Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    माध्यमिक स्कूलों में अब अखबार पढ़ेंगे छात्र:शिक्षकों की निगरानी में सीखेंगे कठिन शब्द, प्रधानाचार्यों ने बजट न मिलने पर जताई चिंता

    2 hours ago

    1

    0

    अयोध्या के माध्यमिक विद्यालयों में अब छात्र-छात्राएं प्रार्थना सभा में अखबार पढ़ेंगे। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों की भाषा पर पकड़ मजबूत करना और कठिन शब्दों का अर्थ समझाना है। साथ ही, विद्यालयों में मोबाइल फोन लाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने और उनके स्क्रीन टाइम को कम करने के लिए समाचार पढ़ने को शैक्षिक कैलेंडर का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दिसंबर में सभी विद्यालयों के लिए यह आदेश जारी किया था। निर्देशों के अनुसार, विद्यार्थी प्रार्थना सभा में प्रमुख समाचार पढ़ेंगे और शिक्षकों की निगरानी में कठिन शब्दों का उच्चारण व अर्थ समझेंगे। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और मंडलीय शिक्षा अधिकारियों को छात्रों द्वारा विद्यालय में मोबाइल फोन लाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। परिषद का मानना है कि किशोरावस्था में मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इससे आंखों की रोशनी कमजोर होने, पढ़ाई में एकाग्रता की कमी और आत्मानुशासन में गिरावट जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिसके मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ अलग है। कुछ विद्यालयों को छोड़कर अधिकांश में छात्र अभी भी मोबाइल फोन ला रहे हैं और अखबार भी नहीं मंगाए जा रहे हैं। यदि अखबार उपलब्ध हों, तो विद्यार्थियों का सामान्य ज्ञान बेहतर हो सकता है, लेकिन वर्तमान में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन तिवारी ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद की गाइडलाइन सभी विद्यालयों को भेजी जा चुकी है और उनके अनिवार्य पालन के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल के लिए कोई अलग से बजट आवंटित नहीं किया गया है; विद्यालयों को स्वयं ही अखबारों की व्यवस्था करनी होगी। इस स्थिति में, कई विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने बजट के अभाव में कई अखबारों की व्यवस्था करने में असमर्थता जताई है। उनका कहना है कि आदेश उचित है, लेकिन इसके क्रियान्वयन के लिए बजट भी जारी किया जाना चाहिए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मथुरा में इलेक्ट्रिक बस की टक्कर से राहगीर गंभीर घायल:हादसे के बाद चालक मौके से फरार
    Next Article
    मथुरा जंक्शन पर बिछड़ी युवती परिजनों से मिली:पुलिस की तत्परता से सुरक्षित घर पहुंची 19 वर्षीय युवती

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment