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    पीएम मोदी ने मेलोनी को बधाई दी:सबसे लंबे समय तक इटली की प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड, लगातार 1413 दिन से सत्ता में

    3 hours ago

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने पर बधाई दी है। मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में मेलोनी को अपनी मित्र बताते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि इटली के लोगों के उनके नेतृत्व पर भरोसे और विश्वास को दिखाती है। उन्होंने कहा कि मेलोनी की दोस्ती भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में भी अहम रही है। मोदी ने दोनों देशों के लोगों के बेहतर भविष्य के लिए आगे भी मिलकर काम करने की उम्मीद जताई। प्रधानमंत्री ने मेलोनी को आने वाले वर्षों में सफलता के लिए शुभकामनाएं भी दीं। इटली गणराज्य बनने के बाद सबसे लंबा कार्यकाल जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने शुक्रवार को लगातार 1413 दिन सत्ता में रहकर इटली में नया रिकॉर्ड बनाया। 1946 में इटली गणराज्य बनने के बाद यह किसी एक कैबिनेट का सबसे लंबा लगातार कार्यकाल है। मेलोनी ने पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी की दूसरी सरकार का रिकॉर्ड तोड़ा है। बर्लुस्कोनी की दूसरी कैबिनेट 2001 से 2005 तक 1412 दिन सत्ता में रही थी। मेलोनी 22 अक्टूबर 2022 को इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। वे दक्षिणपंथी पार्टी ‘ब्रदर्स ऑफ इटली’ की प्रमुख भी हैं। मेलोनी ने भी मोदी को दी थी बधाई जून 2026 में जब नरेंद्र मोदी ने 4399 दिन लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहकर जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा था, तब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी उन्हें बधाई दी थी। मेलोनी ने सोशल मीडिया पर लिखा था, “बधाई हो नरेंद्र मोदी। आज आप भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।” मेलोनी की पार्टी आज मनाएगी जश्न मेलोनी की पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली (FdI) ने सरकार के रिकॉर्ड कार्यकाल के जश्न में शुक्रवार शाम दक्षिणी शहर बारी में बड़ी रैली आयोजित की है। इसमें मेलोनी भी भाषण देंगी। रैली में हजारों समर्थकों के पहुंचने की उम्मीद है। करीब 80 बसों से समर्थकों को बारी लाया जा रहा है, जबकि कार्यक्रम स्थल पर करीब 10 हजार लोगों के बैठने की क्षमता है। मेलोनी ने सरकार के लंबे कार्यकाल को बड़ी उपलब्धि बताया है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि सरकार ने लंबे समय तक सत्ता में बने रहने को ही अपनी उपलब्धि बना लिया है। यह रैली 2027 के चुनाव से पहले चुनावी ताकत दिखाने के कार्यक्रम के तौर पर भी देखी जा रही है। इटली में सरकारें औसतन 13 महीने ही चलती हैं इटली में पिछले कई दशकों से सरकारों के बार-बार बदलने और राजनीतिक अस्थिरता का इतिहास रहा है। 80 साल पहले गणराज्य बनने के बाद से देश में 68 सरकारें बन चुकी हैं। इन सरकारों का औसत कार्यकाल करीब 13 महीने रहा है। ऐसे में मेलोनी की तीन दक्षिणपंथी और कंजरवेटिव पार्टियों वाली गठबंधन सरकार का करीब 4 साल तक टिकना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इटली में सरकारें जल्दी क्यों गिरती हैं? इटली की राजनीति में लंबे समय से कई पार्टियों का दबदबा रहा है। चुनाव के बाद अक्सर किसी एक पार्टी को इतनी सीटें नहीं मिलतीं कि वह अकेले सरकार बना सके। ऐसे में सरकार बनाने के लिए अलग-अलग पार्टियों को गठबंधन करना पड़ता है। समस्या तब शुरू होती है, जब गठबंधन में शामिल पार्टियों के बीच किसी मुद्दे पर मतभेद बढ़ जाते हैं। गठबंधन की एक छोटी पार्टी भी समर्थन वापस ले ले, तो सरकार बहुमत खो सकती है। इसके बाद प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ सकता है या नई सरकार बनाने की कोशिश करनी पड़ती है। इटली में सरकार को संसद के दोनों सदनों- चैंबर ऑफ डेप्युटीज और सीनेट का समर्थन बनाए रखना जरूरी है। मोदी ने मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी दी थी मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली के दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया था। मेलोनी ने बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और मोदी को गिफ्ट के लिए धन्यवाद दिया था। मोदी और मेलोनी की साथ की तस्वीरों के बाद सोशल मीडिया पर #Melodi काफी लोकप्रिय हुई थी। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… एस्टोनिया के रक्षामंत्री ने इस्तीफा दिया:यूक्रेन को समय पर तोप के गोले नहीं दे पाए; कॉन्ट्रैक्ट में भारतीय कंपनी शामिल, अनुभव नहीं होने का आरोप एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हानो पेवकुर ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की वजह यूक्रेन के लिए की गई करीब 768 करोड़ रुपए की एक डील है। सौदे के तहत भारतीय कंपनी से जुड़ी इटली की एक फर्म को गोला-बारूद सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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