक:परिवार ने शुगर मिल में गिरकर मरने का दावा किया था; बोला- पिटाई के डर से छिपा था

    10 hours ago

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    मुरादाबाद में मौत को मात देकर एक युवक जिंदा लौट आया है। परिवार ने शुगर मिल में गिरकर मरने का दावा किया था। हालांकि लाश नहीं मिली थी। परिवार का तर्क था कि चेन में गिरने से गन्ने के साथ युवक पिस गया। गन्ने की खोई के साथ उसकी हड्डियां भी जल गईं। बुधवार को पूरे दिन हंगामा हुआ। परिवार ने मिल सुपरवाइजर, ठेकेदार और सिक्योरिटी गार्ड पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस डॉग स्क्वॉयड लेकर मिल पहुंची, लेकिन वह भी कोई सुराग नहीं लगा पाया। गुरुवार सुबह युवक अपने घर पहुंचा तो लोग उसे देखकर दंग रह गए। युवक की पत्नी ने एक विधवा का लिबास पहन लिया था। घर में हर तरफ मातम पसरा था। लेकिन युवक को सही सलामत देखकर सभी खुश हो गए। युवक ने परिवार वालों और पुलिस को बताया कि वह सच में मिल की चेन में गिरा था, लेकिन निकलने में कामयाब हो गया था। इतना डर गया था कि वहां से निकलने के बाद चलते-चलते जंगल में चला गया। मानसिक स्थिति ठीक हुई तो लगा कि घर जाऊंगा तो लोग पीटेंगे। अब घर वापस आया हूं। यह 2 तस्वीर देखिए… अब विस्तार से समझिए पूरा मामला… 3 मजदूरों ने कहा- हमारी नजरों के सामने चेन में गिरकर पिस गया मुरादाबाद में दीवान शुगर मिल है। मझोला इलाके में मिलक का रहने वाला अरविंद सिंह (32) मिल में करीब 4 महीने से काम करता है। मंगलवार को भी वह मिल पहुंचा था। लेकिन अगले दिन ड्यूटी खत्म होने पर वह घर नहीं पहुंचा। घरवाले परेशान थे। बुधवार की सुबह करीब 8 बजे अरविंद के परिवारीजन रोते-बिलखते हुए मिल पहुंचे। उन्होंने दावा कि अरविंद की मिल में काम के दौरान चेन में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई है। मिल में काम करने वाले जितेंद्र, राजेंद्र और गुलशन ने खुद को घटना का चश्मदीद बताया। दावा किया कि मंगलवार की रात करीब 12:20 बजे चेन में गन्ने की पुली डालते समय पैर फिसलने की वजह से अरविंद गिर गया। लेकिन मिल प्रबंधन ने गन्ने की पेराई बंद नहीं कराई। चेन सुबह 8 बजे तक चलती रही। इस वजह से उनके साथी अरविंद सिंह की जान नहीं बच सकी। वह गन्ने की पुलियों के साथ ही पिस गया। पत्नी ने मिल प्रबंधन पर कार्रवाई को तहरीर दी, पूरा दिन हंगामा हुआ मजदूर अरविंद सिंह की पत्नी अनीता ने मिल प्रबंधन के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मिल पर कई घंटे तक हंगामा होता रहा। भारतीय किसान यूनियन भी मामले में कूद पड़ी। बड़ी तादाद में जुटे लोगों ने धरना-प्रदर्शन और हंगामा किया। इसके बाद लोग मुरादाबाद कलेक्ट्रेट पर पहुंचे और यहां भी प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। तर्क दिया कि अरविंद के परिवार में उसकी पत्नी अनीता के अलावा उसके तीन बच्चे इछा (6 साल), कारब (5 साल) और लक्षित (4 साल) हैं। परिवार में वह अकेला ही कमाने वाला था। पिता की मौत हो चुकी है और वृद्धा मां चंदरवती (65 साल) की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। पूरे दिन परेशान रहे अफसर, चेन चेक कराई, डेडबॉडी नहीं मिली सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिविल लाइंस ने मौके पर जाकर मिल में पूरी चेन को चेक कराया। लेकिन मजदूर अरविंद सिंह की डेडबॉडी नहीं मिली। मिल की चेन में किसी के कचूमर बन जाने के साक्ष्य भी हाथ नहीं आए। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। लेकिन चेन में ब्लड कंटेंट नहीं मिले। दूसरी ओर मजदूर के साथी खुद को इस कथित हादसे का चश्मदीद बताकर यह दावा करते रहे कि उन्होंने मजदूर को अपनी नजरों से शुगर मिल की चेन में गिरते हुए देखा है। हंगामा बढ़ने पर मिल प्रबंधन मजदूर की फैमिली को मुआवजा देने पर राजी हो गया था। इस बाबत एक लिखित समझौता भी मिल प्रबंधन और मजदूर की फैमिली के बीच हुआ था। गुरुवार सुबह घर पहुंचा मजदूर तो सब रह गए हैरान गुरुवार सुबह अरविंद सिंह अपने घर पहुंच गया। बात पुलिस तक भी पहुंची। पुलिस तुरंत गांव पहुंची और मजदूर अरविंद सिंह को अपने साथ ले आई। अब घटना को अरविंद की जुबानी जानिए… अरविंद सिंह ने बताया- 'मैं शुगर मिल की चेन में गन्ना डालते समय गिर गया था। अचानक गिरने से मुझे मौत सामने नजर आ रही थी। पता नहीं किस तरह गन्ने की पुलियों पर चढ़ते-चढ़ते मैं चेन से बाहर निकलने में कामयाब रहा। ‘मैं इतना बदहवाश हो चुका था कि मुझे कुछ समझ में नहीं आया। मैंने तुरंत मिल से निकलकर चलना शुरू कर दिया। मैं जंगल में भटकता रहा। मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा था। फिर मुझे अपने घर का पता याद आया। सोचने लगा कि लोग मुझे खोज रहे होंगे। लेकिन पिटाई के डर से आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। अब मैं घर पहुंच गया हूं।’ पुलिस मामले की जांच कर रही है SP सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि, मिल में मजदूर के चेन में गिरकर मरने की बात गलत निकली है। जिस मजदूर के मिल चेन में गिरकर मौत का दावा किया जा रहा था, वह अपने घर जिंदा लौट आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ------------------------------ ये भी पढ़ें: 'जज साहब, मुझे पति का साथ चाहिए':कोर्ट में फूट-फूटकर रोईं ज्योति सिंह, कहा-पवन सिंह साथ नहीं रहना चाहते तो मेंटेनेंस में 10 करोड़ दें “जज साहब, मेरी शादी को सात साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक न तो मुझे पति का प्यार मिला और न ही मेरे भरण-पोषण का खर्च मिला है। मैं पवन सिंह के साथ रहना चाहती हूं। मेरे दर्द को नजरअंदाज किया जा रहा है। अगर वह साथ नहीं रहना चाहते हैं, तो मुझे 10 करोड़ रुपए मेंटेनेंस दिया जाए।” भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने आरा सिविल कोर्ट स्थित कुटुंब न्यायालय में ये बातें कहीं। ये जानकारी खुद ज्योति सिंह के वकील विष्णुधर पांडेय ने भास्कर से बातचीत में दी। (पढ़ें पूरी खबर)
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