Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ओलिंपिक चैम्पियन पिता के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी करेगा बेटा:दिग्गज ​ब्रिटिश तैराक डेविड विल्की के बेटे एडम खास तरीके से देना चाहते हैं श्रद्धांजलि

    3 hours ago

    1

    0

    ब्रिटेन के 33 वर्षीय मार्केटिंग मैनेजर एडम विल्की ने अपनी नौकरी छोड़कर एक ऐसा मिशन शुरू किया है, जिसे खेल के जानकार पूरी तरह से असंभव मान रहे हैं। एडम ने खुद को एक साल का समय दिया है, ताकि वे अपने दिवंगत पिता और दिग्गज ब्रिटिश ओलिंपियन डेविड विल्की के 50 साल पुराने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर सकें। एडम का पेशेवर तैराकी से कभी कोई नाता नहीं रहा है। लेकिन, 2024 में कैंसर से पिता के निधन के बाद उन्हें एक अनोखी श्रद्धांजलि देने के लिए उन्होंने यह कठिन फैसला लिया है। डेविड विल्की 1970 के दशक के सबसे आइकॉनिक तैराकों में से एक थे। डेविड ने 1976 के मॉन्ट्रियल ओलिंपिक में 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में 2 मिनट 15.11 सेकंड का समय निकालते हुए गोल्ड मेडल जीता था। यह उस समय का एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड था। अब एडम का लक्ष्य ठीक 50 साल बाद, इसी 2 मिनट 15.11 सेकंड की टाइमिंग को हासिल करना है। हालांकि, पिछले 50 वर्षों में यह रिकॉर्ड करीब 10 सेकंड कम हो गया है, लेकिन 2 मिनट 15 सेकंड का समय अब भी इतना शानदार है कि पिछले साल की ब्रिटिश चैम्पियनशिप में इस टाइमिंग के साथ कोई भी तैराक आसानी से टॉप-5 में अपनी जगह बना लेता। एडम के लिए यह सफर किसी पहाड़ पर चढ़ने जैसा है। बचपन में जिस एडम को स्विमिंग पूल के गहरे पानी से डर लगता था, वो अब हफ्ते में छह से आठ मुश्किल स्विमिंग सेशन करेंगे। एडम ने बताया कि 18 साल की उम्र के बाद से उन्होंने कभी गंभीरता से तैराकी नहीं की। लेकिन अब वे एक पेशेवर कोच की देखरेख में फुल-टाइम ट्रेनिंग ले रहे हैं। वे इस हफ्ते शुरू हुई एक्वेटिक्स जीबी स्विमिंग चैम्पियनशिप में भी हिस्सा ले रहे हैं। एडम का कहना है, ‘यह सफर बेहद दर्दनाक होगा। ऐसे भी पल आएंगे जब मैं पूल के किनारे बैठकर खुद से पूछूंगा कि मैंने आखिर यह पागलपन क्यों चुना। हर कोई कह रहा है कि मेरा कोई चांस नहीं है, लेकिन मैं यह करना चाहता हूं। मैं खुद को उस सबसे महान इंसान के मानकों पर आजमाना चाहता हूं, जिसे मैं जानता था- मेरे पिता।’ उन जगहों पर भी जाएंगे एडम, जहां उनके पिता ने की थी तैराकी इस एक साल के अभियान के दौरान एडम उन ऐतिहासिक जगहों की यात्रा भी करेंगे, जहां उनके पिता ने तैराकी की थी। इनमें श्रीलंका (जहां डेविड का जन्म हुआ था), स्कॉटलैंड, मियामी, मॉन्ट्रियल शामिल हैं। इसके साथ ही वे युवा खिलाड़ियों के सपनों को सपोर्ट करने वाली संस्था ‘स्पोर्ट्स एड’ के लिए चैरिटी फंड भी जुटाएंगे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    IPL में बेंगलुरु-दिल्ली, RCB का 5वां विकेट गिरा:टिम डेविड 26 रन बनाकर आउट, अक्षर को दूसरा विकेट; टीम का स्कोर 100 रन पार
    Next Article
    "ढाक का तीन पात" साबित हुआ मुनीर का तीन दिवसीय ईरान दौरा, तेहरान ने दो टूक कहा-नहीं छोड़ेंगे परमाणु कार्यक्रम

    Related स्पोर्ट्स Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment