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    ऑटो ड्राइवर का बच्चों सहित अपहरण मामले में बड़ा खुलासा:दत्तक पुत्री से अफेयर में बाधा बनने पर ऑटो ड्राइवर का दोनों बच्चों सहित हुआ था अपहरण

    2 hours ago

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    बरेली में एक भीषण सड़क हादसे ने गुड़गांव से शुरू हुए सनसनीखेज किडनैपिंग केस का पर्दाफाश कर दिया है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि ऑटो ड्राइवर मनोज की दत्तक पुत्री से अफेयर में बाधा बनने पर आरोपियों ने पिता और दो मासूम बच्चों का अपहरण किया था। लेकिन बरेली के सीबीगंज में किडनैपर्स की बोलेरो एक टैंकर से टकरा गई, जिसमें मुख्य आरोपी समेत तीन बदमाशों की मौत हो गई। पुलिस ने घायल किडनैपर के मोबाइल वीडियो से पूरी साजिश को डिकोड किया और फरीदपुर में बंधक बनाए गए पिता को सकुशल मुक्त कराया। दरअसल, गुड़गांव में ऑटो ड्राइवर के रूप में काम करने वाले मनोज की 15 साल की अडॉप्टेड बेटी से आरोपी मनमोहन का अफेयर चल रहा था। मनोज इस रिश्ते के खिलाफ था क्योंकि लड़की नाबालिग थी और उनकी कास्ट भी अलग थी। इसी से नाराज होकर मनमोहन ने शनिवार शाम करीब 7:30 बजे मनोज और उसके दो मासूम बेटों का अपहरण कर लिया था। हादसे ने बिगाड़ा किडनैपर्स का प्लान, घायल आरोपी प्रिंस के मोबाइल ने खोले कई गहरे राज रविवार दोपहर किडनैपर्स बच्चों को दूसरी लोकेशन पर शिफ्ट करने की तैयारी में थे। दोपहर करीब 3 बजे उनकी बोलेरो बेकाबू होकर सड़क किनारे खड़े एक टैंकर से टकरा गई। इस क्रैश में मुख्य आरोपी मनमोहन, उसके साथी सिकंदर और विशेष यादव की मौके पर ही डेथ हो गई। पुलिस ने मौके से घायल किडनैपर प्रिंस को पकड़ा और उसका मोबाइल चेक किया, जिसमें मनोज और बच्चों के वीडियो मिले। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो प्रिंस ने बताया कि मनोज को मनमोहन के पिता नत्थू के घर बरेली के फरीदपुर में बंधक बनाकर रखा गया है, जिसके बाद पुलिस ने मनोज को रेस्क्यू किया। मर्डर केस में जेल काट चुके हैं आरोपी, 15 दिन पहले गोरखपुर से खरीदी गई थी बोलेरो पुलिस जांच में पता चला है कि मनमोहन और उसका पिता नत्थू पहले भी एक मर्डर केस में जेल जा चुके हैं। मनमोहन 11 महीने और नत्थू 27 महीने जेल में रहकर फिलहाल बेल पर बाहर आए थे। वारदात में इस्तेमाल हुई बोलेरो को मनमोहन ने मात्र 15 दिन पहले ही गोरखपुर से खरीदा था, जिसे अभी अपने नाम ट्रांसफर भी नहीं कराया था। फिलहाल आरोपी नत्थू और घायल प्रिंस को हिरासत में लिया गया है। चूंकि अपहरण का मुकदमा गुड़गांव में दर्ज है, इसलिए गुड़गांव पुलिस इन्हें अपने साथ ले जाएगी। प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती हैं मासूम लक्ष्य और मयूर इस हादसे में मनोज के दोनों बेटों- 3 साल के लक्ष्य और 6 साल के मयूर को काफी चोटें आई हैं। दोनों का फिलहाल प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। मनोज और उसकी पत्नी पूजा अस्पताल में बच्चों के पास हैं। पुलिस मामले की डिटेल्ड इन्वेस्टिगेशन कर रही है।
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