Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    नोएडा के मेदांता में होगी मिलेगी एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी:दा विंची रोबोट से मिलेगी इलाज की सटीक जानकारी, मेजर सर्जरी में होगा फायदा

    8 hours ago

    2

    0

    मेदांता हॉस्पिटल नोएडा ने एडवांस्ड पेशेंट केयर को और मजबूत करते हुए अत्याधुनिक रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी तकनीक की पहुंच का विस्तार किया है। लेटेस्ट रोबोटिक सिस्टम्स की उपलब्धता के साथ अब मरीजों को कई स्पेशलिटी में हाई प्रिसिशन और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का लाभ मिलेगा। इन सर्जरी को करेगा आसान एडवांस्ड रोबोटिक प्रोसीजर्स (दा विंची) के फायदों को लेकर आयोजित अवेयरनेस सेशन में डॉ.आलोक ठक्कर ने बताया कि अब गायनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी, जनरल सर्जरी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) ऑन्कोलॉजी, ब्रेस्ट और एंडोक्राइन सर्जरी, चेस्ट सर्जरी, यूरोलॉजी, किडनी ट्रांसप्लांट और हेड एंड नेक कैंसर सहित कई स्पेशलिटी में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा प्रदान करेगा। सर्जरी में जरूरी अंगों को मिलेगी केयर इससे विभिन्न जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार एडवांस्ड और पर्सनलाइज्ड सर्जिकल सॉल्यूशंस मिल सकेंगे। रोबोटिक सर्जरी ने हेड एंड नेक कैंसर के इलाज में बड़ा बदलाव लाया है। जटिल एनाटॉमिकल क्षेत्रों में भी यह तकनीक बेहतरीन प्रिसिशन देती है। दा विंची सिस्टम की मदद से हम जरूरी अंगों को सुरक्षित रखते हुए बेहतर स्पीच और स्वॉलोइंग आउटकम हासिल कर पाते हैं और मरीज जल्दी रिकवर होते हैं। कम होंगे कॉम्लिकेशन डॉ. सुधीर शर्मा ने कहा कि दा विंची जैसे रोबोटिक सिस्टम सर्जन को बेहतर कंट्रोल, फ्लेक्सिबिलिटी और विज़ुअलाइजेशन देते हैं। इससे सर्जरी अधिक सटीक होती है, कॉम्प्लिकेशन कम होते हैं और मरीज तेजी से रिकवरी करते हैं। यह तकनीक आज जनरल और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी को नई दिशा दे रही है। डॉ. विवेक टंडन ने कहा, रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी ने जीआई और जीआई ऑन्कोलॉजी प्रक्रियाओं को काफी एडवांस बनाया है। 3डी विज़न और बेहतर कंट्रोल के साथ ट्यूमर रिमूवल और रिकंस्ट्रक्शन अधिक सटीक तरीके से किया जा सकता है, जिससे मरीजों को छोटे चीरे, कम कॉम्प्लिकेशन और तेजी से रिकवरी का लाभ मिलता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    बलरामपुर में इंटर में भावना यादव 91.60% के साथ टॉपर:बेटियों-बेटों का शानदार प्रदर्शन, ग्रामीण छात्रों ने भी मारी बाजी
    Next Article
    सहारनपुर में 12वीं में बुशरा ने टॉप किया:456 अंक के साथ जिले में पहला स्थान मिला, अक्षित दूसरे और मानव तीसरे नंबर पर

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment