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    प्रयागराज DM ने किया तहसील सदर का औचक निरिक्षण:15 साल पुरानी फाइल देखी, लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

    5 hours ago

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    प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने गुरुवार को तहसील सदर परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालय सहित अन्य पटल एवं अनुभागों का भ्रमण कर अभिलेखों के रख-रखाव, लंबित प्रकरणों की स्थिति, जनसुनवाई व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। लंबित मामलों के निस्तारण पर सख्ती जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि सभी पुराने लंबित प्रकरणों की नियमित सुनवाई करते हुए प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। निरीक्षण के दौरान 15 वर्ष से लंबित धारा-233 से संबंधित सबसे पुरानी फाइल निकलवाकर देखी गई। फाइल में आदेश पत्र क्रम से संलग्न न होने एवं अभिलेख अद्यतन न पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और पेशकार मकसूद अहमद को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने धारा-116, 229बी, 24 सहित अन्य धाराओं से संबंधित पुराने प्रकरणों की फाइलों का अवलोकन कर निर्देश दिया कि कोई भी फाइल छह माह से अधिक लंबित न रहे। पाँच वर्ष एवं तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों की सूची बनाकर नियमित सुनवाई के माध्यम से प्राथमिकता पर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। तहसीलदार न्यायालय का निरीक्षण तहसीलदार न्यायालय में धारा-35 (म्यूटेशन) से संबंधित सबसे पुरानी लंबित फाइल की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। अंश निर्धारण, वरासत, धारा-32/38 एवं धारा-24 से संबंधित अविवादित प्रकरणों में पक्षकारों की सुनवाई कर तत्काल निर्णय सुनिश्चित करने को कहा। साफ-सफाई और अभिलेख प्रबंधन पर जोर नजारत अनुभाग में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने और फाइलों के अव्यवस्थित रख-रखाव पर उन्होंने नाराजगी जताई। निष्प्रयोज्य सामान हटाने, अभिलेखों की व्यवस्थित बाइडिंग/टेपिंग कराने तथा रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। अभिलेखागार के निरीक्षण के दौरान बस्ता सूची के अनुसार फाइलों को व्यवस्थित रखने और सभी खतौनियों को ऑनलाइन फीड कराने के निर्देश दिए गए। जिन खतौनियों में सरकारी भवन अथवा कार्यालय स्थित हैं, उन्हें अभिलेखों में दर्ज करने को कहा गया। वसूली और भूमि प्रबंधन की समीक्षा संग्रह अनुभाग में सबसे बड़े बकायेदारों की जानकारी लेते हुए जिलाधिकारी ने वसूली योग्य शीर्ष दस बकायेदारों की संपत्तियों का मूल्यांकन कर नीलामी की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साप्ताहिक वसूली सूची को अद्यतन रखने पर भी जोर दिया। राजकीय आस्थान से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सरकारी भूमि की नक्शों पर मैपिंग एवं भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। अवैध कब्जों से संबंधित शिकायतों के लिए अलग रजिस्टर बनाए जाने को कहा। आधारभूत सुविधाओं के लिए निर्देश जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में जर्जर भवनों के मरम्मत कार्य हेतु व्यय का आकलन कर प्रस्ताव भेजने, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने और कार्यालयी अनुशासन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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