Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मासूम की गवाही पर पिता के हत्यारों को मिली सजा:अलीगढ़ में पांच साल पुराने फाइनेंस कर्मी हत्याकांड में पड़ोसी निकले दोषी, 3 को उम्रकैद

    3 hours ago

    1

    0

    ​अलीगढ़ में 5 साल पुराने विकास सक्सेना हत्याकांड में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में मृतक की 6 साल की बेटी की गवाही सबसे महत्वपूर्ण रही। एडीजे-11 पीके जयंत की अदालत ने तीन सगे पड़ोसियों को हत्या और लूट का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। बेटी के सामने ही घोंटा था पिता का गला ​घटना 20 जनवरी 2021 की रात की है। सासनी गेट के कृष्णा विहार निवासी विकास सक्सेना रामघाट रोड स्थित एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थे। उनकी पत्नी बदायूं में बेसिक शिक्षा विभाग में टीचर थीं, इसलिए घर पर विकास अपनी 6 साल की मासूम बेटी ईवा के साथ अकेले थे। ​आधी रात को उनके पड़ोसी विवेक शर्मा, मोहित शर्मा और योगेंद्र पंडित दीवार फांदकर घर में घुसे। आरोपियों ने विकास को काबू किया और वहीं रखे आरओ के पाइप और प्लास्टिक की रस्सी से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। यह पूरी वारदात मासूम ईवा की आंखों के सामने हुई। ​बेटी के बयान ने सुलझाई गुत्थी ​पुलिस के लिए यह मामला शुरुआत में काफी उलझा हुआ था, क्योंकि घर में कोई बाहरी एंट्री के निशान नहीं थे। लेकिन विकास की बेटी ईवा ने पुलिस और फिर अदालत में जो बयान दिया, उसने केस की दिशा बदल दी। ईवा ने कोर्ट में बताया कि घटना वाली रात उसने अपने पड़ोस में रहने वाले तीनों अंकल को घर के अंदर देखा था। उसने बताया कि कत्ल से ठीक पहले तीनों उसके पिता से कुछ बात कर रहे थे, जिसके बाद उन्होंने हमला कर दिया। एक नन्ही बच्ची का अपने पिता के हत्यारों के सामने खड़े होकर उन्हें पहचानना अदालत के लिए सबसे ठोस सबूत साबित हुआ। ​लूट का माल गलाने की थी तैयारी ​हत्या के बाद आरोपी घर में रखी सेफ से लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात, 2 लाख रुपए कैश और मोबाइल फोन लूट ले गए थे। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने कबूल किया कि वे लूटे हुए माल को जलेसर (एटा) ले जाकर गलाने की फिराक में थे, ताकि पहचान मिटाई जा सके। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर माल बरामद कर लिया था। ​तीनों को आजीवन कारावास की सजा एडीजीसी परमेंद्र जैन ने बताया कि गवाह और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा प्रत्येक दोषी पर 3.60 लाख रुपए के हिसाब से कुल 10.80 लाख का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने वसूले गए जुर्माने में से 9 लाख रुपए पीड़ित परिवार को बच्चों की परवरिश के लिए देने के आदेश दिए हैं। मारपीट में 17 साल बाद 13 दोषी करार ​इसी अदालत ने 2009 के भोपतपुर दो गुटों में हुई मारपीट–पथराव की घटना में भी फैसला सुनाया। गांव के ही दो गुटों में मारपीट और सिर फोड़ने के मामले में पुलिस ने 13 लोगों (शीलेंद्र, दलवीर, रामवीर, प्रेमपाल आदि) के खिलाफ चार्जशीट दी थी। ​कोर्ट ने सभी 13 आरोपियों को दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया है। ​इन सभी की सजा की अवधि का एलान 20 अप्रैल को किया जाएगा।
    Click here to Read more
    Prev Article
    चंदौली में पंचायत मित्र ने 7 लोगों को गोली मारी:दो पक्षों के बीच मारपीट और फायरिंग, पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया
    Next Article
    झांसी में बढ़ती गर्मी में बदला स्कूलों का टाइम-टेबल:कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों पर लागू होगा आदेश, डॉक्टर की सलाह भी जान लें

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment